Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Heeraben Modi: जब मां हीराबेन ने पीएम मोदी से कहा- तुम कुछ अच्छा काम कर रहे हो, क्योंकि लोग तुमको पहचानते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपनी माता हीराबेन से विशेष लगाव था। अपनी मां के त्यागपूर्ण सरल जीवन का नरेंद्र मोदी के मन पर गहरा प्रभाव पड़ा।

when Heeraben Modi told to pm narendra modi you are doing some good work

Heeraben Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन का निधन हो गया है। पीएम मोदी ने स्वयं ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बीते दिनों मां हीराबेन को तबीयत खराब होने के बाद अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद पीएम मोदी भी तुरंत अहमदाबाद पहुंचे और उनका हालचाल जाना था।

मोदी ने दी मां को श्रद्धांजलि

पीएम मोदी ने ट्विटर पर अपनी मां हीराबेन की तस्वीर शेयर करते हुये लिखा, "शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम... मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है। मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।"

2019 के बाद 2022 में की थी मुलाकात

कोरोना महामारी और पीएम के व्यस्त कार्यक्रमों की वजह से दो वर्ष उनकी मुलाकात मां से नहीं हो पाई थी। फिर मार्च 2022 में गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी ने मां से मिलने का वक्त निकाला। पीएम मोदी ने सबसे पहले अपनी मां का आशीर्वाद लिया और उसके बाद उनके साथ खाना भी खाया था।

पांच बेटों और एक बेटी की मां थी हीराबेन

हीराबेन का जन्म 18 जून 1922 को गुजरात के मेहसाणा में हुआ था। उनका विवाह कम उम्र में हो हुआ था। पति दामोदरदास मूलचंद मोदी थे, जो वडनगर में चाय का स्टॉल लगाते थे। उनके 5 बेटे और एक बेटी थी। उनकी संतानों में अमृत मोदी, पंकज मोदी, नरेंद्र मोदी, प्रह्लाद मोदी, सोमा मोदी और बेटी वसंती बेन हंसमुखलाल मोदी हैं।

प्रधानमंत्री के हर फैसले का किया स्वागत

नवंबर 2016 में हीराबेन तब सुर्खियों में आईं, जब उन्‍होंने अपने बेटे और देश के प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया। दरअसल, वह एक ATM की कतार में भी खड़ी नजर आईं। इसके साथ ही जब अफवाहें उड़ रही थी कि कोरोना वैक्सीन बुजुर्गों के लिए खतरा है तो भी मां हीराबेन ने कोविड-19 का टीका लगवाया और दुनिया के अन्य बुजुर्गों को टीका-विरोधी अफवाहों के बीच टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया।

पीएम मोदी ने 100वें जन्मदिन पर लिखा था ब्लॉग

पीएम मोदी ने मां के 100वें जन्मदिन पर एक ब्लॉग भी लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा कि मेरे पिता सुबह चार बजे ही काम पर निकल जाते थे। उनके कदमों की आहट पड़ोसियों को बताती कि सुबह के 4 बज रहे हैं और दामोदर काका काम पर जा रहे है। वो अपनी छोटी सी चाय की दुकान खोलने से पहले पास के मंदिर में प्रार्थना जरूर करने जाते थे।

मां भी उतनी ही समय की पाबंद थीं। वह भी पिता जी के साथ उठती और सुबह ही कई काम निपटा देती थीं। अनाज पीसने से लेकर चावल-दाल छानने तक सभी काम मां खुद करती थीं। उसने कभी हमसे मदद भी नहीं मांगी। मुझे खुद लगता था कि मदद करनी चाहिए। मैं घर से सारे मैले कपड़े ले जाता और उन्हें तालाब से धो लाता। कपड़े धोना और मेरा खेलना, दोनों साथ-साथ हो जाया करते थे।

परिवार चलाना जानती थीं मां

प्रधानमंत्री ने ब्लॉग में लिखा था कि जब हमारा बड़ा भाई किसी की दी हुई कोई चीज बाहर से लेकर आता तो मां उसे फटकार लगाते हुए वह चीज लौटाने के लिए भेज देती थीं। मां में ईमानदारी के गुण थे, जो उन्होंने अपने बच्चों को दिये। पैसे कम हो तो भी ठीक, अगर ज्यादा हों तो वे पैसे न होने की स्थिति के लिए भी पहले से तैयारी कर लेती थी। पैसे न होने की स्थिति में भी वे किसी न किसी तरह परिवार चला लेती थी।

मोदी की तरक्की से होती थी खुश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां के बारे में उनके 100वें जन्मदिन पर बहुत सी बातों का जिक्र किया था। इसमें उन्होंने लिखा कि जब मैं संगठन (पार्टी) में काम करता था। उस दौरान मेरे बड़े भाई मां को केदारनाथ ले गये। वहां स्थानीय लोगों को ये बात पता चल गयी कि नरेंद्र मोदी की मां आ रही हैं तो वे सड़कों पर बुजुर्ग महिलाओं से पूछते रहे कि क्या वे नरेंद्र मोदी की मां हैं। केदारनाथ में उनके ठहरने की आरामदायक व्यवस्था की। बाद में जब वह मुझसे मिलीं तो बोलीं 'ऐसा लगता है कि तुम कुछ अच्छा काम कर रहे हो, क्योंकि लोग तुमको पहचानते हैं।'

बच्चों को पढ़ाने लिए करती थी प्रेरित

हीराबेन के बेटे प्रहलादभाई ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मां की कम उम्र में शादी हो गई थी। शादी के बाद वो महेसाणा जिले के वडनगर में रहने लगी थी। आर्थिक तंगी और पारिवारिक वजहों से मां तो कभी पढ़ाई नहीं कर सकी। लेकिन मां चाहती थी कि उनके सभी बच्चे पढ़ाई करें। परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि स्कूल की फीस दी जा सके। लेकिन मां ने न तो हार मानी, न ही किसी से पैसे उधार लिये। हर बार वो कुछ ज्यादा काम करके स्कूल की फीस चुकाती रहीं।

Recommended Video

    PM Modi's Mother Heeraben Modi Passes Away: पीएम मोदी की मां हीराबेन का निधन | वनइंडिया हिंदी*News

    उस वक्त नरेंद्र मोदी के पास स्कूल पहनकर जाने के लिए सिर्फ एक ड्रेस था। ऐसे में जब भी मोदी का ड्रेस फट जाता तो मां हीराबेन किसी और रंग के कपड़े का अस्तर लगाकर उसे सिल देती थी, ताकि मोदी की पढ़ाई न रुके।

    यह भी पढ़ें: Heeraben Modi Passes Away: अंतिम सफर पर हीराबेन मोदी, पीएम नरेंद्र मोदी ने दिया कंधा

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+