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Gurpatwant Pannu: कौन है खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू, जिसने दी है राहुल गांधी को पंजाब न आने की धमकी

खालिस्तानी आतंकी पुरपतवंत सिंह पन्नू एक बार फिर चर्चाओं में है। पन्नू पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के इशारे पर एक बार फिर पंजाब में आतंक की आग सुलगाने की कोशिश में है।

Who is Khalistani terrorist Gurpatwant Singh Pannu who threatened to Rahul Gandhi

Gurpatwant Pannu: हाल ही में पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में SSP उपिंदरजीत सिंह घुम्मण के कार्यालय की दीवारों पर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे मिले। इस पूरे मामले की जिम्मेदारी विदेश में बैठे आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने ली है। साथ ही राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा लेकर पंजाब में न आने की धमकी भी दी है। बता दें कि इससे पहले भी यात्रा रोकने की धमकी दी जा चुकी है। फिलहाल पुलिस ने नारे मिटा दिये हैं और नारे लिखने वालों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

पन्नू ने एक वीडियो जारी करके 1984-1991 में पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या का जिक्र भी किया। साथ ही स्पष्ट किया कि अब 11 जनवरी 2023 को खालिस्तानी समर्थक पंजाब में दाखिल होने पर राहुल गांधी को भी रोकेंगे। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा इसी दिन पंजाब में प्रवेश कर रही है।

कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?

मूल रूप से अमृतसर के खानकोट गांव के रहने वाले पन्नू ने पंजाब विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक किया है। बाद में वह विदेश चला गया और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के सहयोग से पंजाब में खालिस्तानी अलगाववादी मुहिम को फिर से जिंदा करने की कोशिश में है। उसके पिता महिंदर सिंह, पंजाब राज्य कृषि विपणन बोर्ड में कर्मचारी थे। पन्नू, तीन भाई-बहनों में से एक था। फिलहाल वह अब अमेरिका और कनाडा में रह रहा हैI

पन्नू, अमेरिका स्थित अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापकों में से एक है। यह संगठन 2007 में स्थापित किया गया था। भारत सरकार ने SFJ के अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते उसे 2019 में प्रतिबंधित कर दिया था। कई वर्षों से सक्रिय, SFJ का सबसे हालिया अलगाववादी अभियान को 'रेफरेंडम 2020' था, जिसने कथित रूप से पंजाब को भारतीय कब्जे से मुक्त कराने का अभियान चलाया गया था।

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत SFJ पर प्रतिबंध लगाने वाली केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि सिखों के लिए तथाकथित जनमत संग्रह की आड़ में, SFJ पंजाब में अलगाववाद और उग्रवादी विचारधारा का समर्थन कर रहा है, जबकि विदेशी धरती पर सुरक्षित ठिकानों से काम कर रहा है और अन्य देशों में बाहरी ताकतों की मदद से सक्रिय है।

भारतीय नेताओं के खिलाफ चलाया अभियान

पन्नू कई भारतीय नेताओं के खिलाफ अभियान चला रहा है। SFJ ने कांग्रेस नेता कमलनाथ सहित कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग को लेकर अमेरिका की अदालतों का दरवाजा खटखटाया था। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2013 में, मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा के दौरान, वाशिंगटन की एक संघीय अदालत ने SFJ की एक याचिका पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन पीएम को समन भी जारी कर दिया था। उस समन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भारत में सिख समुदाय पर मानवता के खिलाफ अपराधों को वित्तपोषित करने का आरोप लगाया गया थाI

2016 में, पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को SFJ द्वारा दायर एक मामले के बाद कनाडा की यात्रा रद्द करनी पड़ी थी। पन्नू ने 2002 के गुजरात दंगों और अभिनेता अमिताभ बच्चन के संबंध में विदेशों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी मामले दर्ज करवा रखे हैं।

पन्नू पर दर्जनों मामले हैं दर्ज

भारत में SFJ और पन्नू के खिलाफ लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं, जिनमें पंजाब में देशद्रोह के तीन मामलें भी शामिल हैं। पंजाब पुलिस द्वारा तैयार एक डोजियर में SFJ की सोशल मीडिया पर कई अलगाववादी पोस्टों को सूचीबद्ध किया गया है। पन्नू पर बगावत फैलाने सहित साम्प्रदायिक दंगे भड़काने की मंशा से उकसाने, राजद्रोह और पूजा स्थल पर अपराध करने जैसे संगीन आरोप हैं।

SFJ पर पुर्तगाल में परमजीत सिंह पम्मा और हांगकांग में नाभा जेलब्रेक मास्टरमाइंड रमनजीत सिंह रोमी सहित भारत द्वारा वांछित भगोड़ों के प्रत्यर्पण को रोकने के लिए कानूनी मदद के आरोप भी हैं। बेअंत सिंह हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा की रिहाई के लिये भी SFJ और पन्नू अभियान चला रहे हैं।

जनवरी 2021 में, किसान आंदोलन के बीच, NIA ने पन्नू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और विभिन्न किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके धन के स्रोत की जांच के लिए समन जारी किया। पन्नू सोशल मीडिया पर अत्यधिक सक्रिय है और पंजाबी में ऑडियो-वीडियो जारी कर अपनी बात रखता है। वह भारतीय सरकारी भवनों पर खालिस्तान का झंडा फहराने वालों को भी इनाम देने की कई बार घोषणा कर चुका है।

जुलाई 2020 में भारत सरकार ने पन्नू और उसके साथ हरदीप सिंह निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था। उसके बाद NIA ने UAPA 1967 की धारा 51A के तहत अमृतसर स्थित उसकी अचल संपत्तियों को जब्ती का आदेश दिया था।

युवाओं को भटकाने की साजिश

गुरपतवंत सिंह पन्नू पैसों का लालच देकर पंजाब के युवाओं को भटकाने की कोशिश करता रहता है। 2020 में उसने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर पंजाब के छात्रों से स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों में खालिस्तानी झंडा फहराने की अपील की थी। बदले में उसने छात्रों को आईफोन-12 स्मार्टफोन देने का लालच दिया था।

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    इसी तरह उसने ऐलान किया था कि जो शख्स भारत के स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराएगा, उसे 5 लाख डॉलर का नगद इनाम दिया जायेगा। पंजाब के ब्लॉकों में ऐसा करने पर 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया था।

    यह भी पढ़ें: Politics and Yatra: राजनीतिक यात्राओं और पदयात्राओं का रेला

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