Sea Pirates: कौन हैं समुद्री लुटेरे, कहां हो रहे हैं इनके हमले?
Sea Pirates: भारतीय नौसेना ने हाल ही में 19 पाकिस्तानी मछुआरों वाले एक जहाज को बचाया, जिसका अरब सागर में सशस्त्र सोमाली समुद्री डाकुओं ने अपहरण कर लिया था।
बचाव अभियान भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सुमित्रा द्वारा चलाया गया, जिसने समुद्री डकैती के प्रयास को विफल कर दिया और मछली पकड़ने वाले जहाज अल नईमी पर सवार चालक दल को बचाया।

सोमाली समुद्री डाकुओं से ईरानी ध्वज वाले मछली पकड़ने वाले जहाज के पिछले बचाव के बाद, इस क्षेत्र में भारतीय नौसेना द्वारा चलाया गया यह दूसरा सफल समुद्री डकैती विरोधी अभियान है। आइए जानते हैं कौन होते हैं समुद्री डाकू, और कहां पर हैं ये सक्रिय।
कौन होते है 'सी पाइरेट्स'?
'सी पाइरेट्स', जिन्हें समुद्री डाकू भी कहा जाता है, ऐसे लोग हैं जो जहाज या नाव पर सवार होकर, किसी अन्य जहाज या तटीय क्षेत्र पर डकैती या आपराधिक हिंसा के कृत्यों में शामिल होते हैं। अक्सर ये जहाज का सामान लूट लेते हैं या फिर जहाज के लोगों का अपहरण कर मोटी फिरौती मांगते हैं। पिछले दिनों यह भी देखा गया है कि ये समुद्री लुटेरे नई तकनीक और तेज मोटर बोट के साथ समुद्री इलाके में डाका डालते हैं और अपने साथ उन्नत हथियार और गोला-बारूद भी लेकर चलते हैं ।
यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी' (UNCLOS) 1982 के अनुसार समुद्री डकैत उन्हें कहा जाता है जो किसी देश की समुद्री सीमा और नियमों का उल्लंघन कर एक निजी जहाज या विमान के जरिए निजी उद्देश्यों के लिए हिंसा या अन्य आपराधिक कृत्य करते हैं। सरल शब्दों में, समुद्री डकैत निजी जहाज या विमान पर सवार होकर अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में रहते हुए व्यक्तिगत लाभ के लिए बल या धमकी का उपयोग करते हैं।
किन-किन क्षेत्रों में सक्रिय समुद्री डकैत!
समुद्री डकैती एक वैश्विक मुद्दा है जो कई देशों और महासागरों को प्रभावित करता है। कुछ प्रमुख क्षेत्र जहां समुद्री डकैत सक्रिय हैं, उनमें मलक्का स्ट्रेट्स, दक्षिण चीन सागर, अदन की खाड़ी व लाल सागर शामिल हैं। 2022 में, सबसे अधिक समुद्री डकैती, लगभग 38, सिंगापुर खाड़ी में हुई।
इसके अलावा, उसी वर्ष फिलीपींस के जल क्षेत्र में छह और इंडोनेशिया के जल क्षेत्र में दस ऐसे हमले हुए। अन्य क्षेत्र जहां समुद्री डकैती सक्रिय है, उनमें इंडोनेशिया में अनाम्बास, नटुना और मेरुंडुंग द्वीप समूह, सुलु और सेलेब्स सागर, कैरेबियन स्ट्रेट्स शामिल हैं। हिंद महासागर भी समुद्री डाकुओं की हरकतों का शिकार है। ये समुद्री डाकू ज्यादातर सोमालिया से होते हैं और भारतीयों के साथ-साथ अन्य देशों के जहाजों के लिए भी समस्याएँ पैदा कर रहे हैं।
समुद्री डाकुओं द्वारा किए गये कुछ बड़े हमले!
● 26 नवंबर, 2023 को, एक इजरायली व्यवसायी टैंकर यमन के पास समुद्री डकैती का शिकार हो गया था। बहुराष्ट्रीय दल और फॉस्फोरिक एसिड का पूरा माल ले जा रहे जहाज पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया, जो बाद में सोमाली समुद्री डाकू के रूप में सामने आए। अमेरिकी नौसेना ने, अन्य गठबंधन बलों के सहयोग से, जहाज को संकट से उबारा गया और अपहरण के प्रयास को सफलतापूर्वक विफल कर डकैतों को हिरासत में ले लिया गया । यह घटना इज़राइल और अदन, यमन को नियंत्रित करने वाले समूह के बीच युद्धविराम के दौरान हुई थी।
● नवंबर 2023 में इज़राइल-हमास युद्ध के दौरान, यमनी हूती विद्रोहियों ने एक हेलीकॉप्टर से डेक के शीर्ष पर उतरकर, लाल सागर में एक जापानी संचालित, ब्रिटिश स्वामित्व वाले मालवाहक जहाज को हाईजैक कर लिया। हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि जहाज इज़रायली था, इस दावे का इज़रायल ने खंडन किया। उनको बचाने के लिए भी ऑपरेशंस चलाए गए।
● फरवरी 2011 में, सोमाली समुद्री डाकुओं ने क्वेस्ट नामक एक जहाज को हाईजैक कर लिया था, जिसके मालिक दो अमेरिकी थे जो दुनिया भर में बाइबिल वितरित कर रहे थे। उनके साथ दो अमेरिकी यात्री भी थे। अमेरिकी विशेष बलों द्वारा जहाज पर हमला करने से पहले समुद्री लुटेरों ने सभी चार अमेरिकियों की गोली मारकर हत्या कर दी। सोमाली समुद्री डकैती 1990 के दशक की शुरुआत से ही एक समस्या रही है।
समुद्री डकैतों के लिए मोर्चाबंदी!
कई देशों ने विभिन्न रणनीतियों के जरिए समुद्री डकैती से निपटने के उपाय किए हैं। रीजनल कोपरेशन एग्रीमेंट ऑन कॉम्बैटिंग पायरेसी एंड आर्म्ड रॉबरी अगेंस्ट शिप्स इन एशिया (ReCAAP) ऐसा ही एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय प्रयास है, जिसका उद्देश्य एशिया में जहाजों के खिलाफ समुद्री डकैतों से बचाव करना है। इस समय इस संगठन के साथ 21 देश (14 एशियाई देश, 5 यूरोपीय देश, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका) शामिल हैं।
अगस्त 2021 में ReCAAP के कार्यकारी निदेशक के चुनाव में भारत के तटरक्षक बल के महानिदेशक, के. नटराजन को अगले कार्यकारी निदेशक के रूप में चुना गया। इस चुनाव में भारत के उम्मीदवार ने चीन के उम्मीदवार को पछाड़ दिया। भारत के उम्मीदवार ने ReCAAP के कुल 21 सदस्य देशों में से 14 वोट प्राप्त करके दो-तिहाई बहुमत प्राप्त किया। चीन को चार और फिलीपींस को तीन वोट मिले। इसका मतलब है कि अभी भारत ReCAAP का नेतृत्व कर रहा है।












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