Chinese spy balloons: क्या भारत को भी UFO को लेकर चिंतित होने की जरूरत है ?
अमेरिका ने दावा किया है कि चीन जासूसी बैलून से भारत पर भी नजर रख रहा है। गौरतलब है कि इस समय यूएफओ की वजह से पूरी दुनिया की राजनीति गर्म है। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास भी सर्विलांस के लिए एयरोस्टेट बैलून हैं।

ऐसे समय में जब जासूसी गुब्बारे को लेकर दुनिया भर में सनसनी मची हुई और कई अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (UFO) को मार गिराए जाने के दावे किए जा रहे हैं, सवाल उठना स्वाभाविक है कि हमारी क्या स्थिति है? क्या हम ऐसे किसी भी जासूसी गुब्बारे से निपटने के लिए तैयार हैं। दुश्मनों पर नजर रखने के लिए हमारी क्या तैयारी है? वैसे अमेरिका की ओर से चाइनीज स्पाई बैलून को मार गिराए जाने के बाद इस मामले पर वैश्विक राजनीतिक माहौल गर्म है। क्योंकि, चीन ने भी अब अमेरिका पर ऐसे ही आरोप थोपने शुरू कर दिए हैं। गौरतलब है कि अमेरिका की ओर से भारत को लेकर भी दावा किया जा चुका है कि चीन के जासूसी गुब्बारों की नजर भारत पर भी हो सकती है।

'जासूसी' गुब्बारों ने बढ़ाई वैश्विक सरगर्मी
अमेरिका के आसमान में चीनी 'जासूसी' गुब्बारा और फिर कई अज्ञात 'चीजें' नजर आ चुकी हैं। हफ्ते भर के अंदर कई को मार भी गिराया गया है, जिसके बाद से दुनिया भर के कई देशों में एक अजीब सी बेचैनी की स्थिति पैदा हुई है। चिंता सताने लगी है कि क्या इस तरह की अज्ञात 'चीजें' (UFO) पहले नजरअंदाज होती रही हैं? ऊपर से अमेरिका ने दावा किया है कि हो सकता है कि चीन इस तरह के 'जासूसी' गुब्बारे भारत समेत और भी देशों में भी भेज चुका हो। हालांकि, फिलहाल भारत ने इस दावे पर चुप रहने की ही रणनीति अपना रखी है।

'भारत के पास भी हैं सर्विलांस बैलून'
चीनी 'जासूसी' गुब्बारे की वजह से पैदा हुए वैश्विक हालात के बीच एक सरकारी अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया है कि भारत के पास भी ऐसे सर्विलांस बैलून हैं, जो देश के खिलाफ ऐसी किसी भी अप्रिय गतिविधियों को पकड़ने में सक्षम हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि मौजूदा हालातों में भारत परिस्थतियों का आकलन करेगा। अधिकारी ने बताया है कि सर्विलांस बैलून में 'रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर या डिजिटल कैमरे लगाए गए हैं, जो अपनी रेजोलूशन के मुताबिक बहुत ही सटीक तस्वीरें ले सकते हैं।' अधिकारी ने यह भी बताया के ये गुब्बारे 'रेडियो सिग्नल का इस्तेमाल करके सैटेलाइट के साथ भी संवाद' कर सकते हैं।

पोर्ट ब्लेयर में नजर आया था 'रहस्यमयी और संदिग्ध गुब्बारा'
वाशिंगटन पोस्ट ने 7 फरवरी को एक रिपोर्ट दी थी कि 'सर्विलांस बैलून प्रोजेक्ट कई वर्षों से चल रहा है, जो कि चीन के दक्षिण तट पर हैनान प्रांत से संचालित किया जाता है। इसने चीन के रणनीतिक हित के मुताबिक जापान, भारत, वियतनाम, ताइवान और फिलिपींस जैसे देशों में सैन्य ठिकानों और क्षेत्रों से संबंधित सूचनाएं जुटाई हैं।' 4 फरवरी को अमेरिका ने चीन के जासूसी 'गुब्बारे' को मार गिराया था। उसके बाद से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव की स्थिति पैदा हुई है। क्योंकि, एक 'रहस्यमयी और संदिग्ध गुब्बारा' अंडमान और निकोबार द्वीप के पोर्ट ब्लेयर में भी तब नजर आ चुका है जब तीनों सेनाओं का सैन्य अभ्यास चल रहा था। (ऊपर की तस्वीर प्रतीकात्मक)

भारत के पास हीलियम से भरे एयरोस्टेट बैलून हैं- रिपोर्ट
इन आशंकाओं के बीच भारतीय वायु सेना की ओर से जानकारी दी गई है कि भारत के पास हीलियम से भरे एयरोस्टेट बैलून हैं। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सीमा के पास एयरोस्टेट बैलून करीब 16 साल पहले ही दुश्मन की किसी भी नापाक हरकत पर निगरानी रखने के लिए लगाया गया था। हालांकि, एयरोस्टेट गुब्बारे 15,000 फीट की ऊंचाई से दुश्मनों पर नजर रखते हैं। जबकि चीनी 'जासूसी' गुब्बारे 60,000 फीट की ऊंचाई से अपने तिकड़मों को अंजाम दे सकते हैं।
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एयरोस्टेट बैलून में बेहतरीन उपकरण लगे हैं- रिपोर्ट
रिपोर्ट में बताया गया है कि एयरोस्टेट बैलून में लंबी रेंज के रडार, सिग्नल इंटेलिजेंस सिस्टम के साथ-साथ मौसम संबंधी उपकरणों को भी फिट किया गया है। ये 100 से लेकर 600 किलोमीटर की रेंज तक बड़े पैमाने पर मिलिट्री मूवमेंट या लैंडिंग और टेकऑफ की तस्वीरें ले सकते हैं, जो कि उसपर लगाए गए उपकरणों और मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।












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