कौन हैं ये दो विधायक? जिन्हें ममता बनर्जी ने TMC से किया निष्काषित
TMC MLA Expelled: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा से मिली करारी हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अंदर लगातार उठापटक जारी है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने दो विधायकों, संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी, को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया।
(पार्टी ने दोनों नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और संगठन के हितों के प्रतिकूल कार्य करने का आरोप लगाया है। इस कार्रवाई को पार्टी अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संदीपान और ऋतब्रत को क्यों TMC ने क्यों किया निष्काषित?
टीएमसी विधायक संदीपन साहा उन करीब 60 विधायकों में शामिल थे जो ममता बनर्जी द्वारा कालीघाट स्थित आवास पर बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में नहीं पहुंचे। बड़ी संख्या में विधायकों की अनुपस्थिति के कारण बैठक रद्द करनी पड़ी। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि अधिकांश विधायक अपने क्षेत्रों में हिंसा के विरोध से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त थे और उन्होंने इसकी सूचना पहले ही दे दी थी।
TMC ने अपनी नाेटिस में क्या लगाए आरोप?
1 जून को जारी निष्कासन नोटिस में तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि दोनों विधायक पार्टी द्वारा नामित होने के बावजूद अधिकृत नेतृत्व की ओर से बुलाई गई बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहे। पार्टी के अनुसार, यह व्यवहार संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ था और नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना है।
दोनों विधायकों पर टीएमसी ने क्या लगाए आरोप?
नोटिस में कहा गया है कि मामले की समीक्षा के बाद अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के सक्षम प्राधिकारी ने पाया कि दोनों विधायक पार्टी के हितों के प्रतिकूल गतिविधियों और सार्वजनिक बयानों में शामिल रहे हैं। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया।
TMC ने अपने आदेश में कहा, "मामले पर उचित विचार करने के बाद, AITC के सक्षम प्राधिकारी ने आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी की (प्राथमिक) सदस्यता से निष्कासित करने का निर्णय लिया है।"
सभी पद और विशेषाधिकार समाप्त
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि निष्कासन के साथ ही संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े किसी भी पद, जिम्मेदारी या विशेषाधिकार के हकदार नहीं रहेंगे। आदेश जारी होने की तारीख से दोनों नेताओं की पार्टी में सभी आधिकारिक भूमिकाएं समाप्त मानी जाएंगी। हालांकि, पार्टी की ओर से जारी नोटिस में उन कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों या बयानों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
सीएम सुवेंदु अधिकारी के दावे के बाद हुई ये कार्रवाई
हालांकि टीएमसी का ये एक्शन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि विधानसभा में कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले की सीआईडी जांच इन्हीं दोनों टीएमसी विधायकों की औपचारिक शिकायत पर शुरू की गई थी। इन विधायकों ने अपनी शिकायत विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी थी। यह घटनाक्रम पार्टी के लिए आंतरिक चुनौतियों को दर्शाता है।
संदीपान साहा कौन हैं?
संदीपान साहा तृणमूल कांग्रेस के सक्रिय नेताओं में गिने जाते रहे हैं। वे पार्टी संगठन और स्थानीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते हैं। पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया था और वे विधायक के रूप में चुने गए थे। हालांकि हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व और उनके बीच दूरी बढ़ने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही थी।
ऋतब्रत बनर्जी कौन है?
ऋतब्रत बनर्जी ने अपना राजनीतिक करियर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। वे पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) की छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) से जुड़े रहे और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में उन्होंने CPI(M) छोड़ दी और तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया।
ऋतब्रत बनर्जी राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं और पार्टी के श्रमिक संगठन INTTUC में भी अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं। वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्होंने उलूबेरिया पूर्व सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी।













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