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Sahara India: कैसे फंसा सहारा इंडिया में निवेशकों का धन, कितना और कब मिलेगा वापस?

Sahara India: आजकल सहारा इंडिया सुर्खियों में है। दरअसल, सहारा इंडिया में लाखों निवेशकों का फंसा पैसा मिलने की उम्मीद जग गयी है। 19 जुलाई 2023 यानि मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 'सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल' लांच किया। केंद्र सरकार का कहना है कि इस पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद करीब 45 दिनों के अंदर आपका पैसा वापस हो जायेगा।

सहारा इंडिया - क्या है प्रकरण?

वर्ष 1978 में गोरखपुर में सहारा इंडिया कंपनी की स्थापना हुई। उस समय यह कंपनी लोगों से पैसे लेकर उस पर अच्छा रिर्टन देती थी, इसलिए इसकी लोकप्रियता बढ़ती गयी। जिसके चलते सहारा ने अपना कारोबार फैलाना शुरू किया और कई नामों से चिट फंड का काम चलने लगा।

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साल 2009 में सहारा समूह की दो कंपनियां सहारा हाऊसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन ने अपने आईपीओ के लिए सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) में आवेदन किया। आईपीओ, यानि प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश के द्वारा कंपनी पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने शेयरों को ऑफर करके सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी बनती है। आईपीओ के माध्यम से ही कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नाम मिलता है।

आईपीओ आने के उपरांत सेबी की जांच में एक घोटाला सामने आया, जिसमें सहारा इंडिया ने गलत तरीकों द्वारा लाखों निवेशकों से अवैध रूप से ₹24000 करोड़ एकत्र किये थे। सेबी ने सहारा के इस काम पर रोक लगा दी और आदेश जारी किया कि जिन लोगों का पैसा सहारा में जमा है, उन्हें 15% ब्याज की दर से पैसा वापस लौटाया जाए। परंतु सहारा ने निवेशकों का पैसा नहीं लौटाया। केस कोर्ट में चला गया तथा लोगों का पैसा फंस गया।

इस दौरान सहारा इंडिया पर मनी लॉन्डरिंग के आरोप लगे। कंपनी के चेयरमेन सुब्रत रॉय की गिरफ्तारी हुई और निवेशकों को कुछ हाथ नहीं लगा। किसी निवेशक का एक लाख, किसी का दो लाख या उससे भी अधिक धन फैंस गया। निवेशक अपने ही पैसे के लिए कोर्ट के चक्कर काटते रहे। निवेशकों ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप के लिए कहा तथा केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।

केंद्र सरकार की याचिका को 29 मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी थी। इस याचिका में केंद्र सरकार ने निवेदन किया था कि सहारा इंडिया में फंसे ₹24000 करोड़ के फंड में से ₹5000 करोड़ का फंड आवंटित किया जाए, ताकि निराश निवेशकों को उनका फंड वापस किया जा सके। इस आदेश में सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) को सहारा समूह की सहकारी समितियों के निवेशकों के भुगतान हेतु सुप्रीम कोर्ट ने 'सहारा-सेबी रिफंड खाते' से ₹5000 करोड़ हस्तांतरित करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के उपरांत 19 जुलाई 2023 को केंद्र सरकार ने सहारा इंडिया के निवेशकों को पैसा वापिसी के मद्देनजर 'सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल' लांच किया है।

किन निवेशकों को कितना मिलेगा धन?

सहारा इंडिया में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के लोगों ने ज्यादा निवेश किया है। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं कि जिन्होंने अपने जीवन की पूरी कमाई सहारा इंडिया में लगा दी थी। केंद्र सरकार के 'सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल' लांच के उपरांत इन लोगों को बड़ी राहत महसूस हुई है। इस पोर्टल के प्रथम चरण में यानि अभी निवेशकों को केवल ₹5000 करोड़ ही आवंटित किये जायेगें। इसमें प्रत्येक निवेशक को अभी ₹10,000 ही मिलेगें, चाहें उसने ₹10,000 निवेश किये हो अथवा इससे अधिक राशि निवेश की हो। इसके बाद इस राशि में बढ़ोत्तरी हो सकती है।

निवेशकों को कैसे मिलेगा पैसा?

सबसे पहले सहारा निवेशकों को 'सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल' पर जाकर पोर्टल पर अपनी सही जानकारियां देनी होंगी। साथ ही संबंधित दस्तावेज अपलोड भी करने होंगे। उसके उपरांत अपने निवेदन को सबमिट करना है। सबमिट होने के बाद आपको एक क्लेम रिक्वेस्ट नंबर प्राप्त होगा। केंद्र सरकार का कहना है कि आवेदन करने के 45 दिनों के भीतर आपको ₹10,000 की राशि प्राप्त हो जायेगी। क्योंकि निवेदन किए जाने के उपरांत सहारा इंडिया निवेशकों के दस्तावेज सहारा ग्रुप की समितियों द्वारा 30 दिन के भीतर जांच के बाद सत्यापित कर दिये जाएंगे और इसकी सूचना निवेशकों को एसएमएस द्वारा प्राप्त होगी।

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