Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Rice Export Ban: भारत के एक फैसले से अमेरिका के बाजारों से चावल गायब? पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Rice Export Ban: भारत सरकार ने गैर-बासमती चावल के निर्यात पर रोक लगा दी है। सरकार ने ये फैसला आगामी त्यौहारी सीजन और घरेलू बाजारों में महंगाई को देखते हुए कदम उठाया है। लेकिन, इस प्रतिबंध का असर अमेरिका समेत अब पूरी दुनिया के बाजारों में दिखने लगा है। अमेरिका के सुपरमार्केटों के कई ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिनमें देखा जा सकता है कि लोग चावल खरीदने के लिए अफरा-तफरी मचा रहे हैं। अमेरिका में चारों ओर 'पैनिक बाइंग' की स्थिति देखी जा सकती है। लोगों को डर है कि कहीं भारत से निर्यात बंद होने पर देश में चावल की कमी न हो जाये।

भारत सरकार ने क्यों किया ऐसा?

खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने देश में अस्थिर खुदरा कीमतों को स्थिर करने के लिए 20 जुलाई 2023 को गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया था। रॉयटर्स के मुताबिक यह कदम भारत सरकार ने इसलिए उठाया क्योंकि उत्तर भारत (यूपी, बिहार, एमपी व अन्य) के चावल उत्पादक राज्यों में भारी मानसूनी बारिश और देश के अन्य हिस्सों में कम बारिश जैसी मौसम की अनिश्चितताओं के कारण देश में चावल उत्पादन प्रभावित हुआ है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट यह भी बताते हैं कि आने वाले त्यौहारी सीजन में देश में चावल की बढ़ती डिमांड के कारण भारत ने चावल के निर्यात पर रोक लगा दी है।

scramble for rice in america after india Rice Export Ban

अमेरिका में क्यों मचा हंगामा?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में चावल का शीर्ष निर्यातक देश भारत है। जिसके कारण चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद इसकी कीमतों में वैश्विक स्तर पर उछाल आना तय था। क्योंकि वैश्विक खाद्य बाजारों पर खराब मौसम और रूस-यूक्रेन जंग के कारण पहले से ही दबाव बढ़ा हुआ है। इसका असर अमेरिका समेत दुनिया में देखने को मिल रहा है।

'फर्स्ट पोस्ट' के मुताबिक जैसे ही भारत ने चावल के निर्यात पर प्रतिबंध की घोषणा की, वैसे ही अमेरिका में रहने वाले एशियाई लोग चितिंत हो गये। उनकी चिंता इसलिए थी कि कहीं चावल (उनका मुख्य भोजन) मिलना बंद न हो जाये। इसलिए अमेरिका के दुकानों और सुपरमार्टों में ज्यादातर एशियाई समुदाय के लोगों की भीड़ बढ़ गयी।

'द फ्रंटलाइन' की एक रिपोर्ट की मानें तो ओहियो में भारतीय उत्पाद बेचने वाले एक स्टोर मालिक के पास चावल खरीदने वालों की भीड़ बढ़ गयी थी। इसलिए उन्होंने प्रति व्यक्ति को केवल 20 पाउंड (9.07 किलोग्राम) सफेद चावल का पैकेट खरीदना सीमित कर दिया। जिसकी कीमत 24 डॉलर थी। बावजूद इसके प्रतिबंध के अगले दिन कुछ ही घंटों में बासमती समेत सभी सफेद चावल की किस्में बिक गयीं। अमेरिका के लगभग सभी शहरों में चावल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

भारत से कितना चावल खरीदता है अमेरिका?

सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2022-23 में उत्तरी अमेरिकी बाजार, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा शामिल हैं, ने भारत से 64,330 टन गैर-बासमती चावल का आयात किया था। वहीं साल 2022 में भारत के दो मुख्य प्रवासी बाजारों, खाड़ी देशों और यूरोप ने क्रमशः 6.95 लाख टन और 73,000 टन का चावल आयात किया था।

भारत के चावल निर्यात का 'बाजार' क्या है?

स्टैटिका की रिपोर्ट के मुताबिक 2022-23 तक भारत से चावल निर्यात की मात्रा 21.5 मिलियन मीट्रिक टन के साथ दुनिया भर में सबसे अधिक थी। वहीं दुनिया भर में लगभग 8.2 मिलियन मीट्रिक टन चावल के साथ थाईलैंड दूसरा सबसे बड़ा चावल निर्यातक है। वहीं डेटा एनालिटिक्स फर्म ग्रो इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में बासमती चावल शिपमेंट में भारत की हिस्सेदारी 40% से भी ज्यादा है, जबकि 25% के करीब हिस्सेदारी गैर-बासमती सफेद चावल की है।

वहीं वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्तवर्ष 2022-23 में भारत का बासमती चावल का कुल निर्यात 4.8 बिलियन डॉलर का हुआ था। जबकि मात्रा के लिहाज से यह 45.6 लाख टन चावल था। इसी तरह गैर-बासमती का निर्यात पिछले वित्तवर्ष में 6.36 बिलियन डॉलर रहा था, जबकि मात्रा के हिसाब से यह 177.9 लाख टन था।

भारत के चावल पर कितने देश निर्भर?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 में दुनियाभर में 55.4 मिलियन मीट्रिक टन चावल निर्यातक देशों ने निर्यात किया था। जिसमें से 40% हिस्सेदारी केवल भारत की थी। भारत का चावल शिपमेंट 2022 में रिकॉर्ड 22.2 मिलियन टन तक पहुंच गया था। जो दुनिया के अनाज के अगले चार सबसे बड़े निर्यातकों (थाईलैंड, वियतनाम, पाकिस्तान और संयुक्त राज्य अमेरिका) के संयुक्त शिपमेंट से अधिक था।

वहीं भारत, दुनियाभर के 140 से अधिक देशों को चावल निर्यात करता है। भारतीय गैर-बासमती चावल के प्रमुख खरीदारों में शामिल हैं बेनिन, बांग्लादेश, अंगोला, कैमरून, जिबूती, गिनी, आइवरी कोस्ट, केन्या और नेपाल। वहीं ईरान, इराक और सऊदी अरब जैसे देश मुख्य रूप से भारत से प्रीमियम बासमती चावल खरीदते हैं।

साल 2012 से भारत चावल का सबसे बड़ा निर्यातक देश रहा है। भारत सरकार के चावल निर्यात रोकने के फैसले से ग्लोबल फूड मार्केट में महंगाई तो बढ़ेगी ही, कई देशों में खाद्यान्न संकट भी खड़ा हो सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+