गर्मी का प्रकोप बढ़ा, डॉक्टर ने बताया क्या करें क्या न करें?
पटना। उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में केवल बिहार ही नहीं, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड भी तप रहे हैं। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ऐसे में खुद को गर्मी से कैसे बचाया जाये, यह हमने पूछा डॉक्टर से।
उत्तर भारत में गर्मी की 'बेशर्मी', लोगों का हाल बेहाल
पटना के पीएमसीएच अस्पताल के सामने अपना निजी नर्सिंग होम चला रहे डा. सुनील श्रीवास्तव ने निम्न सुझाव दिये हैं।
गर्मी में बीमारी होने के मुख्य कारण-
- गर्मी के दिनों में खुले शरीर में चलना और भाग-दौड़ करना।
- तेज गर्मी में घर से खाली पेट यानी भूखा प्यासा बाहर जाना।
- धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी या अन्य ठंडे पदार्थ का सेवन करना।
- तेज धूप से आकर सीधे कूलर या एसी में बैठना या उठकर धूप में जाना।
- तेज गर्मी में भी सिंथेटिक वस्त्रों का पहनना।
- तेलिए, गरिष्ठ, तेज मसाले, बहुत गर्म खाना खाने, अधिक चाय व शराब का सेवन करना।
बचने के उपाय
- गर्मी में ज्यादा भारी व बासी भोजन न करें, क्योंकि गर्मी में शरीर की जठराग्नि मंद रहती है।
- गर्मी में जब भी घर से निकले कुछ खाकर और पानी पीकर ही निकलें खाली पेट ना निकलें।
- पानी के का सेवन 4 से 5 लीटर रोजाना करें।
- बाजारू ठंडी चीजें नहीं बल्कि घर की बनी ठंडी चीजों का सेवन करना चाहिए।
- आम का पना, खस, चंदन, गुलाब, फालसा, संतरा का सरबत ,सत्तू, दही की लस्सी, मट्ठा ,गुलकंद का सेवन करना चाहिए।
- हरि और ताजी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
- सफेद प्याज का सेवन तथा बाहर निकलते समय प्याज रखना चाहिए।
- चाय और कॉफी का उपयोग कम करें शराब के सेवन यथासंभव न करें।













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