कुंवारों के लिए अच्छा नहीं है चंदग्रहण, ना करें भूलकर भी ये काम
नई दिल्ली। 23 मार्च को चंद्रग्रहण है, जो कि एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ भागों में स्पष्ट रूप से और भारतीय महासागर, आर्कटिक, अंटार्कटिका में आंशिक रूप से दिखायी देगा। 23 मार्च को भारतीय समयानुसार ग्रहण का समय 15:09 बजे है जो कि 17:17 पर खत्म होगा।
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हालांकि ये एक भोगौलिक घटना है, जिसमें इतना परेशान होने की जरूरत नहीं है। लेकिन ज्योतिषियों के मुताबिक ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव पड़ता है इसी कारण ग्रहण के वक्त कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
ग्रहों का जीवन पर प्रभाव पड़ता है
बनारस के आचार्य श्री भगवती शुक्ल ने इस बारे में वनइंडिया से बात की। उन्होंने बताया कि चंद्रग्रहण हमेशा से ही कुंवारों के लिए अच्छा नहीं होता है। वैसे भी सुंदरता का प्रतीक चंद्रमा को कभी कुंवारों को देखना नहीं चाहिए क्योंकि चंद्रमा श्रापित हैं।
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चांद को श्राप मिला
आचार्य श्री भगवती शुक्ल ने कहा कि पुराणों में वर्णन है कि चंद्रमा को बड़ा घमंड था अपनी खूबसूरती का इसी कारण उसे श्राप मिला था और वो अपनी पत्नियों से दूर हो गया था।

पूरा चांद कभी नहीं देखना चाहिए
इसी वजह से कहा जाता है कि कुवांरों को पूरा चांद कभी नहीं देखना चाहिए क्योंकि उनके वैवाहिक जीवन में काफी कष्ट होता है तो वहीं दूसरी ओर शादी में भी देरी होती है।

आंखों पर असर
इसी कारण चंद्रग्रहण को भी नहीं देखना चाहिए अनमैरड लोगों को क्योंकि ऐसा करने से उनकी आंखों पर असर होता है जो कि स्वास्थ्य के लिहाज से काफी बुरा है।

चांद उग्र हो जाता है
चांद का संबंध शीतलता से होता है लेकिन जब उस पर ग्रहण लगता है तो वो उग्र हो जाता है जिसका बुरा असर कुवांरे लड़के-लड़कियों पर पडता है इस कारण घर के बड़े ग्रहण को देखने से मना करते हैं।

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