जानिए क्यों परमाणु बम से ज्यादा खतरनाक है हाईड्रोजन बम?
नई दिल्ली। विश्व के सशक्त देश जैसे अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया सब आज उत्तर कोरिया के सफल हाईड्रोजन बम के परीक्षण के हिल गये है और इसी कारण संयुक्त राष्ट्र संघ ने आपात बैठक बुला ली है। आखिर क्यों परमाणु बम रखने वाले देश नार्थ कोरिया के हाईड्रोजन बम से चिंतित हो गये हैं। इसके पीछे कारण यह है कि हाइड्रोजन बम बहुत ज्यादा सशक्त और खतरनाक है।
उत्तर कोरिया ने किया हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण, सकते में अमेरिका-जापान
नीचे की स्लाइडों के जरिये आपको बताते हैं कि आखिर दोनों बमों में क्या अंतर है?

परमाणु बम
परमाणु बम: यह नाभिकीय संलयन या नाभिकीय विखण्डन या दोनों के संयत्र से बनाये जाते हैं इसी कारण इसे महाविनाशकारी हथियार कहते हैं।

हाईड्रोजन बम
हाइड्रोजन बम सीरीज के रूप में विस्फोट करता है जिसकी तीव्रता बहुत ज्यादा होती है इसी कारण यह परमाणु बम के मुकाबले कई गुना ज्यादा विनाशकारी होता है।

पॉवरफूल
हाइड्रोजन बम में हाइड्रोजन के समस्थानिक ड्यूटीरियम और ट्राइटिरियम की आवश्यकता पड़ती है। जो कि काफी पॉवरफूल होता है।

परमाणु बम
परमाणु बम में विस्फुटित होनेवाला पदार्थ यूरेनियम या प्लुटोनियम होता है। यूरेनियम या प्लुटोनियम के परमाणु विखंडन (Fission) से ही शाक्ति प्राप्त होती है।

हाइड्रोजन परमाणु
जब परमाणु बम आवश्यक ताप उत्पन्न करता है तभी हाइड्रोजन परमाणु संलयित होते हैं। इस संलयन से ऊष्मा और शक्तिशाली किरणें उत्पन्न होती हैं जो हाइड्रोजन को हीलियम में बदल देती हैं।

सफल परीक्षण
सबसे पहले अमेरिका, फिर रूस, चीन, फ्रांस हाइड्रोजन बम के परीक्षण कर चुके हैं और आज नार्थ कोरिया ने इस बम का सफल परीक्षण किया है।

परमाणु बम
एक हजार किलोग्राम से थोड़े बड़े परमाणु बम इतनी ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है, जितनी कई अरब किलोग्राम के परम्परागत विस्फोटकों से ही उत्पन्न हो सकती है।

हाइड्रोजन बम
हाइड्रोजन बम में परमाणुओं के संलयन करने से विस्फोट होता है। इस संलयन के लिए बड़े ऊंचे ताप लगभग 500,00,000 डिग्री सेल्सियस की आवश्यकता पड़ती है।












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