Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक 21 दिनों की भूख हड़ताल पर, पिछले साल भी किए थे दो बार अनशन
Sonam Wangchuk: नामी 'एक्टिविस्ट' सोनम वांगचुक ने लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के कार्यान्वयन की मांग के लिए लेह में 21 दिनों की भूख हड़ताल शुरू की है। 7 मार्च को शुरू हुई यह भूख हड़ताल 21 दिनों तक जारी रहेगी।
कौन है सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक एक भारतीय इंजीनियर, इनोवेटर और क्लाइमेट एक्टिविस्ट है। वह स्टूडेंट एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ़ लद्दाख (SECMOL) के संस्थापक-निदेशक हैं, जो लद्दाख में शिक्षा प्रणाली में सुधार पर केंद्रित है।

वांगचुक को SECMOL कैंपस डिजाइन करने के लिए जाना जाता है, जो सौर ऊर्जा से संचालित होता है और आइस स्तूप तकनीक के आविष्कार के लिए जाना जाता है, जो सर्दियों के पानी को इकट्ठा करने के लिए आर्टिफिशियल ग्लेशियर बनाता है। वांगचुक को अपने काम के लिए कई पुरस्कार मिले हैं, जिसमें 2018 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार और 2017 का ग्लोबल अवॉर्ड फॉर सस्टेनेबल आर्किटेक्चर भी शामिल है।
पहले भी वांगचुक कर चुके है ऐसी भूख हड़ताल!
• 'क्लाइमेटिक फास्ट': सोनम वांगचुक ने लद्दाख के नाजुक पर्यावरण के संरक्षण की वकालत करने के लिए 18 जून, 2023 को लद्दाख में 7 दिनों का 'क्लाइमेटिक फास्ट' (जलवायु उपवास) रखा था। यह भूख हड़ताल पर्यावरणीय मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए दिनचर्या में बदलाव लाने के उनके अभियान का हिस्सा थी। वांगचुक के उपवास का मकसद लद्दाख को राज्य का दर्जा, संवैधानिक सुरक्षा और पर्यावरण सुरक्षा उपायों जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए लद्दाखी नेताओं और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच बातचीत कराना था।
• मिले राज्य का दर्जा: इस बार वांगचुक जिस राज्य की मांग और छठी अनुसूची के संबंध में भूख हड़ताल कर रहे है, उन्हीं मांगो को लेकर उन्होंने पिछले साल भी जनवरी में 5 दिनों की भूख हड़ताल की थी, वो भी 18,000 फीट की ऊंचाई और -40 डिग्री सेल्सियस की कांपती ठंड में। वांगचुक ने लद्दाख के लोगों से किए गए वादों को पूरा नहीं करने के लिए भाजपा सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने हिमालय में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया था और इस मुद्दे को प्राथमिकता नहीं देने के लिए सरकार की आलोचना की थी। अपनी हड़ताल के माध्यम से वांगचुक ने लद्दाख के लोगों को भूमि और नौकरियों की सुरक्षा दिलाने के लिए देश का ध्यान अपनी ओर खींचा।
सोनम वांगचुक की कुछ प्रमुख टिप्पणियां!
• दिसंबर 2023 में जब सोनम वांगचुक को 20वां उपेंद्र नाथ ब्रह्मा 'सोल्जर फॉर ह्यूमैनिटी' अवार्ड 2023 दिया गया, तो उन्होंने अपने भाषण में कहा कि जलवायु परिवर्तन को विश्व युद्ध की तुलना में मानव जाति के लिए अधिक महत्वपूर्ण खतरा माना जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन विश्व युद्ध से जुड़े जोखिमों को पछाड़ कर मानवता के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है।
• फरवरी 2023 में सोनम वांगचुक ने 'द हिंदू' को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें वांगचुक ने केंद्र सरकार द्वारा युवाओं को अलग-अलग करके लद्दाख में उग्रवाद के बीज बोने पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने केंद्र की नीति की आलोचना करते हुए दावा किया कि इससे युवाओं का अलगाव बढ़ रहा है और क्षेत्र में उग्रवाद की भावना को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जब एक कार्यक्रम में लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर पुरस्कार वितरण करने पहुंचे, तो वहां पर मौजूद बच्चों ने छठी अनुसूची से संबंधित नारे लगाने शुरू कर दिए, इसके बाद पुलिस द्वारा उन बच्चों को पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वांगचुक ने पूछा कि "क्या अब सार्वजनिक रूप से छठी अनुसूची कहना भी गुनाह हो गया है?"
