राजस्थान रॉयल्स के मालिकाना हक पर छिड़ा घमासान, मित्तल-पूनावाला को लेकर कानूनी जंग की तैयारी में सोमानी ग्रुप
Rajasthan Royals: आईपीएल (IPL) की पहली चैंपियन टीम, राजस्थान रॉयल्स (RR), इन दिनों मैदान के बाहर अपनी ओनरशिप को लेकर जबरदस्त चर्चा में है। दुनिया के दिग्गज स्टील कारोबारी लक्ष्मी निवास मित्तल और वैक्सीन किंग अदार पूनावाला ने 15600 करोड़ की रकम के साथ इस टीम में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है, लेकिन इस डील के साथ ही एक बड़ा विवाद भी खड़ा हो गया है।
जहां एक ओर नई ओनरशिप का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोमानी ग्रुप ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ग्रुप का आरोप है कि इस डील में पारदर्शिता की कमी रही और नियमों की अनदेखी की गई है। सोमानी ग्रुप क़ानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। मित्तल ग्रुप से पहले यही खबर आई थी कि काल सोमानी ने राजस्थान रॉयल्स को खरीद लिया है।

सोमानी ग्रुप के मुख्य आरोप
- साइड डीलिंग का शक: सोमानी ग्रुप का दावा है कि वे पिछले 10 दिनों से डील फाइनल करने के लिए तैयार थे, लेकिन जानबूझकर मामले को लटकाया गया ताकि पिछले दरवाजे से मित्तल परिवार के साथ समझौता किया जा सके।
- जानकारी का अभाव: ग्रुप के अनुसार उन्होंने बीसीसीआई (BCCI) के बकाया और कानूनी पेचीदगियों को लेकर कई सवाल पूछे थे, जिनका संतोषजनक जवाब मैनेजमेंट की तरफ से नहीं मिला।
- कानूनी कार्रवाई की तैयारी: सोमानी ग्रुप अब इस मामले को लेकर बीसीसीआई को शिकायत भेजने और अदालत में चुनौती देने की योजना बना रहा है। इसके लिए वे अमेरिका स्थित अपनी लीगल और पीआर टीम से भी मशविरा कर रहे हैं।
राजस्थान रॉयल्स की बढ़ सकती है परेशानी
अगर सोमानी ग्रुप की कानूनी चुनौती को कोर्ट स्वीकार कर लेता है, तो राजस्थान रॉयल्स के नए बोर्ड के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस नए बोर्ड में लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनीषा मित्तल-भाटिया और अदार पूनावाला जैसे बड़े नाम शामिल हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए यह ट्रांजिशन जितना ऐतिहासिक दिख रहा है, उतना ही विवादों में भी घिर गया है। अब देखना यह होगा कि क्या बीसीसीआई इस मामले में हस्तक्षेप करता है या यह विवाद लंबी कानूनी लड़ाई का रूप लेगा।













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