हैप्पी एंड सेफ दिवाली मनानी है तो अपनाएं ये टिप्स
पटाखे छुड़ाते समय बच्चों के साथ रहें और उन्हें पटाखे चलाने का सुरक्षित तरीका बताएं।
नई दिल्ली। दिवाली रोशनी और आतिशबाजियों का त्योहार है, पटाखों की खड़खड़ाहट जब कानों में पड़ती है तो बड़े-बूढ़ों के अंदर का भी बच्चा जाग जाता है। इसलिए अगर आपके बच्चे जब भी पटाखे छोड़ें तो आप बड़ों का साथ होना बहुत जरूरी है। दिवाली की रात कहां-कहां जलाने चाहिए दीपक?
आईये आपको बताते हैं कुछ खास बातें, जिनके जरिए आप मनाएं हैप्पी दिवाली और सेफ दिवाली...
- कभी भी पटाखे घर के अंदर या बंद स्थानों पर ना छोड़ें।
- पटाखों के लिए घर के बाहर, छत या आंगन ही बेस्ट जगह है।
- जब भी पटाखे छोड़ें हमेशा ध्यान रखिए कि आस-पास पेट्रोल, डीजल, केरोसिन या गैस सिलेंडर जैसी चीजें ना हों।
- पटाखे छोड़ते समय हमेशा चुस्त और फिट कपड़े पहनें ना कि ढीले-ढाले।
- कभी भी माचिस से पटाखे ना जलाएं बल्कि हमेशा मोमबत्ती या लंबी लकड़ी का प्रयोग करें।
- पटाखे हमेशा अच्छे ब्रांड के ही खरीदें।
- एक बार आग लगाने के बाद पटाखा नहीं जलता है तो उसके पास ना जाएं ऐसा करना खतरनाक हो सकता है।
- पटाखे छुड़ाते समय बच्चों के साथ रहें और उन्हें पटाखे चलाने का सुरक्षित तरीका बताएं।
- पांच साल से छोटे बच्चों को पटाखों से दूर रखना ही सही है।
- एक बार में एक ही पटाखा चलाएं।
- पटाखे चलाते समय पास में एक बाल्टी पानी जरूर रखें।
- अगर किसी का हाथ जल जाए तो जले स्थान पर पानी डाले और टूथपेस्ट और बरनॉल लगाए और जरूरत पड़े तो डॉक्टर से मिले।













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