Article 370: अब पीओके पर क्या होगी भारत की स्थिति, जानिए इसका इतिहास-भूगोल
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर मंगलवार को लोकसभा में चर्चा हुई, अपने भाषण में अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा कि जब मैं जम्मू-कश्मीर बोलता हूं तो उसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भी आता है और 'अक्साई चिन' भी आता है, आपको बता दें कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी कि पीओके पर पाकिस्तान ने कब्जा किया हुआ है, लेकिन भारत इसे जम्मू-कश्मीर का हिस्सा ही मानता है क्योंकि जम्मू-कश्मीर के संविधान में पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया गया है।
चलिए विस्तार से जानते हैं 'पीओके' के बारे में और अब अनुच्छेद 370 के हट जाने से क्या होगा उसकी स्थिति में परिवर्तन...

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का इतिहास
दरअसल, 1947 में आजादी के समय अंग्रेजों ने यहां की रियासतों को अपनी इच्छानुसार भारत और पाकिस्तान के साथ जाने का विकल्प दिया था। इस विकल्प के बाद उस समय 500 से ज्यादा रियासतों ने भारत में अपना विलय कर दिया और कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने विलय के लिए पाकिस्तान की जगह भारत को चुना। यह बात पाकिस्तान को बुरी लगी और उसने कश्मीर को अपने कब्जे में करने के लिए वहां हमला बोल दिया। पाकिस्तानी फौज से सुरक्षा के लिए महाराजा हरि सिंह ने भारत से सैन्य मदद मांगी। इसके बाद भारतीय फौज कश्मीर पहुंची और पाकिस्तानी सेना को हरा दिया।

'कश्मीर के रक्षा, विदेश और संचार मामले भारत के अधीन रहेंगे'
पाकिस्तान की हार के बाद महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ एक विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते में यह प्रावधान था कि कश्मीर के रक्षा, विदेश और संचार मामले भारत के अधीन रहेंगे जबकि अन्य विषयों पर जम्मू-कश्मीर राज्य अपना अधिकार रखेगा।

'आजाद कश्मीर' और 'गिलगित-बाल्टिस्तान'
साल 1947 में ही पाकिस्तान ने कश्मीर के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तान ने इस हिस्से को दो भागों 'आजाद कश्मीर' और 'गिलगित-बाल्टिस्तान' में विभाजित किया। 'आजाद कश्मीर' 13,300 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला है और इसकी आबादी करीब 45 लाख है। 'आजाद कश्मीर' की राजधानी मुजफ्फराबाद है और इसमें आठ जिले और 19 तहसीलें हैं। पाकिस्तान ने 'गिलगित-बाल्टिस्तान का एक हिस्सा पाकिस्तान को दे दिया है।

पीओके का कुल क्षेत्रफल करीब 13 हजार वर्ग किलोमीटर है...
पीओके की सीमाएं पाकिस्तान के पंजाब प्रांत, अफगानिस्तान के वखान कॉरीडोर, चीन के शिनजियांग क्षेत्र और भारतीय कश्मीर के पूर्वी क्षेत्र से मिलती हैं। पीओके का कुल क्षेत्रफल करीब 13 हजार वर्ग किलोमीटर है, जहां करीब 30 लाख लोग रहते हैं। यह इलाका महाराजा हरिसिंह के समय में कश्मीर का हिस्सा था।

'भारत-पाक युद्ध में कश्मीर 2 हिस्सों में बंट गया'
आजादी के बाद भारत-पाक युद्ध में कश्मीर 2 हिस्सों में बंट गया। कश्मीर का जो हिस्सा भारत से लगा हुआ था, वह जम्मू-कश्मीर नाम से भारत का राज्य बना और जो हिस्सा पाकिस्तान और अफगानिस्तान से सटा हुआ था, वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर कहलाया, जहां एक पीएम भी है। यहां के लोग मुख्य रूप से मक्का और गेहूं की खेती करते हैं। यहां मुख्य रूप से पश्तो, उर्दू, कश्मीरी और पंजाबी बोली जाती है। पीओके का अपना सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट है।

पीओके है भारत का अभिन्न हिस्सा
सोमवार को मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला किया है, जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 के मिलने वाले स्पेशल स्टेटस को अब खत्म कर दिया गया है, कल राज्यसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को पास कर दिया गया, बिल के पक्ष में 125 वोट और 61 विपक्ष में वोट पड़े , इस बिल में जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करने और दोनों को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के प्रावधान शामिल हैं, हालांकि इस फैसले के बाद पीओके की स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर के संविधान में पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया गया है। इसमें कोई अंतर नहीं होगा। बस अब यह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और भारत का अभिन्न हिस्सा कहलाएगा।
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