दिल्ली की काला सच, जहां ससुराल वाले करते हैं बहु के जिस्म का सौदा
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देते है। लोग बेटियों के अधिकारों की बातें करते हैं। उन्हें आजादी देने पर बहस होती है, लेकिन ये सारी बातें आपको उस वक्त बेमानी लगने लगेगी जब आपको राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के काले सच के बारे में मालूम होगा। जहां एक लड़की को न तो सपने देखने की स्वतंत्रता है और ना ही अपने जिस्म के सौदे को रोक पाने की आजादी। चौंकिए मत ये सच है।

दिल्ली का काला सच। जिसे चाहकर भी झुठलाया नहीं जा सकता है। यहां 12-13 सा की उम्र में मां-बाप अपने बेटियों के जिस्म का सौदा कर देते हैं तो शादी के बाद ससुराल वाले बहु की जिस्म को बेचकर रोटियां खाते हैं। ये बातें कड़वी जरुर हैं लेकिन ये हकीकत हैं उस दिल्ली की जो देश की राजधानी है।
क्या है दिल्ली की काला सच
दिल्ली ने नजफगढ़ के प्रेमनगर बस्ती इसलिए मशहूर है क्योंकि यहां रोजीरोटी चलाने के लिए बेटी-बहुओं को अपने जिस्म का सौदा करना पड़ा है और मर्द घर बैठकर अपने घर की औरतों की सौदेबाजी करते हैं। यहां के परना समुदाय के लोगों की रोजीरोटी पीढ़ियों से वेश्यावृत्ति पर निर्भर हैं। यहां लोग बेटियों के जन्म पर खुशियां मनाते हैं, लेकिन सिर्फ इसलिए क्योंकि उनके पास कमाई का एक जरिया बढ़ जाता है। शादी से पहले मां-बाप सौदेबाजी कर खाते हैं तो शादी में लड़़की का सौदा कर बेच देते हैं। शादी के बाद परना समुदाय की लड़कियां घर के साथ-साथ बाहर का काम भी खुद करती हैं। पति और ससुरालवाले उसके लिए ग्राहकों की तलाश करते हैं।
दिन को घर की ड्यूटी तो रात को रोजीरोटी
घर की बहुएं-महिलाएं दिनभर घर का काम निपटाकर रात को तकरीबन 2 बजे घर से निकल जाती है। ग्राहकों की बुकिंग पहले ही हो चुकी होती है। एक ही रात में करीब 4-5 ग्राहकों को संतुष्ट करने के बाद वो सुबह फिर से अपने घर लौट जाती हैं। ये सिल सिला दिन-महीनों और सालों-साल चलता रहता है। कोई इसे रोकने वाला नहीं।
रोकने वाले को मिलती है मौत
परना समुदाय की महिलाएं वेश्यावृत्ति के लिए पैदा हुई हैं ये कहना सच नहीं होगा। क्योंकि कोई भी महिला इस धंधे में अपनी इच्छा से आना नहीं चाहती, लेकिन उनमें इसका विरोध करने की हिम्मत नहीं होती। अगर कोई विरोध करता है तो उसे जान से मार दिया जाता। लेकिन उम्मीद है कि यहां भी एक दिन विकास का सूरज उगेगा।












Click it and Unblock the Notifications