WHO के टिप्स से डायबिटीज और हार्ट की बीमारी से बचें, खाते हैं ऐसी चीजें तो हो जाएं सावधान
सेहत ठीक रहे, डायबिटीज, कैंसर और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों से बचे रहें, इसके लिए WHO ने चार टिप्स दिए हैं। who health tips diabetes heart disease stroke
नई दिल्ली, 24 अगस्त : कोरोना महामारी का दौर शुरू होने के बाद इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आए दिन कई चीजें खाने और पीने के सुझाव दिए जा रहे हैं। इंटरनेट की दुनिया में बीमारियों से बचने के कई सुझाव और टिप्स वायरल होते हैं, लेकिन अब डब्लूएचओ ने कहा है कि अगर खाने-पीने की कुछ मामली बातों पर ध्यान दिया जाए तो बीमारियों से बचा जा सकता है। WHO का कहना है कि खान-पान की चार अहम बातों का ध्यान रखा जाए तो डायबिटीज, हार्ट अटैक जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।

डायबिटीज से बचाव
भारत को डायबिटीज कैपिटल कहा जाता है। डब्लूएचओ ने हेल्थ टिप्स शेयर करते हुए बताया है कि खानपान का ध्यान रखने पर मधुमेह की बीमारी से बचा जा सकता है। युवावस्था से ही खानपान का ध्यान रखा जाए तो डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी से बचा जा सकता है। ब्लड प्रेशर की तरह मधुमेह भी एक ऐसी बीमारी है जो कई बार इतनी ज्यादा गंभीर हो जाती है कि शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित करने लगती है। डब्लूएचओ ने एक ट्वीट कर बताया है कि चार हेल्थ टिप्स को फॉलो कर डायबिटीज, हार्ट की बीमारी और कैंसर जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।

16 मिलियन से अधिक लोगों की मौत
फ्यूचर में हार्ट की बीमारी से बचना हो तो सबसे बुनियादी उपाय कम फैट वाले दूध का सेवन करना चाहिए। WHO की स्टडी के मुताबिक दुनियाभर में 70 फीसद लोगों की मौत दिल के दौरे यानी हार्ट अटैक, कैंसर, डायबिटीज और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों या समस्याओं के कारण होती है। भले ही लोगों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी घटी हो, लेकिन WHO के मुताबिक मरने वाले 16 मिलियन से अधिक लोग 70 साल से कम आयु वाले रहे।

बेलगाम खानपान के अलावा स्मोकिंग
बीमारियों का कारण बताते हुए WHO ने कहा कि तंबाकू का सेवन बढ़ना सेहत खराब होने का प्रमुख कारण है। बता दें कि स्मोकिंग के अलावा पैसिव स्मोकिंग यानी किसी सिगरेट पीने वालों के सामने खड़ा होना भी सेहत के लिए हानिकारक बताया गया है। सेहत खराब होने के अन्य कारणों में WHO के मुताबिक शारीरिक गतिविधियों में कमी यानी व्यायायाम, टहलना या सीढ़ियों का इस्तेमाल लगभग खत्म हो जाना भी प्रमुख है। इसके अलावा शराब का बेलगाम सेवन भी शरीर को दीमक की तरह चाट कर खोखला कर रहा है। फास्ट फूड खाने की लालसा भी सेहत बिगाड़ रही है।

