जानिये क्यों भगवान भोलेनाथ पर ही चढ़ाया जाता है बेल पत्र?
पटना (मुकुंद सिंह) विश्व के सभी देवी देवताओं में महादेव ही एक ऐसे हैं जिनके ऊपर बेलपत्र चढ़ाया जाता है। आखिरकार महादेव के ऊपर ही क्यों बेलपत्र चढ़ाया जाता है इसके पीछे भी एक बहुत बड़ा रहस्य है। आपको बताते चलें की यू तो लोग महादेव को प्रसन्न करने के लिए बेल पत्र के साथ साथ दूब, कुशा, कमल, नीलकमल, ऑक मदार, जंवाफूल कनेर, राई फूल आदि चढ़ाते हैं।
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लेकिन अगर बेलपत्र चढ़ाने की बात की जाए तो पौराणिक कथा के अनुसार जब विश्व के 89 हजार ऋषि मुनि जब परमपिता ब्रह्मा से यह पुछा कि आखिरकार महादेव को किस तरह प्रसन्न किया जा सकता है। तो ब्रह्मदेव ने महादेव को खुश करने का उपाय बताते हुए ऋषियों से कहा था कि भोलेनाथ 100 कमल चढ़ाने से जितने प्रसन्न होते हैं उतना ही प्रसन्न एक नील कमल चढ़ाने से होते हैं। और एक हजार नीलकमल के बराबर एक बेलपत्र होता है। तभी से सभी लोग महादेव पर बेलपत्र चढाते आ रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ बेलपत्र चढ़ाने का एक और कारण भी बताया जाता है।जिसमे एक डाकू लोगों को लूट कर अपना परिवार चलाया करता था। हर दिन किसी ना किसी को लूटता था और अपने परिवार का पालन पोषण करता था। वही सावन के महीना में एक दिन भील नामक डाकू लोगों को लूटने के लिए जंगल में लोगों को ढूंढने के लिए गया। पर जगंल मे उसे 2 दिन बीत जाने के बाद भी एक भी आदमी नहीं मिला।
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जिसके कारण वह परेशान होकर एक पेड़ के डाल पर बैठा गया और उसी पेड़ का पत्ता तोड़ तोड़ कर नीचे फेकने लगा। पत्ते को नीचे फेंकने के कुछ ही देर बाद भगवान भोलेनाथ साक्षात उसके सामने प्रगट हो गए। जिसे देख डाकू घबरा गया और भगवान भोलेनाथ से माफी मांगने लगा। लेकिन भोलेनाथ ने उसे वरदान मांगने के लिए कहा। क्योंकि जिस पेड़ पर चढ़ कर वह बैठा था वह पेड़ बेल का ही था। और नीचे भगवान शिव की शिवलिंग थी। वही इस घटना के बाद से लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सबसे ज्यादा बेल पत्र का प्रयोग करते हैं।












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