PM Modi Meeting: क्रिटिकल मिनरल्स, साइबर स्कैम! PM मोदी-म्यांमार के राष्ट्रपति के बीच किन मुद्दों पर हुई बात?
PM Modi Myanmar President Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के बीच नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई। यह भारत दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि अप्रैल 2026 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद मिन आंग ह्लाइंग की यह पहली विदेश यात्रा है। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, रक्षा सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और नई टेक्नोलॉजी जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
बातचीत में साइबर स्कैम नेटवर्क, मानव तस्करी, क्रिटिकल मिनरल्स और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषय भी शामिल रहे। दोनों देशों ने संबंधों को और मजबूत बनाने तथा पूर्वोत्तर भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया।

व्यापार और निवेश बढ़ाने पर दोनों देशों की सहमति
बैठक में भारत और म्यांमार ने आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं पर चर्चा की। वर्तमान में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2 अरब डॉलर से अधिक है। भारत से म्यांमार को 600 मिलियन डॉलर से ज्यादा का निर्यात होता है, जबकि म्यांमार से भारत को करीब 1.5 अरब डॉलर का सामान आता है। दोनों देशों ने बिजनेस और इंडस्ट्री के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
ये भी पढ़ें: Balen Shah: 'नेपाल ने भी भारतीय जमीन पर कब्जा किया है', संसद में PM बालेन शाह के बयान सुन चौंके नेपाली सांसद
कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा करने पर फोकस
भारत और म्यांमार ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने को प्राथमिकता बताया। दोनों नेताओं ने कालादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय हाईवे के कालेवा-यागी सेक्शन को जल्द पूरा करने पर जोर दिया। इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही आसान होगी। सरकार का मानना है कि इससे पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
साइबर स्कैम और मानव तस्करी का मुद्दा भी उठा
वार्ता में साइबर फ्रॉड नेटवर्क और भारतीय नागरिकों की तस्करी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि अभी भी 150 से ज्यादा भारतीय नागरिक ऐसे साइबर स्कैम कैंपों में फंसे हुए हैं जिनकी जानकारी सरकार के पास है। अब तक 2,411 भारतीयों को वापस लाया जा चुका है। भारत और म्यांमार ने इस समस्या से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने माना कि यह केवल द्विपक्षीय नहीं बल्कि क्षेत्रीय चुनौती है।
ये भी पढ़ें: CM बनते ही विजय को लगा बड़ा झटका! हाथों से फिसला AMCA मेगा प्रोजेक्ट, PM मोदी से मिलना भी रहा बेअसर?
सुरक्षा और सीमा प्रबंधन पर हुई विस्तृत चर्चा
दोनों नेताओं ने सीमा सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर भी विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया। वहीं म्यांमार के राष्ट्रपति ने भरोसा दिलाया कि उनकी जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। दोनों देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों की साझा जिम्मेदारी है। सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
क्रिटिकल मिनरल्स, AI और स्पेस सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग
बैठक में भविष्य की टेक्नोलॉजी और संसाधनों को लेकर भी चर्चा हुई। विदेश सचिव ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स का मुद्दा बातचीत का हिस्सा रहा। दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्पेस टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेक्टर में साझेदारी बढ़ाने पर भी बात हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत और म्यांमार के संबंध पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर नई टेक्नोलॉजी आधारित सहयोग की ओर जाएंगे।












Click it and Unblock the Notifications