RBI Penalty: रिजर्व बैंक ने बैंकों पर लगाया भारी जुर्माना, जानें इस साल के 5 महीनों का हिसाब
भारतीय रिजर्व बैंक इस साल जनवरी से लेकर मई के बीच 71 बैंकों पर 9 करोड़ 73 लाख रुपए का जुर्माना लगा चुका है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने सख्त एक्शन लेते हुए 25 मई 2023 को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर भारी जुर्माना लगाया है। आरबीआई की तरफ से बैंक पर ₹84.50 लाख का जुर्माना लगाया गया है। इसे लेकर आरबीआई ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि ट्रांजेक्शन से जुड़े नियमों का सही से पालन नहीं करने की वजह से जुर्माना लगाया गया है।
बड़ी बात यह है कि आरबीआई ने सिर्फ मई महीने में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से पहले केनरा बैंक पर भी ₹2 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया था। अब सवाल यह उठता है कि क्या बैंक अपना काम सही से नहीं कर रहे हैं जो आरबीआई बार-बार बैंकों पर जुर्माना लगा रहा है? चलिए जानते हैं कि बीते कुछ महीनों में कितने बैंकों पर आरबीआई ने कितना जुर्माना लगाया है?
2023 में कब-कब कितने बैंकों पर लगा जुर्माना
आरबीआई समय-समय पर बैंकों की अनियमितता को लेकर उन पर जुर्माना लगाती रहती है, साथ ही प्रेस रिलीज भी जारी करती है। इसके मुताबिक आरबीआई ने जनवरी से लेकर मई, 2023 (पांच महीनों) तक 71 बैंकों पर 9 करोड़, 73 लाख, 8 हजार (₹9,73,08,000) का जुर्माना लगाया है।
जनवरी में 1 करोड़ 72 लाख का जुर्माना
आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी, 2023 में आरबीआई द्वारा 14 बार बैंकों पर तकरीबन ₹1,72,00,000 का जुर्माना लगाया गया था।
- 2 जनवरी को दो बैंकों पर एक-एक लाख रुपयों का जुर्माना लगाया गया। इन बैंकों के नाम श्री महायोगी लक्ष्मम्मा सहकारी बैंक लिमिटेड (आंध्र प्रदेश) और अट्टूर टाउन सहकारी बैंक लिमिटेड (तमिलनाडु) हैं।
- 4 जनवरी को दो बैंकों पर जुर्माना लगा, तिरुपति शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹50 हजार का जुर्माना और शिरपुर पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर ₹3 लाख का जुर्माना।
- 5 जनवरी को महाराष्ट्र की गोंदिया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 6 जनवरी को 3 बैंकों पर जुर्माना लगाया। जिसमें बहादुर चंद इंवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (नई दिल्ली) पर ₹30 लाख, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड (उत्तराखंड) पर ₹2 लाख और नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड (जम्मू) पर ₹5 लाख) शामिल हैं।
- 16 जनवरी को समर्थ सहकारी बैंक लिमिटेड, सोलापुर (महाराष्ट्र) पर ₹16 लाख रुपये का जुर्माना लगा।
- 17 जनवरी को नूतन नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद पर ₹26 लाख का जुर्माना ठोका गया।
- 23 जनवरी को इल्कल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, कर्नाटक पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 30 जनवरी को 2 बैंकों पर जुर्माना लगाया गया। जिसमें नॉर्थ ईस्ट स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड पर ₹39.50 लाख और बैंक ऑफ बड़ौदा पर ₹30 लाख का जुर्माना लगाया गया था।
- 31 जनवरी को उत्कल सहकारी बैंक लिमिटेड, ओडिशा पर ₹15 लाख का जुर्माना ठोका गया था।
फरवरी में 70 लाख 98 हजार का जुर्माना
रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी, 2023 में आरबीआई द्वारा 14 बैंकों पर तकरीबन ₹70,98,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
- 1 फरवरी को क्रेजीबी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, बैंगलोर पर आरबीआई ने ₹42.48 लाख जुर्माना लगाया।
- 7 फरवरी को वैद्यनाथ शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, बीड (महाराष्ट्र) पर ₹7 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 14 फरवरी को आरबीआई ने एक साथ 8 बैंकों पर जुर्माना लगाया। जिसमें जलगांव जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹1.5 लाख, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित (भिंड) पर ₹50 हजार, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित (टीकमगढ़) पर ₹50 हजार का जुर्माना, उस्मानाबाद जनता सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹1.5 लाख, वैजापुर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर ₹4 लाख, श्री समर्थ सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹50 हजार का जुर्माना, पुणे पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर ₹1 लाख, युवा विकास सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹1 लाख शामिल हैं।
