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Tata Sons IPO: टाटा संस ला रहा है सबसे बड़ा आईपीओ, जानिए आईपीओ में निवेश के फायदे-नुकसान

Tata Sons IPO: आने वाले दिनों में टाटा ग्रुप की स्टॉक मार्केट में एक और जबरदस्त लिस्टिंग होने की उम्मीद है। टाटा ग्रुप अपनी प्रमुख होल्डिंग कंपनी और प्रमोटर टाटा संस का इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) ला सकता है। टाटा संस के इस निवेश की अनुमानित मार्केट वैल्यू ₹16 लाख करोड़ है।

Tata Sons IPO

क्या होता है आईपीओ?

इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) किसी निजी कंपनी के सार्वजनिक होने की शुरुआत की तरह है। आईपीओ एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एक निजी कंपनी पहली बार आम जनता को अपने शेयरों की पेशकश करके सार्वजनिक कंपनी बन जाती है। आईपीओ कंपनियों के लिए विकास और विस्तार के लिए धन जुटाने का एक तरीका है। कंपनी स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से जनता को शेयर या अपना हिस्सा बेचकर ऐसा करती है।

दो तरह के होते है आईपीओ!

आईपीओ मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं, पहला फिक्स्ड प्राइस इश्यू और दूसरा बुक बिल्डिंग इश्यू। पहले बात करते हैं फिक्स्ड प्राइस इश्यू की, इस प्रकार के आईपीओ में शेयरों की कीमत आईपीओ लाने वाली कंपनी द्वारा पहले से निर्धारित की जाती है। निवेशकों को पता होता है कि वे किस कीमत पर शेयर खरीद सकते हैं।

इस प्रकार के आईपीओ में निवेशकों को आवेदन के समय शेयरों की पूरी कीमत का भुगतान करना होता है। जबकि बुक बिल्डिंग इश्यू में शेयरों की कीमत शुरू में तय नहीं होती है। इसके बजाय, निवेशक कंपनी द्वारा निर्धारित मूल्य सीमा के बीच शेयरों के लिए बोली लगाते हैं। इन बोलियों के आधार पर अंतिम कीमत निर्धारित की जाती है।

क्या है आईपीओ फाइल करने की प्रक्रिया?

किसी कंपनी को आईपीओ फाइल करने के लिए सबसे पहले एक मर्चेंट बैंक को अपॉइंट करने की जरूरत होती है, जो आईपीओ की पूरी प्रक्रिया संभालती है। फिर कंपनी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (सेबी) के सामने पेश करने के लिए एक रजिस्ट्रेशन स्टेटमेंट और ड्राफ्ट प्रोस्पेक्टस तैयार करती है, जिसे रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस के नाम से भी जाना जाता है।

इसके बाद कंपनी स्टॉक एक्सचेंज के सामने अपने आवश्यक दस्तावेज और आवेदन पत्र जमा करती है, जहां उसे अपने शेयर लिस्ट करने होते हैं। इसके बाद कंपनी द्वारा ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट पर सेबी और स्टॉक एक्सचेंज की सहमति मांगी जाती है। एक बार सेबी और स्टॉक एक्सचेंज से हरी झंडी मिलने के बाद कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग के लिए लिस्ट किए जाते हैं।

आईपीओ में निवेश करने के फायदे और नुकसान

फायदे:

● शुरुआती प्रवेश: किसी भी कंपनी के आईपीओ में निवेश करके आप उस कंपनी के शेयर धारक बन सकते हैं, जिससे भविष्य में कंपनी की ग्रोथ होने पर उसका शेयर प्राइस बढ़ेगा और आपको निश्चित लाभ होगा।
● अच्छे रिटर्न की संभावना: अगर आईपीओ की लिस्टिंग अच्छी कीमतों पर होती है, तो आपको जबरदस्त फायदा हो सकता है और आपको अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
● पब्लिक विजिबिलिटी: आईपीओ किसी कंपनी को लोगों की नजरों में लाते हैं, जिससे अक्सर ब्रांड की पहचान और बाजार में पहुंच बढ़ती है।
● पोर्टफोलियो में विविधता: आईपीओ में निवेश करने से आपका पोर्टफोलियो विविध हो जाता है, जिससे विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों में एक्सपोजर मिल सकता है।
नुकसान:
● जोखिम भरा: आईपीओ कई बार अस्थिर हो सकते हैं, और कीमत में उतार-चढ़ाव का जोखिम होता है, खासकर शुरुआती कारोबारी दिनों में।
● सीमित जानकारी: निवेशकों के पास कंपनी के बारे में विस्तृत वित्तीय जानकारी तक पहुंच नहीं होती है, जिससे इसके वास्तविक मूल्य का आकलन करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
● अंडरपरफॉर्मेंस: सभी आईपीओ सफल नहीं होते हैं, और कुछ कंपनियां सार्वजनिक होने के बाद खराब प्रदर्शन करने लग जाती हैं या मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता हैं, जिसकी वजह से निवेशकों को नुकसान हो सकता है।
● बाज़ार की स्थितियाँ: आईपीओ का प्रदर्शन बाज़ार स्थितियों, आर्थिक कारकों, आदि से प्रभावित हो सकता है, जिससे निवेशक को रिटर्न मिलना मुश्किल हो सकता है।

देश के अब तक के 3 सबसे बड़े आईपीओ!

● लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी): एलआईसी का आईपीओ वर्ष 2022 में बाजार में लाया गया था। इस आईपीओ की इश्यू की तारीख 4 मई - 9 मई 2022 तक थीं और यह ₹902-₹949 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के साथ देश का सबसे बड़ा आईपीओ था और इसका इश्यू साइज ₹21,000 करोड़ था। एलआईसी के शेयरों को 17 मई 2022 को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट किया गया था और इसे लगभग 3 गुना सब्सक्राइब किया गया था।
● पेटीएम (वन 97 कम्युनिकेशन): पेटीएम आईपीओ को काफी चर्चा के साथ लॉन्च किया गया था और यह देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ था। यह आईपीओ 8-10 नवंबर 2021 के बीच लॉन्च किया गया था। पेटीएम आईपीओ का इश्यू साइज ₹18,300 करोड़ का था और इस इश्यू का प्राइस बैंड ₹2080-₹2150 था। पेटीएम के आईपीओ ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और शेयर बाजार में कीमत पर 9.3% के डिस्काउंट पर लिस्ट किया गया था।
● कोल इंडिया: कोल इंडिया देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनियों में से एक है। कोल इंडिया का आईपीओ इश्यू साइज के मामले में देश का तीसरा सबसे बड़ा आईपीओ था, जो ₹15,200 करोड़ का था। आईपीओ 18-21 अक्टूबर, 2010 के बीच लॉन्च किया गया था और इसे 15 गुना से अधिक का सब्सक्रिप्शन मिला। कोल इंडिया के इस आईपीओ का इश्यू बैंड ₹225-₹245 प्रति शेयर था।

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