UFO in USA: अमेरिका के आसमान में ही क्यों दिखाई देते हैं एलियन और उनके यूएफओ?
दूसरी दुनिया के लोग यानी एलियन और उनके उड़न खटोले/तश्तरी मतलब यूएफओ देखने के अमेरिका सहित दुनियाभर में किस्से सामने आते रहते हैं। हालांकि, अभी तक इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं मिले है।

UFO in USA: यूएफओ और एलियंस की कहानियां और उनकी किस्से अमेरिकी संस्कृति में ऐसे रच बस गए हैं जैसे भारत में नानी-दादी की कहानियां बच्चों को सुनाई जाती है, जिसका असर बड़े होने तक हमारे दिमाग में होता है। एलियंस की खोज के लिए अमेरिकी सरकार लाखों-करोड़ों डॉलर का खर्च भी कर रही हैं लेकिन अब तक कुछ हाथ नहीं लगा है।
दरअसल, अमेरिका ने बीते 12 फरवरी को एक कथित फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को मार गिराया था। एक हफ्ते के अंदर अमेरिका और कनाडा के आसमान में अज्ञात फ्लाइंग ऑब्जेक्ट दिखने का यह चौथा मामला था। इससे पहले कनाडा ने अमेरिकी विमान की मदद से एक फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को मार गिराया था। जो हूरोन झील के ऊपर फ्लाइंग कर रहा था। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के अधिकारियों के अनुसार अमेरिकी वायु सेना ने हूरोन झील के ऊपर एक अष्टकोणीय आकार की वस्तु को मार गिराया है।
इस मामले को लेकर अमेरिका के उत्तरी हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के प्रभारी जनरल ग्लेन वानहर्क ने कहा कि मैं एलियन या किसी अन्य संभावना से इनकार नहीं कर रहा, लेकिन खुफिया एजेंसियां और काउंटर इंटेलीजेंस अभी इसके बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। उसके बाद ही कुछ स्पष्ट कह सकूंगा। हालांकि, उनका यह बयान तब आया, जब लगातार तीन दिनों तक आसमान में अज्ञात चीजें दिखी हैं।
अमेरिका के आसमान में चीन के 'जासूसी गुब्बारा' दिखने के बाद ही यूएफओ देखे जाने की घटना शुरू हुई है। अब अलग-अलग देशों में यूएफओ देखे जाने के बाद एलियन की चर्चा तेज हो गई है। अमेरिका समेत पूरी दुनिया में एलियन और यूएफओ की कहानी एक बार फिर से चर्चाओं का विषय बन गयी है।
यूएफओ क्या होता है?
अन-आईडेंटिफाईड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट यानी यूएफओ का मतलब है हवा में उड़ने वाली एक ऐसी वस्तु जिसकी न तो कोई पहचान है और न ही कोई जानकारी मौजूद है। इसे हिंदी में उड़न खटोले अथवा उड़न तश्तरी कहते हैं। यूएफओ को पृथ्वी से बाहर किसी ग्रह से एलियन द्वारा संचालित किया जाता है। हालांकि, अभी तक दुनिया की एक भी रिसर्च में एलियन होने का कोई सबूत नहीं मिल सका है। वैसे एलियन के कोई सबूत भले ही अभी न मिलें हो लेकिन वैज्ञानिकों ने कभी भी उनके न होने से इंकार नहीं किया। उनका मानना है कि ब्रह्मांड में करोड़ों-अरबों तारे और ग्रह हैं। आकाशगंगा में पृथ्वी की तरह कहीं और भी जीवन हो सकता है।
अमेरिका में यूएफओ पर रिपोर्ट
मई 2022 में ऐसा पहली बार हुआ कि अमेरिकी संसदीय समिति के सामने यूएफओ को लेकर सार्वजनिक सुनवाई की गयी। इस दौरान यूएस नेवी इंटेलिजेंस के डिप्टी डायरेक्टर स्कॉट ब्रे ने संसद की सुरक्षा समिति को बताया कि पिछले 20 सालों में आसमान में नजर आने वाले यूएफओ की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया है।
पेंटागन (अमेरीका के प्रतिरक्षा विभाग का मुख्यालय) के टॉप अधिकारियों ने संसदीय समिति के सामने खुलासा किया कि सैन्य अधिकारियों ने 400 से ज्यादा ऐसी अज्ञात चीजों से आमना-सामना होने की जानकारी दी है। बता दें कि यूएफओ को लेकर अमेरिकी सरकार की तरफ से भी जून 2021 में पहली बार एक रिपोर्ट जारी की गई थी। इसमें 2004 से 2021 के बीच आसमान में 144 बार ऐसी चीजों के देखे जाने के बारे में बताया गया था। वहीं साल 2022 में पेंटागन के अधिकारियों द्वारा बताई गई संख्या उससे कहीं ज्यादा हैं।
