Aye Zindagi : 'लिवर सिरोसिस' का दर्द और 'अंगदान' का मतलब समझा पाएगी 'ए जिंदगी'? Exclusive
Aye Zindagi: इन दिनों मशहूर अभिनेत्री ' रेवती' अपनी आने वाली फिल्म 'ए जिंदगी' को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं। वजह है फिल्म का सब्जेक्ट, जो कि लोगों को अंगदान और उसकी उपयोगिता को बताता है। लगभग 6 साल बाद पर्दे पर वापसी कर रही रेवती इस फिल्म में मेडिकल काउंसलर का रोल प्ले कर रही हैं तो फिल्म में हीरो के रूप में सत्यजीत दुबे हैं, जो कि फिल्म में लिवर सिरोसिस से पीड़ित 26 साल के लड़के का रोल प्ले कर रहे हैं, जिन्हें डॉक्टर की ओर से जीने के लिए केवल 6 महीने दिए गए हैं। ऐ जिंदगी का लेखन-निर्देशन डा. अनिर्बान बोस ने किया है।

गंभीर सब्जेक्ट पर आधारित है Aye Zindagi
पिछले लंबे वक्त से बॉलीवुड पर तथ्यपरक फिल्में ना बनने का आरोप लगता आया है, ऐसे में ये फिल्म एक गंभीर सब्जेक्ट की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। आपको बता दें कि कैंसर के बाद लिवर सिरोसिस सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है और इसका इलाज केवल अंगदान है, जिसकी उपयोगिता आज भी देश में लोग कम ही समझते हैं।

गंभीर रोग है लिवर सिरोसिस
मालूम हो कि इस रोग में लिवर की सेल्स नष्ट हो जाती हैं और उनकी जगह फाइबर्स हो जाते हैं, जिसके कारण लिवर का फंक्शन और शेप दोनों ही बदल जाता है। इंसान हमेशा खुद को बीमार समझने लगता है। उसमें ऊर्जा की कमी हो जाती है, उसके शरीर का वजन बढ़ जाता है, बॉडी पर अजीब-अजीब लाल रंग के निशान बन जाते हैं। बॉडी कमजोर हो जाती है और कुछ भी डाइजेस्ट नहीं होता है।

शराब का सेवन ही मेन कारण नहीं
मूल रूप से शराब पीना लिवर सिरोसिस की मुख्य वजह है लेकिन ऐसा नहीं है कि ये रोग केवल शराब का सेवन करने वालों को ही होता है बल्कि इसके पीछे कारण 'स्टीटोहेपेटाइटिस' और 'हेपेटाइटिस बी' भी है। ऐसे ही रोगों से इलाज के लिए 'अंगदान' को महत्व दिए जाने पर जोर दिया जा रहा है। इस बारे में पीजीआई रोटो के नोडल अधिकारी प्रो. विपिन कौशन ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि 'अंग अमूल्य हैं, उसे जलाकर राख करने के बजाय अगर दान कर दिए जाएं तो शायद देश के आधे से ज्यादा लोग इस खूबसूरत दुनिया को देख पाएंगे और किसी का बच्चा अंग की कमी से नहीं मरेगा।'

'डॉक्टर, नर्स, वार्ड बॉय...ही असली हीरो'
फिल्म 'ए जिंदगी' के बारे में रेवती ने कहा कि 'मैंने भले ही पर्दे पर कई तरह के रोल प्ले किए हों लेकिन डॉक्टर, नर्स, वार्ड बॉय और एम्बुलेंस ड्राइवर देश के रीयल हीरो हैं, जिनके बिना इंसान अपने कठिन वक्त में आगे नहीं बढ़ सकता है। 'ए जिंदगी' इन्ही हीरो को समर्पित हैं। फिल्म का सब्जेक्ट इतना अच्छा था कि मुझे लगा कि ये बात लोगों तक पहुंचनी चाहिए, मुझे उम्मीद है कि लोग इसे समझेंगे भी।'
गंभीर मुद्दे को उठाती फिल्म 'ए जिंदगी'
फिलहाल एक गंभीर मुद्दे को उठाती फिल्म 'ए जिंदगी' कितना लोगों के जागरूक कर पाती है, ये तो फिल्म के रिलीज के बाद पता चलेगा लेकिन इसमें कोई शक नहीं की फिल्म के ट्रेलर ने लोगों का ध्यान गंभीर विषय पर खींचा है। आपको बता दें कि फिल्म 14 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है।












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