World humanitarian day : लेकिन विश्व में खत्म हो रही है इंसानियत !
बेंगलौर। आज विश्व मानवतावाद दिवस है। लेकिन अफसोस आज सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्व भी आतंकवाद की आग में झुलस रहा है। अमानवीय घटनाओं की सूची दिन-ब- दिन लंबी होती जा है। मानव अधिकारों को ताक पर रखकर ये आतंकवादी या अलगाववादी दूसरे मनुष्यों की जान लेने से पहले हिचकते तक नहीं है। आईएसआईएस ने अपनी तमाम वीडियो को सोशल साइट्स पर शेयर किया है, जिसमें उनकी क्रूरता की सीमा आंकी नहीं जा सकती है। ऐसे में मानवता दिवस मनाना कहीं खोखला सा लगता है।
करोड़ों की संख्या में हर रोज मरते लोगों को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि विश्व से इंसानियत खत्म होती दिख रही है। कहीं आतंकवाद में हजारों लोग निर्ममता के साथ मार दिए जा रहे हैं तो कहीं बलात्कारों का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा।
बहरहाल, हम आपको यहां बताने जा रहे हैं, विश्व की कुछ अमानवीय घटनाएं, जिसने मानवता से लोगों का विश्वास हिला डाला।
हर स्लाइडर पर पढ़िए, विश्व की अमानवीय घटनाओं से जुड़ी जानकरी।

लाखों लोगों को उतारा मौत के घाट
इस्लामिक आतंकी समूह आईएसआईएस ने सारे मानवीय आधारों को हिला कर रख दिया है। हजारों इराकी नागरिकों को गोलियों से भून देने बाद अब वे इराक में रहने वाले याजिदी समूहों के साथ भी अति क्रूर व्यवहार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, आईएसआईएस आतंकियों ने बच्चों पर भी रहम नहीं बख्सा। आतंकियों ने अब तक हजारों महिलाओं एवं बच्चों को जिंदा ही दफना दिया है।

2000 से ज्यादा लोग मारे गए
अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की तमाम कोशिशों के बावजूद इजरायल-गाजा युद्धविराम के लिए तैयार नहीं है। लेकिन इजरायल- हमास के बीच इस युद्ध में हजारों मासूमों की हत्या भी की जा रही है। इजरायल की ओर कई रॉकेट मुख्य इलाकों में गिराए जा रहे हैं। जिसकी वजह से लाखों लोग बेघर हो गए हैं, जबकि हजारों को जान से हाथ धोना पड़ा है।

दंगो में नंबर 1 है यूपी
सहारनपुर दंगा हो या मुजफ्फरनगर। कुछ दिनों तक चलने वाले इन दंगों का असर सालों दिखता है। इससे हजारों लोग प्रभावित होते हैं। वहीं, इन्हीं दंगों के बीच राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों को भी सुनहरा मौका मिल जाता है। लेकिन इसमें फंसे हजारों लाखों लोगों की दर्द शायद वही समझ सकते हैं।

बलात्कारों की संख्या डराने वाली है
भारत जैसे देश में जहां हर दिन लगभग 93 बेटियों, बहनों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया जाता है। वहां लड़कियों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह उठाना कोई नई बात नहीं है। कानून का डर जैसे गायब होता जा रहा है। देश के आलाकमान भले ही सुरक्षा की कितनी बातें कर लें। लेकिन सच्चाई का भयानक चेहरा सबके सामने है।

आतंकवाद है बड़ी समस्या
आतंकवाद जैसी विकट समस्या से सिर्फ इराक ही नहीं, विश्व के कई देश जूझ रहे हैं। इराक हो सीरिया, नाईजीरिया, यूक्रेन, भारत, पाकिस्तान लगभग हर देश आतंकवाद के शिंकजे में फंसा है। कोई इसका डटकर मुकाबला कर रहा है तो कोई इसके सामने हारता दिख रहा है।

सालों से सीरिया जूझ रहा है
सीरिया सालों से आतंकवाद के शिंकजे में दबा हुआ है। आईएसआईएस ही नहीं, बल्कि वहां अन्य आतंकी संगठनों का भी गढ़ है। 2011 में शुरु हुआ गृह युद्ध यहां भयानक स्वरूप ले चुका है। जिस वजह से लाखों की मौत हुई है, जबकि करोड़ों लोग बेघर हो गए हैं।












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