इस सुनवाई को करवाने वाली संसदीय समिति के अध्यक्ष इंडिआना से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद आंद्रे कार्सन ने कहा कि अज्ञात हवाई वस्तुएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से खतरा हो सकती हैं और उन्हें इसी दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। हालांकि इन तथ्यों में कितनी सच्चाई और अमेरिकी सरकार के पास इस विषय पर कितनी ठोस जानकारी है, यह कहना मुश्किल है।
मिलियन डॉलर जांच में खर्च हुए
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन यूएफओ की जांच के लिए लाखों डॉलर का गुप्त कार्यक्रम चला रहा था। जिसकी जानकारी बहुत ही कम अधिकारियों को थी। जिसे अमेरीकी रक्षा विभाग के मुख्यालय में 2007 में शुरू किया गया लेकिन 2012 में बंद कर दिया गया। एडवांस्ड एरोस्पेस थ्रेट आइडेंटिफिकेशन नाम के इस प्रोग्राम के पीछे हैरी रीड (रिटायर्ड डेमोक्रेटिक सीनेटर) का विचार था। जो उस समय सीनेट के बहुमत दल के नेता थे। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया था कि मुझे इस बात को लेकर कोई शर्म या खेद नहीं है कि मैंने इस कार्यक्रम को चलने दिया। मैंने ऐसा किया, जो पहले किसी ने नहीं किया था। बीबीसी न्यूज के मुताबिक इस कार्यक्रम पर उस समय तकरीबन 20 मिलियन डॉलर की रकम खर्च हुई थी। बाद में खर्च घटाने के लिए इस कार्यक्रम को बंद कर दिया गया था। इस जांच में कुछ भी सामने नहीं आया था।
यूएफओ अमेरिका में ही क्यों दिखते हैं?
दरअसल अमेरिकी मीडिया और फिल्मों में यूएफओ का चित्रण इस तरह से किया जाता है जैसे सच में अमेरिका सहित पृथ्वी पर एलियंस का अस्तित्व है। यूएफओ अमेरिकी संस्कृति का हिस्सा बन चुके हैं। एलियंस और उड़न तश्तरी की बातें अमेरिका की पौराणिक कथाओं में है। अमेरिकी लोगों द्वारा यूएफओ देखें जाने के दस्तावेज और उनकी कहानियां आपको सुनने और पढ़ने को मिल जाएंगी।
इन्ही कारणों से हॉलीवुड में एलियंस और यूएफओ को लेकर सैंकड़ों काल्पनिक फिल्में बन चुकी हैं। गौरतलब है कि यूएफओ से संबंधित ज्यादातर कहानियां एक-दूसरे से मेल खाती हैं। ये सब कई दशकों से वहां चल रहा है। जबकि वैज्ञानिक और नासा सहित विश्व की किसी भी स्पेस एजेंसी ने दूसरी दुनिया में जीवन और धरती पर दूसरी दुनिया के लोगों का अस्तित्व होने जैसे किसी दावे का समर्थन नहीं किया है। इसलिए अमेरिका में जो कुछ हो रहा है, वह एक एक भ्रम भी हो सकता है।
अमेरिका में यूएफओ दिवस
यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि अमेरिका में यूएफओ को लेकर दिन भी घोषित किया जा चुका है। दरअसल, 24 जून 1947 को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन के पास कुछ उड़ता हुआ देखा गया था। उस वक्त दावा किया गया कि एक अथवा दो नहीं बल्कि नौ यूएफओ एक साथ हवा में उड़ रहे हैं। गौरतलब है कि यह दावा किसी अधिकारिक संस्था, वैज्ञानिक, नासा, स्पेस एजेंसी ने नहीं बल्कि एक विमान पायलट ने किया था। इस पायलट का नाम केनेथ अर्नोल्ड था जो उस दिन वाशिंगटन के माउंट रेनियर के पास अपना विमान उड़ा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने नौ नीली, चमकती हुई वस्तुओं को वी फॉर्मेशन में 1,700 मील प्रति घंटे की अनुमानित गति से तेजी से उड़ते हुए देखा।
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हालांकि, जिस प्रकार यूएफओ होते हैं या नहीं, इसे लेकर कई भ्रम हैं वैसे ही यूएफओ दिवस को लेकर भी अब भ्रम पैदा हो गया है। कुछ लोग यूएफओ दिवस 24 जून को मानते है तो अब इसे 2 जुलाई को भी मनाया जाने लगा है। इस दिन यूएफओ दिवस मनाने का कारण है कि 2 जुलाई 1947 को विलियम नाम के चरवाहे को अमेरिका के न्यू मैक्सिको में विमानों का मलबा दिखाई दिया। उसने इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी जिसके बाद कहा गया कि यह मलबा यूएफओ का है जो आसमान में आपस में टकरा गए थे। हालांकि, इतनी बड़ी घटना को आजतक किसी ने देखने का दावा नहीं किया है।
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