- 15 फरवरी को सतारा सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई पर ₹4 लाख और सुधा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तेलंगाना पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 20 फरवरी को व्यावसायिक औद्योगिक सहकारी बैंक लिमिटेड, इंदौर पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 21 फरवरी को राजकोट वाणिज्यिक सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹4 लाख का जुर्माना लगाया गया।
मार्च में 2 करोड़ 93 लाख 95 हजार का जुर्माना
रिपोर्ट के मुताबिक मार्च, 2023 में आरबीआई द्वारा 18 बैंकों पर तकरीबन ₹2,93,95,000 का जुर्माना लगाया गया था।
- 1 मार्च को नकोदर हिंदू शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹3 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 6 मार्च को आरबीआई ने आरबीएल बैंक लिमिटेड पर 2 करोड़ 27 लाख 25 हजार का जुर्माना लगाया।
- 10 मार्च को इंपीरियल शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, जालंधर पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया।
- 13 मार्च को आवास विकास वित्त निगम लिमिटेड, मुंबई पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 14 मार्च को दो बैंकों पर जुर्माना लगाया गया। जिसमे लोकमंगल सहकारी बैंक लिमिटेड, महाराष्ट्र पर ₹3 लाख और स्मृति नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, मंदसौर पर ₹4 लाख जुर्माना लगाया गया।
- 15 मार्च को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, रायसेन, मध्य प्रदेश पर ₹50 हजार का जुर्माना लगाया गया।
- 16 मार्च को 3 बैंकों पर जुर्माना लगाया गया। जिसमें नोबल सहकारी बैंक लिमिटेड (नोएडा) पर ₹2 लाख, रायगढ़ सहकारी बैंक लिमिटेड (मुंबई) पर ₹1 लाख और दिल्ली नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹3 लाख शामिल हैं।
- 21 मार्च को करूर वैश्य बैंक लिमिटेड पर ₹30 लाख जुर्माना लगाया गया।
- 22 मार्च को अलीगढ़ जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, यूपी पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 23 मार्च को श्री. गणेश सहकारी बैंक लिमिटेड, नवी सांगवी, पुणे पर ₹2 लाख का जुर्माना।
- 24 मार्च को 3 बैंकों पर लगा जुर्माना। जिसमें कोलकाता पुलिस सहकारी बैंक लिमिटेड, (पश्चिम बंगाल) पर ₹1.10 लाख, मेहसाणा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड (गुजरात) पर ₹2.10 लाख, व्यापारी सहकारी बैंक मर्यादित (महाराष्ट्र) पर ₹2 लाख शामिल हैं।
- 29 मार्च को 2 बैंकों पर लगा जुर्माना। जिसमें श्री छनि नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड (वडोदरा) पर ₹4 लाख और जामनगर पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 1 लाख शामिल है।
अप्रैल में 1 करोड़ 55 लाख 13 हजार का जुर्माना
रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल, 2023 में आरबीआई द्वारा 14 बैंकों पर तकरीबन ₹1,55,13,000 का जुर्माना लगाया गया था।
- 6 अप्रैल को आरबीआई ने इंडियन बैंक पर ₹55 लाख का जुर्माना लगाया।
- 11 अप्रैल को कर्नाटक राज्य सहकारी एपेक्स बैंक लिमिटेड पर 23 लाख 23 हजार रुपयों का जुर्माना लगाया।
- 13 अप्रैल को जनता सहकारी बैंक लिमिटेड, पुणे पर ₹13 लाख का जुर्माना ठोका गया।
- 18 अप्रैल को बरन नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, बारां, राजस्थान पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया।
- 21 अप्रैल को बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर ₹13 लाख और तमिलनाडु स्टेट एपेक्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर ₹16 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 25 अप्रैल को नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, रायपुर पर ₹4.50 लाख का जुर्माना लगाया गया था।
- 26 अप्रैल को अंबरनाथ जयहिंद सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹2 लाख और बंत्रा सहकारी बैंक लिमिटेड, हावड़ा पर ₹30 हजार का जुर्माना लगाया गया था।
