South Film Actresses: उत्तर भारत की ये अभिनेत्रियाँ, दक्षिण में हुई सफल
South Film Actresses: भारतीय सिनेमा, दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चित और विशाल कैनवास वाला मनोरंजन उद्योग है। मुख्य रूप से 20 भाषाओं में बनाई जा रही फिल्में लाखों लोगों को रोजगार और करोड़ों लोगों को मनोरंजन प्रदान कर रही हैं। यह भी कम दिलचस्प तथ्य नहीं है कि फिल्म और मनोरंजन उद्योग भाषा, प्रांतीयता और नागरिकता की बंदिशों को तोड़ अपनी एक अलग कम्यूनिटी का निर्माण कर लेता है, जहां सबका उदेश्य मनोरंजन होता है। यदि बात साउथ की फिल्मों में काम कर रही मशहूर अभिनेत्रियों की करें, तो पाएंगें कि वहां की अधिकतर फीमेल स्टार ना दक्षिण के राज्यों में पैदा हुईं, ना वहाँ पली बढ़ी और ना ही वहाँ की भाषा ही ठीक से जानती हैं। फिर भी दक्षिण भारत में वे जबरदस्त लोकप्रिय हैं और उनके प्रशंसकों की संख्या लाखों में हैं । कुछ ऐसी ही अभिनेत्रियों के बारे में जानते हैं।
हंसिका मोटवानी
मुंबई में जन्मीं हंसिका मोटवानी इस समय साउथ की फिल्मों में तहलका मचा रही हैं। मुंबई में ही इनकी पढ़ाई लिखाई भी हुई। 2001 में ही उन्होंने बाल कलाकार के रूप में हिन्दी टीवी सीरियल ' देश में निकला होगा चाँद' से अपने करियर की शुरुआत की। फिर 2005 में टीवी रियल्टी शो गुरुकुल में हिस्सा लिया। 2003 में हिन्दी फिल्म हवा में भी बाल कलाकार की भूमिका निभाई। उसके बाद बतौर हीरोइन उन्होंने हिन्दी फिल्म आप का सुरूर में काम किया। लेकिन उन्हें जब हिन्दी सिनेमा में बहुत सफलता नहीं मिली, तो फिर साउथ की ओर रुख कर लिया।

दर्जनों सफल फिल्मों के बाद हंसिका मोटवानी ने इस साल यह कह कर सबको चौंका दिया कि उन्हें भी कथित तौर पर टॉलीवुड में करियर के शुरुआती दिनों में कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा था। हालांकि उन्होंने इसमें शामिल अभिनेता के नाम का खुलासा नहीं किया।
काजल अग्रवाल
काजल का ताल्लुक एक पंजाबी परिवार से है। मुख्य रूप से अमृतसर के रहने वाले काजल के पिता मुंबई में अपना व्यवसाय करते हैं। काजल की पढ़ाई भी मुंबई में ही हुई। मासकॉम में डिग्री लेने वाली काजल फिल्मों की ओर आकर्षित हुईं और अपने अभिनय करियर की शुरुआत 2004 में बॉलीवुड फिल्म 'क्यों! हो गया ना' से की । जल्दी ही उनको समझ आ गया कि हिन्दी फिल्मों में इतनी जल्दी सफलता नहीं मिलने वाली। काजल ने 2007 में तेलुगु फिल्म से दक्षिण सिनेमा में पदार्पण किया। निर्देशक कल्याण राम के साथ लक्ष्मी कल्याणम में प्रमुख भूमिका निभाई। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर हालांकि बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन उसी वर्ष कृष्णा वामसी द्वारा निर्देशित चंदामामा में उन्हें भूमिका मिल गई और यह उनकी पहली बड़ी सफल फिल्म साबित हुई। काजल अग्रवाल जल्दी ही दक्षिण की फिल्मों में एक स्थापित नाम बन गईं। काजल ने साउथ के सभी बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया है। प्रभास, कार्थी, जूनियर एनटीआर और रवि तेजा के साथ अभिनय कर चुकी हैं।
2011 में काजल की बॉलीवुड में धामकेदार वापसी हुई, जब अजय देवगन के साथ उनकी फिल्म सिंघम परदे पर आई। यह एक तमिल फिल्म की रीमेक थी। काजल अग्रवाल इस साल तब विवादों में आईं, जब उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि हिन्दी सिनेमा में वह माहौल मूल्य, नैतिकता और अनुशासन नहीं है, जो उन्होंने दक्षिण की फिल्मों में देखा है। उन्होंने साउथ की फिल्मों को ही अपनी प्राथमिकता बताया।
श्रिया सरन
श्रिया सरन मूल रूप से हरिद्वार की रहने वाली हैं। कायस्थ परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रिया ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली में पूरी की। उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। सरन एक कुशल नर्तक हैं। लेकिन उनका लगाव फिल्मों में भी था। 2003 में, सरन पहली बार हिंदी फिल्म, तुझे मेरी कसम में नजर आईं, जिसमें रितेश देशमुख और जेनेलिया प्रमुख भूमिकाओं में थे। लेकिन जल्दी ही सरन को समझ आ गया कि सफलता के लिए साउथ की फिल्में ही ठीक रहेंगी। 2004 में चिरंजीवी के साथ तेलुगु फिल्म टैगोर में उन्हें चांस मिला और यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी पुरस्कारों में शामिल हुई । फिर इसके बाद तो उन्होंने कई तमिल फिल्में की, जिसमें एनाक्कू, नी मनसु नाकु तेलुसु प्रमुख थीं। सरन ने अपनी पहली दस फ़िल्मों में से आठ तेलुगु में की थी।
इनके अलावा रकुल प्रीत सिंह साउथ की बड़ी हीरोइन हैं, जिनका ताल्लुक पंजाबी परिवार से है। साउथ की एक और बड़ी स्टार तमन्ना भाटिया हैं, जिनका महाराष्ट्र से ताल्लुक है। वह मूल रूप से सिंधी हैं।












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