खाने में नमक कितना
किसी भी खाने में नमक का इस्तेमाल सबसे कॉमन है। WHO का मानना है कि एक दिन के खाने में इस्तेमाल होने वाले नमक की मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरुरी है। एक दिन में 5 ग्राम अथवा एक चम्मच से अधिक नमक नहीं खाना चाहिए। शरीर में नमक की कमी से बचने के लिए WHO ने ताजी सूखी हरी पत्तियां और ताजे मसालों के सेवन का सुझाव दिया है। WHO कहना है कि प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए। इनमें नमक वाले सोया सॉस और दूसरे मसालेदार सॉस भी शामिल हैं। ऐसी चीजों को खाने से बचना चाहिए जिसके कारण शरीर में नमक का ओवरडोज होने का खतरा होता है।
WHO की पहली टिप्स यहां पढ़ें--
WHO ने चीनी खाने पर क्या कहा
चीनी भी अधिकांश भारतीय घरों में इस्तेमाल होती है। मीठी चीजें बनाते समय सामान्य तौर पर चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। चीनी के बारे में डब्ल्यूएचओ का मानना है कि पूरे दिन में 50 ग्राम से अधिक चीनी नहीं खानी चाहिए। चम्मच से मापने पर खाने वाले या टी स्पून (छोटा चम्मच) से 12 चम्मच से अधिक चीनी पूरे दिन में ना खाना अच्छी सेहत की कुंजी बन सकती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 50 ग्राम से कम चीनी खाना सेहत के लिए काफी लाभदायक है, लेकिन प्रयास करना चाहिए कि 25 ग्राम से अधिक चीनी न खाएं। बता दें कि मीठा खाने के लिए कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गुड़ और शहद को भी चीनी का बेहतर विकल्प माना है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 2 साल के बच्चों के खाने में चीनी और नमक का इस्तेमाल करना ही नहीं चाहिए।
दूध, मछली का सेवन कैसे करें
खाने में फैट सबसे विकराल समस्या के रूप में उभरा है। फैट को भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने 2 श्रेणियों में डिवाइड किया है। ट्रांस और सैचुरेटेड फैट। WHO के मुताबिक खाने में इन फैट्स का इस्तेमाल कितनी मात्रा में किया जा रहा है, इससे भी आपकी सेहत का निर्धारण होता है। डब्ल्यूएचओ का मानना है कि ऐसे दूध का इस्तेमाल किया जाए जिसमें कम फैट हो। दूध की बनी चीजों के इस्तेमाल में भी सावधानी जरूरी है। वैसे खाद्य पदार्थ का ही सेवन करें जिसे दूध का फैट निकालकर तैयार किया गया हो। मांसाहार करने वाले लोगों के संबंध में डब्ल्यूएचओ ने बताया कि सफेद चिकन और मछली का सेवन कम करना चाहिए। बीकन और सॉसेज जैसे मीट के इस्तेमाल से भी बचने का सुझाव दिया गया है। शरीर में फैट ना जमा हो इसका सबसे कॉमन तरीका तेल में पकाए, डिप फ्राई या तले हुए खाद्य पदार्थों का कम सेवन करना है।
डाइट को बैलेंस रखना बेहद जरूरी
दुनिया की शीर्ष स्वास्थ्य एजेंसी- डब्ल्यूएचओ ने बैलेंस डाइट का भी सुझाव दिया है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक रोजाना खानपान की ऐसी चीजों का इस्तेमाल किया जाए जिसमें ब्राउन राइस और आटे से बने हुए खाद्य पदार्थ आपकी डाइट का अनिवार्य हिस्सा बनें। हरी ताजी सब्जियों और फलों का इस्तेमाल भी डाइट को बैलेंस करने में मदद करता है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक पोषक तत्वों की कमी से बचने के लिए डाइट में मीट, दूध, मछली और अंडों का भी नियंत्रित इस्तेमाल किया जा सकता है।
कोल्ड ड्रिंक पर सलाह
ड्रिंकिंग मैटेरियल पर डब्ल्यूएचओ के सुझाव में कोल्ड ड्रिंक से बचने की एडवाइस सबसे अहम साबित हो सकती है। दरअसल, लगातार गर्म हो रही धरती के तापमान के कारण गर्मी बढ़ी है। तथाकथित बिजी लाइफ यानी अस्त-व्यस्त जीवन में इंसान अपनी प्यास बुझाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों की तलाश में कोल्ड ड्रिंक को पहली पसंद बना चुका है। डब्ल्यूएचओ ने अपनी सलाह में कहा है कि पीने में ऐसे चीजों का इस्तेमाल करें जिसमें चीनी से भरपूर कोल्ड ड्रिंक, मसालेदार बेवरेज और कॉफी जैसी चीजें शामिल ना हों।
शराब के अलावा पानी से भी नुकसान !
शराब के सेवन से बचने का सुझाव देते हुए डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि शरीर में पानी की कमी ना हो इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अगर आपकी दिनचर्या ऑफिस वाली है जिसमें आप घंटों तक कुर्सी पर ही बैठे रहते हैं, तो एक निश्चित आयु के बाद पानी भी नियंत्रित मात्रा में ही पीना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि लंबे समय तक पेशाब रोकने से किडनी प्रभावित हो सकती है। शरीर में नमी बनी रहे इसके लिए वातानुकूलित भवनों में बैठने पर नियमित अंतराल पर पानी का सेवन करते रहना चाहिए क्योंकि एसी कमरों में बैठने पर शरीर का मॉइस्चर जल्दी समाप्त होती है। गुनगुना पानी पीना भी एक बेहतर विकल्प है।












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