Deadliest Earthquakes: कई देशों में भूकंप मचा चुका है तबाही, मारे गए थे लाखों लोग

तुर्की या तुर्किये (नया नाम) में भूकंप ने जान-माल की तबाही मचाई दी है। हालांकि, पिछले 100 सालों का इतिहास देखें तो इससे पहले भी कई देशों में भूकंपों में मरने वालों की संख्या लाखों में रह चुकी है।

turkey Deadliest Earthquakes in many countries killed millions of people

Deadliest Earthquakes: 6 फरवरी 2023 की सुबह को 7.8 तीव्रता के भूकंप ने तुर्की और सीरिया को दहला कर रख दिया। गौरतलब है कि तुर्की में इसी दिन 7.8, 7.5, 6.0 तीव्रता के कुल 3 भूकंप आए और इन भूकंपों से तुर्की और सीरिया में अब तक मरने वालों की संख्या 4,372 हो गई है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार मौतों का आंकड़ा 20,000 पार कर सकता है।

मेसिना भूकंप

1908 के मेसिना भूकंप को ग्रेट सिसिली भूकंप के रूप में भी जाना जाता है। इस भूकंप की तीव्रता लगभग 7.1 थी। भूकंप के कारण लगभग 80,000 लोगों की मौत हुई। भूकंप सुबह 5:20 बजे आया था और 20 सेकंड लंबा था। भूकंप के कारण आज के समय के हिसाब से €2 बिलियन का नुकसान हुआ था।

ग्रेट कांटो अर्थक्वेक

ग्रेट कांटो भूकंप को टोक्यो भूकंप के नाम से भी जाना जाता है। यह 7.9 तीव्रता का भूकंप था, जिसने 1 सितंबर 1923 को जापान के कांटो शहर में तबाही मचाई थी। भूकंप के कारण जापान में 142,807 लोगों की मौत हो गई और 40,000 से भी ज्यादा लोग लापता हो गए थे। यह जापान के इतिहास में सबसे घातक भूकंपों में से एक है। यह भूकंप दिन में 12 बजे के लगभग आया था, 40 सेकंड लंबा था और उस भूकंप ने कांटो शहर और उसके आस पास के शहरों की आधी से ज्यादा इमारतों को क्षति पहुंचाई थी।

अश्गाबात भूकंप

अश्गाबात भूकंप 6 अक्टूबर 1948 को तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात में आया था। यह भूकंप 7.3 तीव्रता का था और लगभग 1,10,000 लोगों की जान ले गया। साथ ही साथ अश्गाबात और उसके आस पास के शहरों को भी काफी नुकसान पहुंचा कर गया था। यह भूकंप आधी रात को 1:12 पर आया था और सिर्फ 10 सेकंड का था जिसमें इसने इतनी ज्यादा तबाही मचा दी थी।

ग्रेट तांगशान अर्थक्वेक

1976 में चीन के तांगशान शहर में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था। यह भूकंप सुबह 3:42 पर आया था और 23 सेकंड लम्बा था। यह इतिहास के सबसे घातक भूकंपों में से एक था, जिसमें अनुमानित 2,42,000 लोग मारे गए और 7,00,000 से भी अधिक लोग घायल हुए थे। हालांकि उस समय कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भूकंप से मरने वाले लोगों की संख्या सरकार के आंकड़ों से तीन गुना ज्यादा थी। यह भूकंप इतना जोरदार था कि इसने तांगशान शहर की 90 प्रतिशत इमारतों को तबाह कर दिया था। सेज जर्नल्स की रिपोर्ट के मुताबिक 1976 के भूकंप से चीन को $10 बिलियन का नुकसान हुआ था।

भुज भूकंप

2001 में गणतंत्र दिवस की सुबह को गुजरात के कच्छ जिले में आया यह एक बड़ा भूकंप था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.7 थी और इसके कारण कच्छ में बहुत भारी नुकसान हुआ था। आंकड़ों के अनुसार भूकंप ने 20,000 से अधिक लोगों की जान ले ली और 1,67,000 से अधिक लोग घायल हो गए थे। यह भूकंप सुबह 8:46 पर आया था, 85 सेकंड का था और इसके बाद 2.8 से 5.9 तीव्रता के लगभग 600 आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए थे। भुज भूकंप ने लगभग 1,00,000 घरों को क्षति पहुंचाई थी और कुल नुकसान लगभग $7.5 बिलियन का था।