• जनवरी 2023 में अपनी भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक ने न्यूज एजेंसी, एएनआई से बात करते हुए कहा कि यदि उपाय नहीं किए गए तो लद्दाख में उद्योग, पर्यटन, आदि फलते-फूलते रहेंगे और अंत में इसे खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा कि कश्मीर विश्वविद्यालय के हालिया अध्ययन में पता चला है कि अगर लेह लद्दाख में ग्लेशियर की ठीक से देखभाल नहीं की गई, तो वो लगभग दो तिहाई खत्म हो जाएंगे। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि राजमार्गों और मानवीय गतिविधियों से गिरे ग्लेशियर तेज गति से पिघल रहे हैं।
• नवंबर 2021 में वांगचुक ने ट्विटर (अब X) पर दो मिनट का वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लद्दाख में बन रहे एयरपोर्ट के संबंध में सहायता की मांग की। वीडियो में वांगचुक ने एयरपोर्ट में कई खामियां बताई और कहा कि हवाई अड्डे में 'पारंपरिक वास्तुकला' का कोई निशान नहीं है।
• मई 2020 में वांगचुक ने भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलओसी) पर गतिरोध के जवाब में सभी भारतीयों से सभी चीनी सामान और सेवाओं का बहिष्कार करने की मांग की थी। उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि इस बार भारत का चीन को जवाब सिर्फ सैनिकों की ओर से नहीं बल्कि नागरिकों की ओर से भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने सभी देशवासियों से अपनी 'वॉलेट पावर' इस्तेमाल करने की मांग की थी।
सेना के लिए बनाए सोलर-हीटेड टेंट!
सोनम वांगचुक ने भारतीय सेना के जवानों के लिए लद्दाख में सियाचिन और गलवान घाटी जैसे बेहद ठंडे स्थानों पर उपयोग करने के लिए सोलर-हीटेड टेंट बनाए हैं। वांगचुक द्वारा बनाए गए ये इको-फ्रेंडली टेंट रात के दौरान सैनिकों को गर्म रखने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं, जिससे फॉसिल फ्यूल की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ती।
इन टेंटो में 10 सैनिक रह सकते हैं और यह पूरी तरह पोर्टेबल है। टेंट में इंसुलेशन की चार परतें हैं, जिन्हें अंदर गर्म तापमान बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है, भले ही बाहर तापमान कितना भी कम क्यों ना हो जाए। वांगचुक ने बताया कि यदि बाहर -14 डिग्री सेल्सियस तापमान है, तो टेंट के अंदर 15 डिग्री सेल्सियस तापमान रहेगा और गर्म जगह पर इन टेंट की परत को कम किया जा सकता है।
3 इडियट्स का रैंचो भी वांगचुक पर आधारित!
आमिर खान, शरमन जोशी और आर माधवन की फिल्म 3 इडियट्स में आमिर खान ने जिस रैंचो का किरदार निभाया था, वो वांगचुक पर ही आधारित था। जब 2009 में राजकुमार हिरानी द्वारा बनाई गई यह फिल्म रिलीज हुई तो वांगचुक चर्चा का विषय बन गए थे। हालांकि, वांगचुक ने कई मौकों पर यह स्पष्ट किया है कि 3 इडियट्स उन पर आधारित एक बायोपिक नहीं है, बल्कि मनोरंजन के उद्देश्य से उनकी कहानी से प्रेरित है।
पिछले महीने द लल्लनटॉप के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्होंने फिल्म देखी है और यह एक अच्छे संदेश के साथ अच्छी फिल्म है। जब उनसे उनके और किरदार रैंचो के बीच असमानता के बारे में पूछा गया, तो वांगचुक ने मजाक में कहा, "मैं क्या कहूं, लेकिन किसी और ने मुझसे यह कहने के लिए कहा था कि मैं फिल्म में दिखाए गए किरदार से कहीं अधिक खूबसूरत हूं।"












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