Nathuram Vinayak Godse (19 May 1910 – 15 November 1949): नाथूराम गोडसे ने गांधी को क्यों मारा?

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नई दिल्ली। 'नाथूराम गोड़से' की पहचान केवल यही है कि उन्होंने देश के राष्टपिता महात्मा गांधी की हत्या की थी, इसके अलावा उनके बारे में किसी को ज्यादा कुछ पता नहीं हैं। आज ही के दिन नाथूराम गोडसे को फांसी दी गई थी। इनकी मौत के इतने दिन बाद भी आज भी लोगों के दिमाग में केवल एक ही सवाल गूंजता है कि इन्होंने आखिर गांधी को क्यों मारा? उनके विचार अगर गांधी से नहीं मिलते थे तो विरोध का दूसरा रास्ता भी तो था उनके पास, इसके बावजूद उन्होंने हत्या जैसा जघन्य अपराध क्यों किया, इस प्रश्न का उत्तर आज भी लोगों के पास नहीं है। आपको  बता दें कि नाथूराम विनायक गोडसे का जन्म 19 मई 1990 को भारत के महाराष्ट्र राज्य में पुणे के निकट बारामती नमक स्थान पर चित्तपावन मराठी परिवार में हुआ था।

आखिर नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को क्यों मारा?

प्रारम्भिक शिक्षा

इनके पिता विनायक वामनराव गोडसे पोस्ट और मां का नाम लक्ष्मी गोडसे था।इनकी प्रारम्भिक शिक्षा पुणे में हुई थी परन्तु हाईस्कूल के बीच में ही इन्होंने पढ़ाई-लिखाई छोड़ दी और उसके बाद कोई औपचारिक शिक्षा नहीं ली। अपने राजनैतिक जीवन के प्रारम्भिक दिनों में नाथूराम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल हो गये। 1930 में इन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छोड़ दिया और अखिल भारतीय हिन्दू महासभा में चले गये, हालांकि इस पर आज तक विवाद है। उन्होंने अग्रणी तथा हिन्दू राष्ट्र नामक दो समाचार-पत्रों का सम्पादन भी किया था। वे मुहम्मद अली जिन्ना की अलगाववादी विचार-धारा का विरोध करते थे।

मुस्लिम तुष्टीकरण के खिलाफ गोडसे

प्रारम्भ में तो उन्होंने गांधी के कार्यक्रमों का समर्थन किया परन्तु बाद में गांधी के द्वारा लगातार और बार-बार हिन्दुओं के विरुद्ध भेदभाव पूर्ण नीति अपनाये जाने और मुस्लिम तुष्टीकरण किये जाने के कारण वो गांधी के खिलाफ हो गए और ये ही खिलाफल उन्हें फांसी के तख्ते पर ले गई। 1947 में जो बंटवारा हुआ और उसके बाद लोगों की हत्याएं हुई इसके लिए नाथूराम ने गांधी को दोषी ठहराया और इसी कारण उन्होंने वो किया जो शायद नहीं होना चाहिए था।

हत्या का कारण

हत्या के मुकद्दमें के दौरान न्यायमूर्ति खोसला से नाथूराम ने अपना वक्तव्य स्वयं पढ़ कर सुनाने की अनुमति मांगी थी और उसे यह अनुमति मिली भी थी। नाथूराम गोडसे का यह न्यायालयीन वक्तव्य भारत सरकार द्वारा प्रतिबन्धित कर दिया गया था। इस प्रतिबन्ध के विरुद्ध नाथूराम गोडसे के भाई और गान्धी-हत्या के सह-अभियुक्त गोपाल गोडसे ने 60 वर्षों तक वैधानिक लड़ाई लड़ी और उसके फलस्वरूप सर्वोच्च न्यायालय ने इस प्रतिबन्ध को हटा लिया था और इस वक्तव्य के प्रकाशन की अनुमति दी। नाथूराम गोडसे ने न्यायालय के समक्ष बापू की हत्या के कई कारण बताए, हालांकि अदालत ने किसी भी कारण को उचित नहीं माना

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English summary
Nathuram Vinayak Godse (19 May 1910 – 15 November 1949) was a right wing advocate of Hindu nationalism who assassinated Mahatma Gandhi, shooting him in the chest three times at point blank range in New Delhi on 30 January 1948
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