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Porn on OTT: धड़ल्ले से दिखाया जा रहा है OTT पर सॉफ्ट पोर्न, जानें कितना बड़ा है बाजार

OTT प्लेटफॉर्म्स पर जमकर अश्लीलता परोसी जा रही है। जिसके चलते एक तरफ यौन उत्पीड़न के मामलों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है, दूसरी तरफ यह एक बड़ा बाजार बन गया है।

Soft obscenity is being shown indiscriminately on OTT, know how big the market is

आजकल OTT प्लेटफॉर्म्स को बहुत ज्यादा पंसद किया जा रहा है क्योंकि यहां पर फिल्म्स देखने की कोई पाबंदी नहीं होती है। इसी का फायदा उठाकर OTT प्लेटफॉर्म्स खुलकर अश्लीलता परोस रहे हैं और इसकी आड़ में सॉफ्ट पोर्नोग्राफी को बढ़ावा दे रहे हैं। साल 2021 में नये आईटी कानून के बाद OTT प्लेटफॉर्म्स ने दावा कर कहा था कि वे अपना कंटेंट रेगुलेट कर रहे हैं। मगर सच्चाई यह है कि अभी भी दर्जनों ऐप खुलेआम सॉफ्ट पोर्न परोस रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार OTT के कारण यौन उत्पीड़न के इरादे से किए गए साइबर क्राइम 2016 से 2020 के बीच 479 प्रतिशत बढ़ गए।

छोटे OTT प्लेटफॉर्म्स की संख्या का अंदाजा नहीं
सच तो यह भी है कि कानून की सख्ती बड़े प्लेटफॉर्म पर तो दिख जाती है लेकिन छोटे-छोटे प्लेटफॉर्म पर क्या दिखाया जा रहा है, इस पर कोई ध्यान ही नहीं देता। केंद्र सरकार को शायद खुद ही नहीं पता कि आखिर कितने OTT प्लेटफॉर्म्स हैं जहां पोर्न परोसा जा रहा है। दरअसल, सरकार की तरफ से OTT प्लेटफॉर्म्स की आधिकारिक संख्या नहीं बतायी गयी है। वहीं छोटे OTT प्लेटफॉर्म्स तब सुर्खियों में आते हैं जब कोई उनके कंटेट को लेकर शिकायत करता है।

पोर्न कंटेंट परोसने वाले दर्जनों ऐप
बढ़ते यौन अपराधों और पोर्न के बढ़ते बाजार में OTT का असर बहुत ज्यादा बढ़ता जा रहा है। न्यूफ्लिक्स, यूफ्लिक्स, एक्स प्राइम, फ्लिज मूवीज, एस्ट्रीम एक्स, हॉटएक्स वीआईपी, हॉट-हिट्स, हॉट-शॉट्स, गोल्ड फ्लिक्स, लॉलीपॉप, बिंदास टाइम्स, अनकट अड्डा, अनकट मसाला, कुकू, उल्लू जैसे कई दर्जनों ऐप और वेबसाइट मौजूद हैं जो खुलकर पोर्न कंटेंट उपलब्ध करवाते हैं। वहीं नेटफ्लिक्स, अल्ट बालाजी, एमएक्स प्लेयर जैसे कुछ मशहूर OTT प्लेटफॉर्म्स भी हैं जो इरोटिक कंटेंट और सेमी पॉर्न कंटेंट परोसते हैं।

OTT पर इतने मामले सामने आए
NCRB की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2015-16 में OTT पर पोर्न कंटेंट फैलाने के 957 केस सामने आये। वहीं 569 केस यौन उत्पीड़न के लिए साइबर क्राइम में दर्ज किये गये। इसके बाद साल 2017-18 के बीच पोर्न कंटेट फैलाने के 4410 केस संज्ञान में आये, जबकि 2030 केस यौन उत्पीड़न के लिए साइबर क्राइम में सामने आये। साथ ही 862 केस थे, जिसमें पोर्न से महिलाओं को परेशान किया गया। वहीं साल 2019-20 के बीच मामले बढ़ गये और पोर्न कंटेट फैलाने के 12616 केस दर्ज किए गए। जबकि 3293 केस यौन उत्पीड़न के लिए साइबर क्राइम में सामने आये। और 1655 केस ऐसे मिले जहां पोर्न से महिलाओं को परेशान किया गया था।

2662 मामलों में आरोप सही मिले
'क्राइम इन इंडिया-2020' की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 में पोर्न कंटेंट फैलाने के कुल 12616 केस मिले लेकिन सिर्फ 3650 मामलों में चार्जशीट बनाई गयी है। दरअसल 2662 मामले ऐसे थे जिनमें पुलिस जांच में आरोप तो सही निकले लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल पाया। वहीं साल 2020 में पुलिस ने पोर्न कंटेंट फैलाने के कुल 4686 मामले कोर्ट में पेश किये। इनमें से सिर्फ 8 में ही न्यायालय ने दोष सिद्ध किया।

OTT कंटेंट पर सुप्रीम कोर्ट भी चिंतित
OTT पर परोसे जा रहे कंटेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी चिंता जाहिर कर चुका है। कोर्ट को कहना पड़ा कि OTT प्लेटफार्म कई बार अश्लील कंटेंट परोसते हैं। अक्टूबर 2022 में एकता कपूर की ऑल्ट बालाजी पर XXX सीरीज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एकता कपूर को जमकर फटकार लगाई थी। जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस सीटी रवि कुमार की बेंच ने एकता कपूर को कहा था कि आपका कंटेंट सब जगह उपलब्ध है। कहीं से भी देखा जा सकता है। लोगों को आप कैसी चीजें दिखाने की कोशिश कर रही हैं? आप आज के युवाओं के दिमाग को दूषित कर रही हैं। आप उन्हें गलत विकल्प दे रही हैं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एकता कपूर को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भविष्य में अब कोई और दलील उनके पास आती है, तो कोर्ट उनसे एक लागत वसूल करेगी।

हर आयु के लोग देखते हैं OTT पर फिल्में और सीरीज
भारत में OTT प्लेटफॉर्म्स किसी न किसी रूप में 2006 से मौजूद हैं। OTT प्लेटफॉर्म्स पर हर आयु वर्ग के लोग, करोड़ों की संख्या में हफ्ते में औसतन 8 घंटे बिताते हैं। एक हफ्ते में कम से कम 12 बार OTT प्लेटफॉर्म्स पर आते हैं। भारत में 28% लोग सिर्फ एक OTT प्लेटफॉर्म्स से जुड़े हैं। जबकि 56% एक से ज्यादा सब्सक्रिप्शन वाले हैं और 16% लोग अभी OTT से नहीं जुड़े हैं।

हजारों करोड़ का है OTT का बाजार
KPMG की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में भारत में OTT का बाजार करीब 7600 करोड़ रुपया का था, जो साल 2021 में 29 हजार करोड़ के पार पहुंच गया। वहीं यह कारोबार भारत में 2016 से 2021 के बीच 30 प्रतिशत के कंपाउंड रेट से बढ़ा है। साथ ही यह भी बता दें कि साल 2016 से 2020 के दौरान अश्लील कंटेंट इन OTT प्लेटफॉर्म्स पर 1200% तेजी से बढ़ा है।

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