Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Kulbhushan Jadhav: 53 वर्ष के हुए पाकिस्तान की जेल में कैद कुलभूषण जाधव, जानें पूरी कहानी

कुलभूषण जाधव को 10 अप्रैल 2017 को पाकिस्तान के एक फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा मौत की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद भारत सरकार ने इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में चुनौती दी थी।

Kulbhushan

25 मार्च 2016 को पाकिस्तान से एक खबर आयी कि उन्होंने 3 मार्च को भारत के एक नागरिक को बलूचिस्‍तान से गिरफ्तार किया है। बताया गया कि पकड़े गये नागरिक का नाम कुलभूषण जाधव है और वह भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के लिये काम करता है। पाकिस्तान सरकार का दावा है कि उसने कुलभूषण जाधव को जासूसी करते हुए पकड़ा है। हालांकि भारत सरकार का कहना है कि कुलभूषण को पाकिस्तान ने बलूचिस्‍तान से नहीं बल्कि ईरान से अपहरण किया था। यह तो शुरुआती दौर की बात है। इसके बाद कुलभूषण के बारे में सर्च किया जाने लगा। तमाम तरह की बातें भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ से सामने आने लगीं। आज कुलभूषण जाधव का जन्मदिन है। इसलिए आज हम आपको कुलभूषण जाधव को लेकर कुछ पहलुओं से अवगत करवाएंगे।

कौन हैं कुलभूषण जाधव

सबसे पहला सवाल मन में यह आता है कि कुलभूषण कौन है, वह कहां के रहने वाले है, और क्या करते थे? कैसे ईरान पहुंचे और कैसे पाकिस्तान ने उन्हें गिरफ्तार किया? तो आपको बता दें कि 16 अप्रैल 1970 को जन्में कुलभूषण जाधव का पूरा नाम कुलभूषण सुधीर जाधव है। उनका जन्म महाराष्ट्र के सांगली में हुआ है। कुलभूषण के परिवार में उनकी माता और पत्नी हैं। कुलभूषण जाधव को 10 अप्रैल 2017 को पाकिस्तान के एक फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा मौत की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद भारत सरकार ने इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में चुनौती दी थी।

भारतीय वकील ने एक रुपये में लड़ा केस

15 मई 2017 तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक ट्वीट किया। ट्विट में सुषमा स्वराज ने लिखा कि नामी वकील हरीश साल्वे ने पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव का केस अंतरराष्ट्रीय अदालत में लड़ने के लिए बतौर फीस महज एक रुपया लेना स्वीकार किया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने पाक की संसद नेशनल असेंबली में बजट दस्तावेज पेश किया जिसमें कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाधव का केस लड़ने वाले वकील खावर कुरैशी को 20 करोड़ पाकिस्तानी रुपये दिए गए थे।

अंततः जुलाई 2019 में नीदरलैंड के हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने न केवल जाधव की फांसी की सजा पर रोक को बरकरार रखा बल्कि पाकिस्तान से इस पर पुनर्विचार करने के लिए भी कहा था। कुलभूषण जाधव केस में एक नया मोड तब आया जब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने माना कि पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया है। आपको बता दें कि संप्रभु देशों के बीच आपसी राजनयिक संबंधों को लेकर सबसे पहले 1961 में वियना कन्वेंशन हुआ।

भारत और पाक का अपना-अपना दावा

भारत ने दावा किया है कि कुलभूषण एक सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना कमांडर है। कुलभूषण ने समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली थी और ईरान में अपना व्यवसाय कर रहे थे। पाकिस्तान ने जाधव का ईरान से अपहरण कर लिया और जानबूझकर जासूसी के मामले में फंसाया गया। सितंबर 2019 में भारतीय अधिकारी कुलभूषण जाधव से मिले और उन्हें आश्वस्त किया कि भारत उनकी रिहाई के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा और उनके मामले में न्याय किया जाएगा। वहीं पाकिस्तानी सरकार का दावा है कि जाधव अभी भी एक भारतीय नौसेना के कमांडर हैं, जो बलूचिस्तान में की जाने वाली आतंकी गतिविधियों में शामिल थे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+