Water Toxicity: ज्यादा पानी पीने से भी हो सकती है मौत, क्या यही था ब्रूस ली की मौत का कारण?
पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, यह बात तो हम सभी जानते हैं। डॉक्टर भी अक्सर गर्मियों में हमें ज्यादा पानी पीने की सलाह देते हैं, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। लेकिन, इस बीच अगर आपको पता चले कि ज्यादा पानी पीने से भी मौत हो सकती है, तो आप इसे लेकर क्या कहेंगे?
जी हां! अमेरिका के इंडियाना से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। वहां एक 35 साल की महिला की मौत कम समय में ज्यादा पानी पीने की वजह से हो गयी। मृतक महिला का नाम एशले समर्स था। ऐश्ले समर्स अपने पति और 8 साल और 3 साल के दो बच्चों के साथ वीकेंड ट्रिप पर गयी थी। जहां उसके अधिक मात्रा में पानी का सेवन करने से मौत हो गयी।

वॉटर टॉक्सिसिटी से हुई मौत
न्यूयार्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रिप के आखिरी दिन एशले को ऐसा महसूस हुआ कि वह ट्रिप के दौरान कम पानी पी रही है। क्योंकि, उन्हें चक्कर आने और लगातार सिरदर्द होने की शिकायत होने लगी। मेडिकल की भाषा में कहें तो डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगी थी। तब उसने फटाफट बहुत सारा पानी पी लिया। ट्रिप से लौटते ही एशले अपने गैरेज में बेहोश हो गयी। जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि एशले की मौत हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatraemia) से हुई है। जिसे वॉटर टॉक्सिसिटी भी कहा जाता है। यह तब होता है जब खून में सोडियम की मात्रा 'असामान्य रूप से कम' हो जाती है।
20 मिनट में पीया 2 लीटर पानी
मृतक महिला के भाई डेवेन मिलर के अनुसार ऐश्ले को पानी से काफी ज्यादा लगाव था। उसने इंडियाना ट्रिप के दौरान भी खूब बोटिंग की थी। ट्रिप के आखिरी दिन ऐश्ले को काफी ज्यादा डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगी थी। जिसके कारण उसे लगातार सिर में दर्द हो रहा था। तब ऐश्ले ने अपने शरीर को हाइड्रेट करने के लिए 20 मिनट में चार बोतल पानी (तकरीबन 2 लीटर) पी लिया था, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गयी थी।
क्या होती है वॉटर टॉक्सिसिटी?
जेएलएन मेडिकल कॉलेज (अजमेर) की डॉक्टर प्रियंका रावत वॉटर टॉक्सिसिटी के बारे में बताती है कि यह एक बेहद ही दुर्लभ मामला है। यह तब होता है, जब बहुत कम समय में ज्यादा पानी का सेवन किया जाता है। इसके तहत जब कोई इंसान अधिक मात्रा में पानी पी लेता है तब शरीर का इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने के कारण कोशिका में सूजन हो जाती है। जिसमें मस्तिष्क कोशिका भी शामिल हो जाती है और यही इंसान की मौत का कारण बनती है। क्योंकि, सोडियम और बाकी इलेक्ट्रोलाइट का स्तर अपने सामान्य स्तर से कम हो जाता है। तभी बाहरी तरल पदार्थ अंदर आता है और कोशिका सूज जाती है और वह फट जाती है।
वॉटर टॉक्सिसिटी के लक्षण?
मेडिकल न्यूज टूडे के मुताबिक शरीर को सही ढंग से काम करने के लिए पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन बहुत अधिक तेजी से पानी पीने से स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इंसान के गुर्दे (किडनी) प्रति घंटे केवल 0.8 से 1.0 लीटर पानी निकाल सकते हैं, और बहुत अधिक पानी का सेवन शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बिगाड़ देता है। दुर्घटनावश बहुत अधिक पानी पीना मुश्किल का कारण बन जाता है। ॉ
क्या है वॉटर टॉक्सिसिटी के लक्षण?
ऐसे मामलों में लोगों को सिरदर्द, मतली, उल्टी और गंभीर मामलों में उनींदापन (जम्हाई, नींद), मांसपेशियों में ऐंठन या थकान, दोहरी दृष्टि, उच्च रक्तचाप, भ्रम या सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। वहीं गंभीर मामलों में केंद्रीय तंत्रिका की शिथिलता, दौरे आना, मस्तिष्क में सूजन, कोमा या मृत्यु भी हो सकती है।
अधिक पानी पीने से इनकी हुई मौत?
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के क्लिनिकल किडनी जर्नल में एक रिसर्च पेपर जिसका शीर्षक था 'ब्रूस ली को किसने मारा?' 2022 में जारी इस रिसर्च पेपर में खुलासा हुआ कि संभवतः 1973 में 32 वर्ष की आयु में ली की असामयिक मृत्यु का कारण हाइपोनेट्रेमिया ही था। इस रिसर्च में उनके मौत के लक्षणों और कारणों की जांच के आधार पर बताया गया कि मृत्यु का संभावित कारण 'हाइपोनेट्रेमिया के कारण मस्तिष्क में सूजन' था।
अमेरिका की संघीय सरकार द्वारा संचालित यूनाइटेड स्टेट्स नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (एनएलएम) के मुताबिक साल 1996-97 के बीच अमेरिकी सेना के प्रशिक्षुओं को लेकर एक शोध किया गया था। इस अध्ययन में पाया गया था कि एक साल में ट्रेनिंग के दौरान अधिक मात्रा में पानी पीने की वजह से तकरीबन 17 प्रशिक्षुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब तीन सैनिकों की मृत्यु का कारण भी हाइपोनेट्रेमिया पाया गया था। जिसके बाद यह सिफारिश की गई कि ट्रेनिंग के दौरान भारी पसीना आये तब भी प्रति घंटे 1-1.5 लीटर से अधिक पानी नहीं पीना चाहिए।












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