Notorious Thieves: हजारों गाड़ियां चोरी से लेकर नेताओं के घर डाका, जानिए सुपर चोरों के कारनामे
बंटी चोर, भारत में अकेला सुपर चोर नहीं है। अनिल चौहान और सिद्धार्थ मेहरोत्रा जैसे भी कई सुपर चोर पकड़े जा चुके हैं। इन सभी सुपर चोरों के कारनामे एक से बढ़कर एक हैं।

Notorious Thieves: हाल ही में दिल्ली पुलिस ने देविंदर सिंह उर्फ बंटी चोर या सुपर चोर को गिरफ्तार किया। बंटी पर पूरे भारत में 500 से अधिक चोरियां करने का आरोप है। उसे हाल ही में दिल्ली पुलिस ने ग्रेटर कैलाश में दो घरों में चोरी करने के बाद गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि पुलिस ने बंटी का 500 किलोमीटर तक पीछा किया और उसे उत्तर प्रदेश के कानपुर से गिरफ्तार किया गया। बंटी, सलमान खान के बिग बॉस शो में भी जा चुका है।
मगर देश में अकेला बंटी ही सुपर चोर नहीं है बल्कि पहले भी ऐसे कई चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिन्होंने इतना सामान चुराया कि खुद करोड़पति बन बैठे। आइये डालते हैं ऐसे चोरो के कारनामों पर एक नजर।
अनिल चौहान
अनिल चौहान एक कुख्यात कार चोर था। पिछले दो दशकों में वह 5,000 से अधिक कारों की चोरी में शामिल रहा। आखिरकार तीन महीनों तक पीछा करने के बाद उसे अगस्त 2022 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। चौहान अपनी आलीशान जीवनशैली, 10 करोड़ रुपये के विला का मालिक और तीन पत्नियों के लिए जाना जाता था। कारों को चुराने के अलावा, चौहान ने सींगों की तस्करी के लिए गैंडों का भी शिकार किया। चौहान एक व्यापारी या सरकारी कर्मचारी होने का नाटक करते हुए लग्जरी कारों में घूमता था। अनिल के पिता सेना में लेफ्टिनेंट थे। अनिल पर हत्या, आर्म्स एक्ट और असम में गैंडे के सींगों की तस्करी सहित करीब 180 मामले दर्ज हैं।
मोहम्मद अकरम
मोहम्मद अकरम एक सुपर चोर था जिसे 2019 में दिल्ली में गिरफ्तार किया गया। वह 2017 से पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। दरअसल, उसका पता लगाना मुश्किल था क्योंकि उसने कभी भी मोबाइल या किसी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया। अकरम चोरी को अंजाम देने के तुरंत बाद चोरी के सामान को ठिकाने लगा देता था।
कुणाल
कुणाल, दिल्ली में ऑटो लिफ्टिंग के 500 से अधिक मामलों में शामिल रहा। फिर उसने लड़कियों को झांसा देने के लिए कारों की चोरी शुरू कर दी। बाद में नया चेहरा पाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए प्लास्टिक सर्जरी तक करवा डाली। कुणाल 1997 से वाहनों की चोरी कर रहा था और एक कुख्यात ऑटो-चोर बन गया था। वह अपने साथी इरशाद अली की मदद से 1,000 से भी ज्यादा वाहनों को उठा चुका था। कुणाल ने एकबार दिल्ली के सीआर पार्क थाने के हवालात में पुलिस कर्मियों पर फायरिंग भी की थी और खुदकुशी करने की भी कोशिश की। हालांकि भारी मशक्कत के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे अक्टूबर 2017 में नेहरू प्लेस से पकड़ लिया।
सिद्धार्थ मेहरोत्रा
सिद्धार्थ मेहरोत्रा एक 27 वर्षीय ग्राफिक डिजाइनर और सुपर-चोर था। वह राजनेताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारियों के घरों में घुसकर कीमती सामान चुराता था। 2017 में पुलिस ने उसके फेसबुक प्रोफाइल पर नजर रखनी शुरू की। दरअसल, उसने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर फोर्ड इकोस्पोर्ट में बैठे अपनी एक तस्वीर डाली, जिसकी नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। कार मेहरोत्रा के एक करीबी दोस्त विकास कुमार के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिसके साथ वह जुलाई 2017 में लेह घूमने गया था। इसी के चलते पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। गौरतलब है कि मेहरोत्रा फरवरी 2017 से ही लगभग 18 डकैतियों में शामिल था। मेहरोत्रा को नोएडा पुलिस ने भी 2015 में एक चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था।
संजय पहाड़िया
संजय पहाड़िया को दिल्ली पुलिस ने 2014 में गिरफ्तार किया था। वह अपनी खर्चीली जीवनशैली, महंगी कारों, ब्रांडेड कपड़ों और एक्सेसरीज के लिए जाना जाता था। पहाड़िया को डेढ़ साल तक पीछा करने के बाद पकड़ा गया। उसे पुलिस द्वारा एक ट्रैकिंग डिवाइस का उपयोग करके फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके से गिरफ्तार किया गया। पहाड़िया के पास एक ऐसा उपकरण था जिसका उपयोग करके वह मिनटों में किसी भी ताले को खोल सकता था। पहाड़िया ने दिल्ली के साकेत, हौज खास, ग्रेटर कैलाश, मालवीय नगर, वसंत कुंज और वसंत विहार इलाकों के साथ-साथ अन्य बड़े शहरों में कई हाई-प्रोफाइल चोरियां की थीं।
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