क्या है भारत का ‘Cold Start Doctrine’, जिससे घबराया पाकिस्तान

क्या है भारत का कोल्ट स्टार्ट डॉक्टराइन, आखिर क्यों पाकिस्तान भारत के इस सिद्धांत के खिलाफ बना रहा है योजना, कैसे यह योजना पाकिस्तान के लिए है बड़ी चुनौती, जानिए इसकी बड़ी बातें

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने हालिया बयान में कहा है कि उसने भारतीय सेना के कोल्ड स्टार्ट डॉक्टराइन से निपटने के लिए शॉर्ट रेंज परमाणु हथियार तैयार किए हैं। ऐसे में लोगों में यह कौतूहल है कि आखिर भारतीय सेना का यह कोल्ड स्टार्ट डॉक्टराइन (सीएसडी) क्या है। दरअसल सीएडी एक ऐसी नीति है जिसे भारतीय सेना पाकिस्तान के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है, सेना की तमाम टुकड़ियां इस सिद्धांत को बेहद ही आक्रामक तरीके से पाक के तमाम एकीकृत संगठनों के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है।

army

क्यों जरूरत पड़ी इस सिद्धांत की
भारतीय सेना इस सिद्धांत का इस्तेमाल पाकिस्तान के साथ युद्ध की स्थिति में किसी भी तरह परमाणु हमले को रोकने की योजना है। भारत क पूर्व रश्रामंत्री जॉर्ज फर्नांडीज ने भारत की इस नीति को यह शब्द दिया 1974 में दिया था। उन्होंने इसे नॉन अग्रेसिव, नॉन प्रोवोकेटिव यानि ना तो भड़काई और ना ही आक्रामक नीति करार दिया था। वर्ष 2001 में जब संसद पर हमला हुआ था तब भारत ने बड़ी संख्या में सेना को सीमा की ओर आगे भेजा था, लेकिन जिस तरह से ऐसा करने में तकरीबन एक महीने का वक्त लगा उसने भारत की मौजूदा नीति की कमजोरियों का उजागर कर दिया था। इतना अधिक समय लगने की वजह से भारत पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव पड़ा जिसके चलते भारत किसी भी तरह की प्रतिरोधात्मक कार्रवाई नहीं कर सका था।

सुंदरजी सिद्धांत
इस सिद्धांत को भारत के सात सेना के अधिकारियों के साथ मिलकर तैयार किया गया था, जोकि पाकिस्तान की सीमा के करीब तैनात थे। इस टीम की बड़ी जिम्मेदारी यह थी वह पाकिस्तान की ओर से आगे की जाने वाली कार्रवाईयों पर नजर रखे। इसे होल्डिंग कॉर्प यानि आपातकाल में हमेशा के प्रतीक्षा में रहने वाली सेना के साथ सीमा पर तैनात किया गया। यह स्ट्राइक कॉर्प यानि हमला करने वाली सेना से अलग थी, जोकि सीमा से दूर रहती है। ऐसे में अगर पाकिस्तान का होल्डिंग कॉर्प से संघर्ष होता है तो स्ट्राइक कोर्प तुरंत सक्रिय हो जाती है और यह पाकिस्तान के सीमा के भीतर तक जाकर पाकिस्तान की स्ट्राइक कॉर्प को खत्म करेगी।

सुंदरजी सिद्धांत में कमी
लेकिन 2001 में जिस तरह से सुंदरजी सिद्धांत खुलकर लोगों के सामने आया और इसके बाद भी देश की संसद पर हमला हुआ उसने सेना को दूसरे विकल्प पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया। भारत को इस बात के भी सबूत मिले कि इस पाक में आतंकी संगठन लश्कर और जैश ए मोहम्मद का भारत के खिलाफ सक्रिय हैं, इसके बाद भारत ने ऑपरेशन पोखरन शुरू किया और 1971 के बाद सेना का सबसे बड़ा ऑपरेशन शुरू हुआ था। भारतीय सेना को अपनी टुकड़ी को सीमा पर भेजने में तीन हफ्ते का समय लग गया।

सुंदरजी सिद्धांत में कमी चलते आया यह सिद्धांत
इतना अधिक समय लगने की वजह से भारत में अमेरिका के राजदूत रॉबर्ट ब्लैकविल ने कहा कि भारत को परवेज मुशर्रफ के भाषण का इंतजार करना चाहिए, जोकि इस मुद्दे पर बोलने वाले हैं। लेकिन जिस तरह से मुशर्रफ ने कारगिल में आतंकियों की घुसपैठ से इनकार किया, जिसके बाद भारतीय सेना ने पाक के खिलाफ अपना ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन अगर भारत की सेना पहले ही सीमा पर पहुंच जाती तो बड़ी क्षति को टाला जा सकता था। इसके बाद भारतीय सेना इस निष्कर्ष पर पहुंची की सुंदरजी सिद्धांत में कमियां हैं और आतंकी हमलों से निपटने में पूरी तरह से सक्षम नहीं है। इसकी तीन बड़ी वजहें थीं

1-स्ट्राइक सेना सीमा से काफी दूर थी, यह काफी बड़ी थी, जिसके चलते इसे सीमा पर तुरंत तैनात नहीं किया जा सका
2- सीमा पर देर से पहुंचने की वजह से भारत अपनी नीति को बेहतर तरीके से लागू नहीं कर सका और अचानक हमला करके भारत पाक को चौंका नहीं सका, जिसके चलते पाकिस्तान को अपनी सेना सीमा पर भेजना का काफी समय मिला
3- होल्डिंग कॉर्प के पास आक्रमणकारी शक्तियों के नहीं होने की वजह से सेना अपेक्षा के अनुसार सक्रिय नहीं हो सकी।

सिद्धांत में किया गया बदलाव
2002 के बाद इस सिद्धांत में बड़ा बदलाव किया गया और कोर्ड स्टार्ट डॉक्टराइन अपने अस्तित्व में आया। इसके तहत सेना को बड़ी संख्या में यहां से वहां करने की प्रक्रिया खत्म हुई, साथ ही नेटवर्क के आधार पर सटीक जगह पर हमला करने के सिद्धांत पर ध्यान दिया गया। हालांकि बदलाव के बाद अभी तक इस सिद्धांत का प्रयोग नहीं किया गया है। इसका सिद्धांत का प्रमुख उद्देश्य यह है कि सेना जल्द से जल्द सीमा पर कार्रवाई कर सके, जिससे कि अंतर्राष्ट्रीय दबाव से पहले अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया जा सके, यही नहीं जबतक इस्लामाबाद किसी परमाणु हमले के बारे में सोचे इस ऑपरेशन को खत्म किया जा सके। इस सिद्धांत के तहत महज 24 घंटे के भीतर भारतीय सेना सरप्राइट अटैक कर सकती है, जिसे पंजाब और राजस्थान की ओर से किया जा सकता है। साथ ही इसे सटीक जगह पर केंद्रित रखा जाए और वायुसेना का भी इसे पूरा सहयोग मिलेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+