सुमात्रा-अंडमान भूकंप

सुमात्रा-अंडमान भूकंप को 'हिंद महासागर भूकंप' के नाम से भी जाना जाता है, 26 दिसंबर 2004 को आया था। भूकंप की तीव्रता 9.1 थी और इससे भारी सुनामी आई, जिसने इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत और थाईलैंड सहित हिंद महासागर के आसपास के 14 देशों को प्रभावित किया था। इस भूकंप और सुनामी से लगभग 14 देशों में 225,000 लोगों ने अपनी जान गवाई और सिर्फ इंडोनेशिया में 170,000 लोगों की जान गई थी और भारत के 12,405 लोगों ने अपनी जान गंवाई।

कश्मीर भूकंप

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (POJK) में 8 अगस्त 2005 को सुबह 8:50 बजे भूकंप आया था। जिसकी रिएक्टर स्केल पर तीव्रता 7.6 थी। इस भूकंप को 'दक्षिण एशिया भूकंप' के नाम से भी जाना जाता है। इस भूकंप का केंद्र पीओजेके का मुजफ्फराबाद और उसके आस पास का क्षेत्र था। पाकिस्तान सरकार के आंकड़ों के अनुसार इस भूकंप से मरने वालों की संख्या लगभग 87,000 थी। हालांकि, अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक 1,00,000 से भी ज्यादा लोग मरे थे, लगभग 1,38,000 लोग घायल हुए थे और 35 लाख लोग बेघर हो गए थे। इस भूकंप के कारण भारत में भी लगभग 1,300 लोगों की मृत्यु हुई थी। इस भूकंप के कारण पाकिस्तान को उस समय पर $5.5 बिलियन का नुकसान हुआ था।

सिचुआन भूकंप

सिचुआन भूकंप 12 मई 2008 को चीन के सिचुआन प्रांत में आया था। भूकंप की तीव्रता 7.9 थी। इस भूकंप के कारण 90,000 से अधिक लोगों की मौत और 375,000 से अधिक लोग घायल हुए। लापता लोगों की संख्या भी 37,000 से अधिक थी। यह भूकंप दिन के 2:28 बजे आया था और लगभग 1.50 मिनट लंबा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस भूकंप से चीन को $150 बिलियन का नुकसान हुआ था और चीन में 50 लाख से भी ज्यादा घर तबाह और क्षतिग्रस्त हो गए।

हैती भूकंप

12 जनवरी 2010 को शाम 4:53 बजे कैरेबियाई देश हैती में 7.0 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था जो 35 सेकंड लम्बा था। भूकंप का केंद्र राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस के पास लेओगेन शहर के पास था। संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) के मुताबिक भूकंप में अनुमानित 220,000 लोग मारे और 3,00,000 से अधिक लोग घायल हुए थे। उस भूकंप से 35,00,000 से भी ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे। हैती के इस भूकंप में 15,00,000 से भी ज्यादा लोग बेघर हो गए थे और रिलीफ वेब की रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप के कारण हैती को $7.8 बिलियन का नुकसान हुआ था।

काठमांडू भूकंप

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    2015 के नेपाल भूकंप को 'गोरखा भूकंप' के नाम से भी जाना जाता है। यह एक बहुत ही खतरनाक भूकंप था, जिसने 25 अप्रैल को काठमांडू और नेपाल के आसपास के क्षेत्रों में तबाही मचाई थी। काठमांडू भूकंप सुबह 11:56 बजे आया था और लगभग 50 सेकंड लंबा था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 थी और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भूकंप के कारण 9,000 से अधिक लोगों ने अपनी जान गवाई और 22,000 से अधिक लोग घायल हुए थे। भूकंप के कारण लगभग 1,10,000 घरों और बिल्डिंगो को हानि पहुंची थी। भूकंप के कारण होने वाले नुकसान का अनुमान लगभग $10 बिलियन लगाया गया था।

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