Hardeep Nijjar: कौन था हरदीप निज्जर, जो बना भारत और कनाडा के बीच तनाव का कारण

हरदीप सिंह निज्जर मूल रूप से भारत का नागरिक था जिसने बाद में कनाडा की नागरिकता ले ली। 18 जून 2023 को एक गुरुद्वारे के बाहर उसकी किसी अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी। कनाडा में वह भारत विरोधी आंदोलन का अगुआ था और वह पंजाब को खालिस्तान बनाने की मुहिम का नेतृत्व कर रहा था।

हरदीप एक खतरनाक आतंकवादी भी था जिस पर हत्या और अन्य अपराधों का मुकदमा भी दर्ज था। उसकी मौत के तीन महीने बाद एक नया बखेड़ा खड़ा हुआ, जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपनी संसद में यह आरोप लगाया कि इस आरोप में दम है कि निज्जर की हत्या में भारत सरकार की भूमिका है।

Who was Hardeep Nijjar

यह कोई राजनीतिक आरोप नहीं है, दो देशों के बीच राजनयिक संबंधों पर इसका असर पड़ रहा है। आखिर कौन था हरदीप जिसकी मौत भारत और कनाडा के बीच तनाव का कारण बनी हुई है।

हरदीप का जन्म पंजाब में जालंधर के भारसिंहपुर गांव में हुआ था। वह 1997 में रोजी रोटी की जुगाड़ में कनाडा गया था। पहले उसने प्लंबर के रूप में काम किया और बाद में वह कनाडा के पश्चिमी प्रांत ब्रिटिश कोलंबिया में एक धार्मिक नेता बन गया। उसके सिख नेता बनने की भी अगल कहानी है।

पलंबिंग के काम में ज्यादा पैसा नहीं होने के कारण हरदीप किसी ऐसे काम की खोज में था, जिससे अच्छी आमदनी हो सके। इसी बीच साल 2000 में उसकी मुलाकात आतंकी संगठन बब्बर खालसा के प्रमुख जगतार सिंह से हुई। वहीं उसे पता चल गया कि भारत विरोधी गतिविधियों के लिए काफी पैसा आता है और तभी वह खालिस्तानी आंदोलन से जुड़ गया। उसने 2011 में खालसा टाइगर फोर्स की स्थापना की ओर फिर बाद में प्रतिबंधित सिख संगठन सिख फॉर जस्टिस से भी जुड़ गया।

उसने भारत में खालिस्तान टाइगर फोर्स की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए लोकल लड़कों की भर्ती की और अवैध हथियारों के जरिए हिंसक गतिविधियों में लिप्त हो गया। भारत में भी हरदीप के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज कराए गए। एनएआई ने उसे अपनी लिस्ट मे मोस्ट वांडेड की श्रेणी में रखा था। पंजाब में खालिस्तान के लिए अभियान चलाने के आरोप में भारत ने 2020 में उसे आतंकवादी घोषित कर दिया था।

कैसे हुई निज्जर की हत्या
18 जून 2023 की शाम को सर्रे शहर में गुरु नानक सिख गुरुद्वारे की व्यस्त पार्किंग में, ट्रक में आए दो नकाबपोश बंदूकधारियों ने गोली मारकर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी थी। हत्या के महीनों बाद भी कनाडा की सरकार इस मौत की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है और ना ही सैन और टोरंटों में लगातार हो रहे भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को ही रोकने की कार्रवाई कर रही है।

अब 18 सितंबर को प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की मौत के पीछे भारत का हाथ होने का आरोप लगाया और कहा कि कनाडाई खुफिया विभाग ने उसकी मौत और भारतीय राज्य के एजेंटों के बीच संबंध के विश्वसनीय आरोपों की पहचान की है। जाहिर है भारत सरकार ने इस पर अपना विरोध प्रकट किया है और हरदीप की हत्या में अपना हाथ होने से इनकार किया है।

भारत का साफ कहना है कि वह एक आतंकवादी था और एक उग्रवादी अलगाववादी समूह का नेतृत्व करता था। कनाडा को ऐसे लोगों पर सख्ती से पेश आना चाहिए, जबकि कनाडा सरकार भारत विरोधी गतिविधियों को रोकने के बजाय अलगाववादियों और आतंकियों को प्रश्रय दे रही है।

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