मैं यह पत्र नरेंद्र मोदी के फैन के रूप में नहीं लिख रहा हूं

ऐसा लगता है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ने देश की राष्ट्रभक्त पार्टी को नीचे गिराने का फैसला कर लिया है। केजरीवाल जो हमेशा से कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए का विरोध करते थे, उन्होंने ही कांग्रेस से हाथ मिला लिया। इन सारी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए मैं फ्रस्टेटेड हो गया हूं। यह सभी भारतीयों के लिये शर्मनाक है। मैं सभी से गुजारिश करना चाहता हूं कि यदि आप असली भारतीय हैं, तो देश के भविष्य के बारे में सोचें, आप चाहे किसी भी राज्य के क्यों न हो, देश के लिये आपका कर्तव्य बनता है।
जरा सोचिये भारत के लिये नरेंद्र मोदी क्यों जरूरी हैं। तब आपको परिस्थितियों का अंदाजा हो जायेगा। यहां तक भारत का बच्चा-बच्चा अब गुजरात के विकास की गाथा गा रहा है।
पढ़ें- नरेंद्र मोदी और इंदिरा गांधी में समानताएं
लेकिन कांग्रेस और आप क्या कह रही हैं? केजरीवाल की आंखें सोनिया गांधी, रॉबर्ट वाड्रा और राहुल गांधी पर क्यों नहीं पड़ती, जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। इसमें कोई शक नहीं कि यूपीए सरकार अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार रही है।
मैं ये सवाल भारत के भविष्य के लिये पूछ रहा हूं। मैं यह पत्र मोदी के फैन के रूप में नहीं लिख रहा हूं और न ही उन लोगों को ठेस पहुंचाने के लिये जो मोदी के आलोचक हैं। मुझे अपने खिलाफ कमेंट्स की भी परवाह नहीं।
क्या आपको कांग्रेस, आप और तीसरे मोर्चे में कोई फर्क दिखाई दे रहा है? ये सभी हमेशा से अल्पसंख्यकों के विकास की बात करते हैं, लेकिन अगर ईमानदारी से विकास किया होता तो आज अल्पसंख्यक परेशान क्यों घूम रहे होते। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि भाजपा में सभी नेता ईमानदार हैं। यहां भी येदियुरप्पा और रेड्डी बंधु जैसे लोग हैं।
पढ़ें- नेहरू की जगह केजरीवाल होते तो?
लेकिन वर्तमन परिस्थितियों में मोदी की देश को जरूरत है। चीन हमेशा से ही सरहद पर भारत के साथ खेल खेलता रहता है। पाकिस्तान हमारे सैनिकों को मार गिराने में जरा भी देर नहीं लगाता, लेकिन यूपीए सरकार ने आज तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया। लेकिन मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान ही पाक और चीन को कड़ी चेतावनी दे दी।
मोदी को बार-बार गोधरा और 2002 के दंगों के लिये दोषी ठहराया जाता है, जबकि सच्चाई तो यह है कि 2002 के बाद से आज तक गुजरात में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। वहीं कांग्रेस नेतृत्व वाले राज्यों में दंगे कई बार हुए। किसी ने अन्य दंगों पर कभी सवाल नहीं उठाये।
मैं अंत में सिर्फ इतना कहना चाहूंगा, मोदी अगर प्रधानमंत्री नहीं बने तो भी मैं/हम कुछ नहीं खोयेंगे। बस हमें दु:ख होगा, कुछ दिन के लिये, लेकिन भारत के भविष्य के लिये यह यह बड़ा आघात होगा। यह याद रखियेगा।
नोट- यह लेख मैंगलोर से हमारे पाठक निश्चित द्वारा भेजे गये पत्र पर आधारित है। आप भी हमें किसी भी मुद्दे पर अपनी ओपिनियन [email protected] पर भेज सकते हैं। सब्जेक्ट लाइन में My Opinion लिखना मत भूलें।












Click it and Unblock the Notifications