Shishir Khanal India visit: काठमांडू में खुलेगा IIT और AIIMS? नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने दिए संकेत
IIT AIIMS in Nepal: भारत और नेपाल के रिश्तों में एक नया अध्याय शुरू होता दिख रहा है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल की पहली आधिकारिक भारत यात्रा सिर्फ एक कूटनीतिक दौरा नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच नए भरोसे और साझेदारी का संकेत मानी जा रही है। इस दौरान शिक्षा, तकनीक, ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
सबसे ज्यादा चर्चा उस प्रस्ताव की हो रही है, जिसमें नेपाल ने भारत के सहयोग से अपने यहां IIT या AIIMS कैंपस खोलने की इच्छा जताई है। अगर यह योजना आगे बढ़ती है, तो यह दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई दे सकती है।

नेपाल ने रखा IIT और AIIMS का प्रस्ताव
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने NDTV को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनकी सरकार शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भारत के साथ बड़े स्तर पर सहयोग चाहती है। इसी सोच के तहत नेपाल ने अपने यहां IIT या AIIMS जैसा विश्वस्तरीय संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। उनका मानना है कि इससे नेपाली छात्रों को विदेश जाने की जरूरत कम होगी और उन्हें अपने देश में ही बेहतर शिक्षा और रिसर्च की सुविधा मिल सकेगी। यह कदम नेपाल के शिक्षा सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
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Shishir Khanal India visit: रिश्तों में नई शुरुआत का संदेश
खनाल का दौरा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नेपाल अब पुराने राजनीतिक विवादों और मतभेदों को पीछे छोड़ना चाहता है। नई सरकार का फोकस अब विकास, निवेश और आर्थिक सहयोग पर है। नेपाल का मानना है कि भारत के साथ मजबूत साझेदारी दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगी। यही वजह है कि कूटनीतिक मुद्दों की बजाय इस बार बातचीत में प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स और विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी गई है।
शिक्षा और तकनीक पर रहेगा खास फोकस
नेपाल सरकार चाहती है कि उसके युवा आधुनिक तकनीक और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसके लिए भारत के अनुभव और संस्थानों का सहयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर IIT या AIIMS जैसी संस्थाओं का विस्तार नेपाल तक होता है, तो इससे केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि मेडिकल रिसर्च, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और स्किल ट्रेनिंग के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुल सकती हैं। इससे दोनों देशों के छात्रों और विशेषज्ञों को भी लाभ मिलेगा।
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बालेन शाह के भारत दौरे की भी चर्चा
नेपाल के विदेश मंत्री ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री बालेन शाह को भारत आने का निमंत्रण मिल चुका है। हालांकि फिलहाल शाह अपने घरेलू एजेंडे और नए बजट के क्रियान्वयन पर ध्यान दे रहे हैं। नेपाल सरकार की प्राथमिकता इस समय जनता को बेहतर सेवाएं और विकास परियोजनाओं के नतीजे देना है। इसके बावजूद माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में भारत और नेपाल के बीच उच्च स्तरीय मुलाकातें तेज होंगी और कई अहम समझौते भी हो सकते हैं।
ऊर्जा, कनेक्टिविटी और निवेश पर बढ़ेगा सहयोग
शिक्षा के अलावा दोनों देशों की बातचीत में ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी अहम स्थान मिला है। नेपाल अपनी जलविद्युत क्षमता को विकसित करने के लिए भारत के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। वहीं सीमा पार कनेक्टिविटी, डिजिटल नेटवर्क और व्यापार को आसान बनाने पर भी चर्चा हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो भारत-नेपाल संबंध केवल राजनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक और तकनीकी साझेदारी के मजबूत मॉडल के रूप में उभर सकते हैं।












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