Giorgia Meloni: इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी है एक सिंगल मदर
इटली के इतिहास में जियोर्जिया मेलोनी पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। अपनी आत्मकथा आई एम जियोर्जिया’ में उन्होंने लिखा है, “मेरा नाम जियोर्जिया है, मैं एक महिला हूं, एक मां हूं, और मैं ईसाई हूं।

Giorgia Meloni: इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी ने बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐसी तारीफ की कि खुद पीएम मोदी भी मुस्कुराने लगे। मेलोनी ने कहा कि पीएम मोदी दुनियाभर के सभी नेताओं के सबसे प्रिय है। यह वास्तव में साबित हो गया है कि वह एक प्रमुख नेता रहे हैं और इसके लिए उन्हें बधाई। मेलोनी ने आगे कहा कि हमारे भव्य स्वागत के लिए मैं पीएम मोदी और भारत का धन्यवाद करती हूं। यह हमारी मित्रता का सबूत है कि हम द्विपक्षीय संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
बता दें कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद साल 1946 से इटली में गणतंत्र की स्थापना होने के बाद उसके 76 सालों के इतिहास में पहली बार कोई महिला प्रधानमंत्री बनी है। वहीं 1946 के बाद से 29 विभिन्न नेताओं के नेतृत्व में 67 सरकारें रही हैं। अर्थात 1946 से 1994 के बीच तकरीबन 60 सरकारें गिरीं और बनी हैं। मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली के पीएम पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री मेलोनी के बारे में कहा जाता है कि वे दक्षिणपंथी विचारधारा की सोच रखती हैं। वहीं प्रधानमंत्री मेलोनी खुद को दक्षिणपंथी कहे जाने पर गर्व महसूस करती हैं।
अविवाहित लेकिन एक बेटी की मां है
प्रधानमंत्री मेलोनी गर्भपात का खुलकर विरोध करती हैं। वे अविवाहित हैं लेकिन 6 साल की बेटी की मां भी है। दरअसल, प्रधानमंत्री मेलोनी ने इटली में गर्भपात कानूनों को कठोर बनाया हुआ है। गर्भपात का विरोध करते हुए वे स्पष्ट कहती है कि कानून में कोई बदलाव नहीं होगा और महिलाएं ये जान लें कि गर्भपात के अलावा भी अन्य विकल्प मौजूद हैं।
इटली में एक महिला गर्भधारण के 90 दिनों बाद तक गर्भपात का अधिकार रखती है। वैसे बता दें कि प्रधानमंत्री मेलोनी सार्वजनिक तौर पर अपने लिवइन पार्टनर के बारे में ज्यादा बातें नहीं करती। उनके पार्टनर का नाम आंद्रे गियामब्रूनो है और वह एक टीवी जर्नलिस्ट है।
ड्रेसिंग को लेकर दुनियाभर में हुईं चर्चाएं
प्रधानमंत्री मेलोनी, खुलकर बोलने और अपने गजब के ड्रेसिंग सेंस को लेकर चर्चाओं में बनी रहती हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक सत्ता में आने के बाद वे तीन दिनों में तीन अलग-अलग डार्क अरमानी पैंटसूट में दिखीं।
इसके बाद प्रधानमंत्री मेलोनी, मंत्रियों की पहली आधिकारिक बैठक की तस्वीर में एक काली शर्ट के साथ अरमानी पहनी दिखीं थी। उनका यह ड्रेसिंग सेंस दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया है। वहीं प्रधानमंत्री मेलोनी अपनी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भी नेवी ब्लू अरमानी के कपड़े पहने दिख जाती हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक जब वह पीएम बनीं तो उन्होंने महिलाओं की तरह परंपरागत रंग बिरंगे जैकेट पहनना नहीं पसंद किया। बल्कि, 'मर्दों' की तरह ड्रेसिंग सेंस और पर्सनालिटी को अपनाया। क्योंकि इटली एक ऐसा देश है, जहां कपड़ों के माध्यम से शक्ति और उनकी विचारधारा को लंबे समय तक याद किया जाता है। जैसे मुसोलिनी की फासीवादी पार्टी के ब्लैक शर्ट्स आज भी सबके जेहन में है।
अकेली मां ने मेलोनी को पाला
प्रधानमंत्री मेलोनी का जन्म सेंट्रल रोम में एक वर्किंग क्लास फैमिली में हुआ था। उनका पालन-पोषण उनकी मां ने अकेले ही किया। दरअसल, मेलोनी के जन्म के बाद उनके पिता और मां दोनों अलग हो गए थे।
साल 2021 की अपनी आत्मकथा 'आई एम जियोर्जिया' में मेलोनी कहती हैं कि उन्हें 15 साल की उम्र में एक नया परिवार मिला, जब वह 1946 में फांसीवादी तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी के समर्थकों द्वारा बनाये गये इतालवी सामाजिक आंदोलन (MSI) के युवा वर्ग में शामिल हुईं। वहीं अपनी कड़ी मेहनत और नीति को लेकर वह जल्द ही पार्टी कार्यकर्ता फैबियो रामपेली की नजर में आ गई, जिन्होंने रूढ़िवादी राजनेताओं की एक नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए पाठ्यक्रमों का आयोजन किया था।
मुसोलिनी की सोच से खुद को किया अलग
रॉयटर्स को अगस्त 2022 में दिये अपने एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मेलोनी कहती हैं कि मेरा विचार एक दक्षिणपंथी सरकार की कल्पना करना था, जिसका 1930 के दशक (फांसीवाद) से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने किशोर अवस्था (19 वर्ष) में मुसोलिनी की तारीफ करने के मामले से खुद को अलग कर लिया और कहा कि जाहिर है अब मेरी एक अलग राय है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने अपनी पार्टी की तुलना यू.एस. रिपब्लिकन पार्टी और ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी से की है।
एलजीबीटी लॉबी के लिए जगह नहीं
जून 2022 में दिये एक भाषण के दौरान कहा था कि "उनके लिए नैचुरल फैमिली सिस्टम को स्वीकार्यता है। एलजीबीटी (LGBT) लॉबी के लिए जगह नहीं है। सेक्सुअल आईडेंटिटी के हम पक्षधर हैं, लेकिन लिंग आधारित विचारधारा का विरोध करते हैं। इस्लामिक हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है, हम अपने सीमाओं की सुरक्षा चाहते हैं, हम मास माइग्रेशन के पक्ष में नहीं हैं। हम बड़े इंटरनेशनल फाइनेंस के पक्ष में भी नहीं हैं।"
यह भी पढ़ें: इटली की प्रधानमंत्री का भारत दौरा: PM मोदी और विदेश मंत्री से मुलाकात, रायसीना डायलॉग में हुईं बातें, जानिए












Click it and Unblock the Notifications