'कुछ लोगों को बंगले से जरूरत से ज्यादा लगाव', 10 सर्कुलर रोड पर घमासान, सम्राट चौधरी का लालू परिवार पर निशाना
Rabri Devi Bungalow Row: बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ सरकार ने 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने के लिए लालू परिवार को 15 दिन का समय दिया है, तो दूसरी ओर इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी और कहा कि सरकारी आवास किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं होता। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मामले की जानकारी लेने के लिए संबंधित मंत्री और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। राबड़ी देवी पहले ही साफ कर चुकी हैं कि वे यह आवास छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में बंगले को लेकर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

सम्राट चौधरी ने साधा राबड़ी देवी पर निशाना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लालू परिवार का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोगों को सरकारी बंगले से जरूरत से ज्यादा लगाव हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी आवास पर किसी का स्थायी अधिकार नहीं होता और यह जनता की सेवा करने वालों के लिए होता है।
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सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वे कई बार मंत्री रहे हैं और गृह मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं, लेकिन हमेशा सीमित जगह में रहे। उन्होंने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे तो उन्होंने इसे "लोकसेवक का आवास" बताने की बात कही, क्योंकि यह किसी व्यक्ति की निजी जागीर नहीं है।
राबड़ी आवास मामले में सक्रिय हुए नीतीश कुमार
इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस पूरे विवाद पर नजर रखी हुई है। सूत्रों के अनुसार उन्होंने भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि राबड़ी आवास को लेकर जारी नोटिस और उससे जुड़ी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद विभागीय जानकारी उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को भी दी गई। इसके बाद नीतीश कुमार ने अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी बातचीत की।
लेसी सिंह ने क्या कहा
नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मंत्री लेसी सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को सभी जरूरी जानकारियां दे दी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक विषयों पर भी चर्चा हुई, लेकिन उन बातों को सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।
जब उनसे तेजप्रताप यादव के सरकारी आवास को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि सभी मामलों में नियम और प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई होती है।
डिप्टी सीएम और नेताओं से भी हुई मुलाकात
लेसी सिंह से बातचीत के बाद नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और विजेंद्र यादव से भी मुलाकात की। इसके अलावा जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी उनके आवास पहुंचे और उन्होंने नीतीश कुमार से बातचीत की। पिछले कुछ दिनों से नीतीश कुमार लगातार पार्टी और सरकार से जुड़े अहम मुद्दों पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। एक दिन पहले भी उन्होंने संजय झा से मुलाकात की थी।
क्या है पूरा बंगला विवाद
बिहार सरकार ने लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए नया नोटिस जारी किया है। इससे पहले 25 नवंबर 2025 को भी इस संबंध में आदेश जारी किया गया था, लेकिन अब तक आवास खाली नहीं किया गया। सरकार का कहना है कि कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद बंगला नहीं छोड़ा गया, इसलिए अब 15 दिनों की अंतिम समय सीमा तय की गई है।
39 हार्डिंग रोड का आवास पहले ही हो चुका है आवंटित
भवन निर्माण विभाग के मुताबिक, नवंबर 2025 में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के लिए 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया था। विभाग का दावा है कि यह आवास उनके नाम पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद राबड़ी देवी अब भी 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में रह रही हैं। इसी वजह से विभाग ने दोबारा नोटिस जारी कर आवास खाली करने को कहा है।
2005 से इसी बंगले में रह रहा है लालू परिवार
जानकारी के अनुसार लालू प्रसाद यादव का परिवार करीब दो दशक से अधिक समय से 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में रह रहा है। वर्ष 2005 के बाद से यह बंगला राबड़ी देवी और उनके परिवार का मुख्य निवास बना हुआ है। विभाग का कहना है कि पिछले छह महीनों में कई बार नए आवास में जाने का आग्रह किया गया, लेकिन अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ।
अन्य पूर्व विधायकों को भी भेजे गए नोटिस
सरकार ने केवल राबड़ी देवी को ही नहीं, बल्कि ऐसे कई पूर्व विधायकों को भी नोटिस जारी किया है जो अब सरकारी आवास के पात्र नहीं हैं। भवन निर्माण विभाग ने नियमों के अनुसार सभी संबंधित लोगों को बंगला खाली करने का निर्देश दिया है।
राबड़ी देवी ने पहले ही किया था विरोध
सरकारी नोटिस मिलने के बाद राबड़ी देवी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे 10 सर्कुलर रोड का आवास छोड़ने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार चाहे तो बल प्रयोग कर आवास खाली करवा सकती है, लेकिन वे खुद से बंगला नहीं छोड़ेंगी। राबड़ी देवी के इस बयान के बाद से ही यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बना हुआ है और अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की टिप्पणी के बाद विवाद और गहरा गया है।
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