Hong Kong Air Tickets: चीन बांट रहा है हांगकांग की लाखों मुफ्त फ्लाइट टिकट, जानें क्या है असली वजह?
चीन के स्पेशल पावर वाले शहर हांगकांग प्रशासन ने 5 लाख मुफ्त हवाई टिकट देने का फैसला किया है। पिछले 3 साल से कोरोना महामारी का दंश झेल रहे इस शहर ने पर्यटकों को लुभाने के लिए कई इंतजाम किए हैं।

Hong Kong Air Tickets: हांगकांग प्रशासन ने दुनिया के अलग-अलग देशों के 5 लाख लोगों को मुफ्त हवाई टिकट देने का फैसला किया है। इसके लिए वहां की लोकल सरकार ने 'हेलो हांगकांग' कैंपेन की घोषणा की है। इन हवाई टिकट्स पर आने वाले खर्चे का वहन वहां की सरकार करेगी। हांगकांग प्रशासन के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली ने इस बात की घोषणा की है। हांगकांग सरकार की यह पहल कोरोना महामारी की वजह से खत्म हो चुके पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए है। साथ ही, पिछले तीन सालों में हांगकांग की चरमराई अर्थव्यवस्था को भी इससे मदद मिलेगी।
2020 की शुरुआत में आई कोरोना महामारी की वजह से हांगकांग ही नहीं पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा था। हालांकि, भारत समेत कई देश इससे धीरे-धीरे उबर रहे हैं। वहीं, दक्षिण चीनी शहर हांगकांग अभी भी इससे उबर नहीं पाया है। कोरोना महामारी खत्म होने के बाद वहां के प्रशासन ने इसकी रीब्रांडिंग के लिए यह यह कैंपेन चलाने का फैसला किया है।
कोरोना ने किया अर्थव्यवस्था का बुरा हाल
1984 में हुए चीन व ब्रिटेन के ज्वाइंट डिक्लरेशन के बाद 1997 से चीन के स्पेशल अधिकार वाले क्षेत्र हांगकांग सरकार का हेड चीफ एक्जीक्यूटिव होता है, जिसे चीनी स्टेट काउंसिल अपॉइंट करती है। हांगकांग की अर्थव्यवस्था मुख्य तौर पर सर्विसेज पर आधारित है, जिनमें टूरिज्म मुख्य रूप से शामिल है। यह दुनिया की 35वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जहां की जीडीपी लगभग 373 बिलियन डॉलर है। इसके अलावा हांगकांग एशिया की सबसे बड़े मैन्युफेक्चरिंग अर्थव्यवस्था में से एक है। कोरोना महामारी की वजह से हांगकांग की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन बाजार को भी बड़ा धक्का लगा है।
साउथ चाईना पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 आने के बाद हांगकांग से 130 से ज्यादा विदेशी कंपनियों ने पिछले तीन साल में अपने दफ्तर बंद कर दिए हैं। हाल में किए गए एक सर्वे के मुताबिक, 253 से ज्यादा जापानी कंपनियां यहां क्वालिटी वर्कर्स चाहती हैं। वहां के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में चीनी सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से हांगकांग से 1.4 लाख मजदूरों ने शहर छोड़ दिया, जिसकी वजह से वहां की अर्थव्यवस्था में 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। हांगकांग की अर्थव्यवस्था चरमराने के बाद वहां की सरकार ने फ्री में सैलानियों को हांगकांग आने का न्योता दिया है, ताकि इससे वहां की आर्थिक मंदी खत्म हो सके।
जीडीपी में भारी गिरावट
ब्लूमबर्ग की अक्टूबर 2022 में आई रिपोर्ट के मुताबिक, हांगकांग की अर्थव्यवस्था 4.5 प्रतिशत तक गिर गई है। इसका मुख्य कारण हांगकांग में तैयार हुए प्रोडक्ट्स की कमजोर मांग और कार्गो ऑपरेशन है। 2022 की पहली तिमाही में यहां की जीडीपी में साल-दर-साल 1.3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गयी। कोरोना वायरस की पांचवी लहर ने हांगकांग की अर्थव्यवस्था को और ज्यादा चोट पहुंचाई थी। साल की दूसरी तिमाही में जीडीपी की यह गिरावट बढ़कर 3.9 प्रतिशत तक पहुंच गई। चीन द्वारा लगाए गए सख्त कोरोना प्रतिबंधों की वजह से क्रॉस-बॉर्डर कार्गो मूवमेंट साल की तीसरी तिमाही में भी बंद रहा। हांगकांग का कुल निर्यात 2021 की तीसरी तिमाही के मुकाबले 15.5 प्रतिशत तक गिर गया। वहीं, आयात में भी 16 प्रतिशत की साल-दर-साल गिरावट देखी गई।