- 27 अप्रैल को जामनगर जिला सहकारी बैंक लिमिटेड पर ₹4.10 लाख, सुटेक्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (सूरत) पर ₹10 लाख, राष्ट्रीय शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड (यूपी) पर ₹10 लाख, धुले और नंदुरबार जिला सरकार नोकरांची सहकारी बैंक लिमिटेड (महाराष्ट्र) पर 1 लाख, और सुवर्णयुग सहकारी बैंक लिमिटेड (पुणे) पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया।
मई में 2 करोड़ 81 लाख 2 हजार का जुर्माना
रिपोर्ट के मुताबिक मई, 2023 में आरबीआई ने अब तक 11 बैंकों पर तकरीबन ₹2,81,02,000 का जुर्माना लगा चुका है।
- 2 मई को हांगकांग और शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड पर आरबीआई ने ₹1,73,75,000 (एक करोड़ तिहत्तर लाख पचहत्तर हजार रुपया) का जुर्माना ठोका है।
- 3 मई को भिलाई नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, भिलाई पर 1 लाख 25 हजार का जुर्माना लगाया गया।
- 4 मई को त्रिचूर शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, त्रिशूर, केरल पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 9 मई को केनरा बैंक पर आरबीआई ने 2 करोड़ 92 लाख रुपयों का जुर्माना लगाया था।
- 10 मई को मिजोरम ग्रामीण बैंक पर ₹5 लाख और त्रिपुरा ग्रामीण बैंक पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 11 मई को मणिपुर ग्रामीण बैंक पर ₹10 हजार का जुर्माना लगाया गया।
- 15 मई को राष्ट्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 18 मई को कन्याकुमारी जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, नागरकोइल, तमिलनाडु पर ₹7.50 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- 19 मई को कृष्णा सहकारी बैंक लिमिटेड, सतारा पर ₹1 लाख रुपया का जुर्माना लगाया गया।
- 25 मई को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 84 लाख 50 हजार का जुर्माना ठोका गया।
आरबीआई किस नियम के तहत लगाती है जुर्माना?
आरबीआई को यह अधिकार बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत मिले हैं। यह कानून भारत में सभी बैंकिंग फर्मों को नियंत्रित करता है। इसे बैंकिंग कंपनी अधिनियम के रूप में भी जाना जाता है। इस कानून के अनुसार नियमों का उल्लंघन होने पर रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों पर जुर्माना लगाया जाता है। अगर बैंक की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो उसका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। समय-समय पर इस अधिनियम में संशोधन होते रहे हैं। जैसे साल 2020 में बैंकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक 2020 संसद में पेश किया गया था। जिसका उद्देश्य सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार करने सहित सहकारी बैंकों की निगरानी के लिए आरबीआई की शक्तियों में वृद्धि करना था।
खाताधारकों के लिए कोई टेंशन नहीं
सबसे पहले यह कि आरबीआई द्वारा बीच-बीच में बैंकों पर लगाये गये जुर्माने के फैसलों को लेकर उन बैंकों के खाताधारकों को कोई टेंशन नहीं है। क्योंकि, उनके खातों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है। ग्राहकों को बैंक की तरफ से मिलने वाली सर्विस पहले की तरह ही जारी रहती है। आरबीआई का जुर्माना बैंक अपनी आय से जमा करते हैं।
आरबीआई ने 24 बैंकों का लाइसेंस किया रद्द
साल 2020 से लेकर अब तक आरबीआई के द्वारा 24 बैंकों का लाइसेंस रद्द किया जा चुका है। इन बैंकों का लाइसेंस रद्द करने के पीछे इनके पास पर्याप्त पूंजी की कमी, रेगुलेटर एक्ट के तहत कानूनी नियमों के पालन करने में विफलता और भविष्य में कमाई की संभावना के कमी के कारण ये फैसला लिया गया है। वित्त वर्ष 2023 के दौरान कई को-ऑपरेटिव बैंकों पर एक्शन लेते हुए 8 बैंकों का लाइसेंस रद्द कर दिया।
उसमें मुधोल सहकारी बैंक, मिथल सहकारी बैंक, श्री आनंद सहकारी बैंक, रुपया सहकारी बैंक, डेक्कन सहकारी बैंक, लक्ष्मी सहकारी बैंक, सेवा विकास सहकारी बैंक और बाबाजी दाते महिला शहरी बैंक शामिल हैं। जबकि इससे पहले आरबीआई ने वित्त वर्ष 2022 में 12 बैंकों का लाइसेंस रद्द कर चुका था। साल 2021 के दौरान तीन बैंक और साल 2020 के दौरान दो सहकारी बैंकों को कारोबार बंद करने का आदेश दिया था।












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