सुसाइड मिशन पर थी पाकिस्तानी नाव, निशाना था पोरबंदर नौसेना बेस
नयी दिल्ली। पारेबंदर के हादसे के बाद एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। दिसंबर में एजेंसियों की ओर से पहले ही पूरे देश में अलर्ट घोषित किए जा चुके हैं। सितंबर में आईबी की ओर से जारी किए गए अलर्ट के बाद बंदरगाहों की सुरक्षा और चौकसी को दोगुना कर दिया गया था। आईबी की ओर से सितंबर में ही चेतावनी दी गई थी कि आतंकी समंदर के रास्ते देश में दाखिल होकर हमलों को अंजाम दे सकते हैं।

इसके अलावा 14 दिसंबर 2014 को ही खुफिया अधिकारियों की सूचना मिली थी कि पाकिस्तानी आतंकवादी पोरबंदर नौसैनिक सुविधायों पर आत्मघाती हमला कर सकते हैं। पिछले 15 दिनों से खुफिया अधिकारियों की एक टीम कोस्ट गार्ड्स के साथ मिलकर इस सूचना पर काम भी कर रही थी।
सच निकली नाव में विस्फोटक होने की बात
वनइंडिया को सूत्रों ने बताया कि नाव जो भारतीय सीमा में आया था उसपर विस्फोटक लदे थे। नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन और घटना के बाद मौके से मिले तथ्यों ने इस बात की पुष्टि भी कर दी है। जांच के बाद जो बात सामने आई है उसके मुताबिक यह पूरी तरीके से आत्मघाती हमला था। नाव पर सवार चारों आतंकियों ने पहले से ही प्लान बनाया हुआ था कि पोरबंदर के नौसेना बेस पर पहुंच कर वो खुद को विस्फोटक से उड़ा देंगे।
सैटेलाइट फोन
नाव पर सवार चारों आतंकी अपने साथ सैटेलाइट फोन लेकर चले थे। ये आतंकी कराची से पूरे मिशन को गाइड कर रहे अपने आका को मिनट-मिनट का अपडेट दे रहे थे। इतना ही नहीं कराची से मिशन को गाइड कर रहे आतंकी इन चारों आतंकियों को सैटेलाइट फोन पर ही निर्देश दे रहे थे। नौसेना के एक अधिकारी के मुताबिक कराची से जो व्यक्ति इस मिशन को गाइड कर रहा था वो पाकिस्तान के नौसेना का कोई अधिकारी हो सकता है।
वापस लौटने की कोशिश कर चुके थे नाव पर सवार आतंकी
पूरे मामले की छानबीन में जो बात सामने आई है उसके मुताबिक नाव पर सवार चारों आतंकी भारतीय कोस्ट गार्ड से भिड़ना नहीं चाहते थे और जब कोस्ट गार्ड्स ने उन्हें घेर लिया तो उन्होंने एक बार वापस भागने की कोशिश भी की थी लेकिन वो नाकाम रहे। वो भारतीय सीमा में 10 किमी तक घुस चुके थे। आतंकियों ने भारतीय कोस्ट गार्ड्स पर फायरिंग की कोशिश ही नहीं कि बल्कि वो वापस पाकिस्तानी सीमा में घुसने की कोशिश में लग गये थे। उन्हें ऐसा करने के लिए आदेश दिया जा रहा था। कराची से सैटेलाइट फोन पर उन्हें निर्देश दिया जा रहा था कि या तो वापस पाकिस्तानी सीमा में घुस जाएं या फिर नाव को ही विस्फोटक से उड़ा दें।
आत्मघाती मिशन
जांच के बाद तस्वीर साफ हो चुकी है कि नाव पर सवार आतंकी आत्मघाती मिशन पर थे। छानबीन में जो बात सामने आई है उससे साफ है कि ये आतंकी पोरबंदर नवल फैसलिटी तक पहुंचते और फिर खुद को ब्लास्ट कर देते। उन्हें ऐसा निर्देश दिया गया था कि वो पोरबंदर नौसैनिक बेस पर पहुंच कर तुरंत नाव को भी उड़ा दें।












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