भुवनेश्वर में लिंगराज मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, दिल से की शिव साधना

लिंगराज मंदिर का ये मंदिर 1090-1104 में बना, किंतु इसके कुछ हिस्से 1400 वर्ष से भी ज्यादा पुराने हैं। इस मंदिर का वर्णन छठी शताब्दी के लेखों में भी आता है।

भुवनेश्वर। आज ओडिशा की राजधानी में बीजेपी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का समापन होने वाला है। वहां पीएम मोदी कार्यकारिणी को संबोधित करेंगे।

लेकिन इससे पहले पीएम मोदी ने यहां के लिंगराज मंदिर में मत्था टेका है। आपको बता दें कि ये मंदिर भुवनेश्वर का सबसे बड़ा मंदिर है और ये प्राचीनतम मंदिरों में से एक है।

लिंगराज मंदिर

पीएम मोदी ने यहां के लिंगराज मंदिर में मत्था टेका है। आपको बता दें कि ये मंदिर भुवनेश्वर का सबसे बड़ा मंदिर है और ये प्राचीनतम मंदिरों में से एक है।

लिट्टी और वसा नाम के दो भयंकर राक्षसों का वध

लिट्टी और वसा नाम के दो भयंकर राक्षसों का वध

इसके बारे में मान्यता है कि लिट्टी और वसा नाम के दो भयंकर राक्षसों का वध देवी पार्वती ने यहीं पर किया था। संग्राम के बाद उन्हें प्यास लगी, तो शिवजी ने कूप बनाकर सभी पवित्र नदियों को योगदान के लिए बुलाया। यहीं पर बिन्दूसागर सरोवर है और उसके पास ही लिंगराज का विशालकाय मन्दिर है।

शोभा और अलंकरण की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ

शोभा और अलंकरण की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ

यह जगत प्रसिद्ध मन्दिर उत्तरी भारत के मन्दिरों में रचना सौंदर्य और शोभा और अलंकरण की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। मंदिरों में प्रत्येक शिला पर कारीगरी और मूर्तिकला का चमत्कार है। इस मन्दिर का शिखर भारतीय मन्दिरों के शिखरों के विकास क्रम में प्रारम्भिक अवस्था का शिखर माना जाता है।

मंदिर के शिखर की ऊंचाई 180 फुट

मंदिर के शिखर की ऊंचाई 180 फुट

मंदिर के शिखर की ऊंचाई 180 फुट है। गणेश, कार्तिकेय तथा गौरी के तीन छोटे मन्दिर भी मुख्य मन्दिर के विमान से संलग्न हैं। गौरीमन्दिर में पार्वती की काले पत्थर की बनी प्रतिमा है।

सर्वप्रथम बिन्दुसरोवर में स्नान किया जाता है

सर्वप्रथम बिन्दुसरोवर में स्नान किया जाता है

आपको बता दें कि यहां पूजा का भी नियम है, यहां की पूजा पद्धति के अनुसार सर्वप्रथम बिन्दुसरोवर में स्नान किया जाता है, फिर क्षेत्रपति अनंत वासुदेव के दर्शन किए जाते हैं, उसके बाद गणेश पूजा होती है और फिर शिवजी के वाहन नंदी की पूजा के बाद लिंगराज के दर्शन के लिए मुख्य स्थान में प्रवेश किया जाता है। जहां आठ फ़ीट मोटा तथा क़रीब एक फ़ीट ऊंचा ग्रेनाइट पत्थर का स्वयंभू लिंग स्थित है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+