पर्यटन का भी हाल बेहाल
पर्यटन सेक्टर की बात करें तो यहां आने वाले सैलानियों के लिए होटल के क्वारेंटाइन के सख्त नियम थे। यहां आने वाले पर्यटकों को तीन दिन के लिए होटल या घर में सख्त मेडिकल सर्विलांस के साथ गुजरना पड़ता है। इस दौरान वे बाहर तो जा सकते हैं, लेकिन उनकी रेगुलर कोरोना टेस्टिंग की जाती है। यही नहीं, इन पर्यटकों को फूड स्टॉल, रेस्टोरेंट्स और बार में जाने की मनाही भी है। चीन और हांगकांग सरकार के इन सख्त कोरोना गाइडलाइंस की वजह से टूरिज्म सेक्टर पूरी तरह से खत्म होने के कगार पर है। इसके अलावा यहां रहने वाले मजदूर भी यहां से पलायन कर चुके हैं, जिन्हें दोबारा लाए बिना यहां के सर्विस सेक्टर में फिर से रौनक नहीं लौटेगी। आर्थिक मंदी की वजह से बेरोजगारी की दर भी लगातार बढ़ी है।
सैलानियों को मिलेगा स्पेशल ट्रीटमेंट
हांगकांग के प्रशासन ने घोषणा की है कि यहां जो भी पर्यटक आएंगे उन्हें न तो आइसोलेशन और न ही क्वारेंटाईन किया जाएगा। साथ ही, उन पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। हांगकांग सरकार का यह कैंपेन अगले महीने यानी मार्च से शुरू हो रहा है। यहां की लोकल एयरलाइंस कंपनियां कैथी पैसिफिक, एचके एक्सप्रेस, और हांगकांग एयरलाइन्स में यात्री मुफ्त में हवाई यात्रा कर सकेंगे। हांगकांग एशिया के सबसे बड़े और समृद्ध शहरों में से एक रहा है, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से यहां का पर्यटन सेक्टर लगभग खत्म हो गया है। यही नहीं, कई कंपनियों ने अपने दफ्तर भी यहां से शिफ्ट कर लिए हैं।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
हैलो हांग-कांग कैंपेन के लिए हांगकांग सरकार कितना खर्च करेगी, इसका कोई आधिकारिक ब्योरा फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, इस कैंपेन का सरकार जोर-शोर से प्रमोशन करने जा रही है। इसके लिए दुनियाभर में 3,000 प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से प्रमोशन किया गया है। इसमें कई बिजनेस लीडर्स, सोशल इंफ्लूएंशर्स, हांगकांग सुपर फैन्स और हांगकांग के लोकप्रिय सेलिब्रिटीज शामिल हैं। हांगकांग आने वाले सैलानियों के लिए सरकार ने शहर में 16 हजार आउटलेट्स बनाए हैं। यहां आने वाले सैलानियों को मुफ्त हवाई टिकट के साथ बार और रेस्टोरेंट्स में फ्री वेलकम ड्रिंक्स, रेस्टोरेंट और होटल्स के लिए कैश वाउचर्स दिए जाएंगे, जिसे पर्यटक रिडीम कर सकेंगे।
यही नहीं, यहां की सरकार हांगकांग में आने वाले सैलानियों के लिए पूरे साल 250 से ज्यादा इवेंट्स और फेस्टिवल आयोजित करने का फैसला किया है। इनमें मुख्य तौर पर हांगकांग मैराथन, क्लॉकफ्लेप म्यूजिक फेस्टिवल, आर्ट बेसल, म्यूजियम समिट 2023, हांगकांग रग्बी सेवन्स, हांग कांग वाइन एंड डाइन फेस्टिवल और न्यू ईयर काउंट डाउन सेलिब्रेशन शामिल हैं। यहां आने वाले पर्यटक इन सभी आयोजनों का आनंद ले सकेंगे, जिसकी वजह से बाहर से आने वाले पर्यटकों की झिझक खत्म होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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