जानें क्या होता है स्मार्ट सिटी और कैसे करता है काम?
नयी दिल्ली। चमचमाती, चौड़ी सड़कें, साफ-सुथरी गलियां, सुंदर इमारतें, सुविधाओं से लैस, ये है स्मार्ट सिटी। जहां आपकी सारी जरुरतें पुरी हो जाएं वो है स्मार्ट सिटी, लेकिन एक शहर का स्मार्ट सिटी बनना इतना आसान भी नहीं है। सिर्फ साफ-सफाई के दम पर कोई सिटी स्मार्ट सिटी नहीं बनती।
बल्कि स्मार्ट बनने के लिए उसे कई कसौटियों पर खरा उतरना पड़ता है। पीएम मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है स्मार्ट सिटी प्लान। जिसके लिए 100 शहरों का चुनाव किया जाना है। इन शहरों को चुनाव आसान नहीं होगा, उन्हें अगल-अगल कसौटियों से गुजरना होगा। तमाम कसौटियों पर परखे जाने के बाद ही एक शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलता है। तस्वीरों पर क्लिक करें और जानें क्या है कसौटी स्मार्ट सिटी की

बेसिक जरुरतें
एक स्मार्ट सिटी में आपकी बेसिक जरुरतों के लिए लगभग सारी सुविधाएं मौजूद होती है। फिर चाहे वो सड़कें हो, बिजली हो,टेक्नोलॉजी हो, तकनीक के साथ बनीं इमारतें।

स्मार्ट सल्यूशन
एक स्मार्ट सिटी में पब्लिक इंफोर्मेंशन, इलैक्ट्रॉनिक सर्विस, जनसुविधाएं, बेहतर वाटर ट्रीटमेंट, पार्किंग, ग्रीन बिल्डिंग, स्मार्ट मीटर और मैंनेजमेंट की सुविधा होनी चाहिए।

टेक्नोलॉजी
किसी शहर में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किस हद तक और किसके लिए किया जा रहा है, स्मार्ट सिटी बनाने के लिए उसे देखना होता है।

बिल्डिंग
शहर की इमारतें नियम के तहत बनी हैं या नहीं, उनमें जरूरी सुविधाएं सुलभ हैं या नहीं। इसे देखकर ही स्मार्ट सिटी का चुनाव किया जाता है।

सार्वजनिक सुविधाएं
शहर में जनता के लिए सार्वजनिक सुविधाएं हैं या नहीं, और हैं तो उनका स्तर कैसा है। शहर को स्मार्ट सिटी बनने के लिए इस कसौटी पर उतरना पड़ता है।

सड़क और परिवहन
शहर में सड़कों का स्तर कितना अच्छा है। सार्वजनिक परिवहन कितना असरदार है और गाड़ियों की आवाजाही के इंतजाम कितने अच्छे हैं। इस कसौटी से स्मार्ट सिटी को गुजरना होता है।

रोजगार
शहर में रोजगार के कितने अवसर मौजूद हैं। इसे देखते हुए स्मार्ट सिटी का चुनाव किया जाता है।

जीवन स्तर
किसी शहर में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर कैसा है। इसे देखने के बाद ही स्मार्ट सिटी का चुनाव होता है।












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