West Bengal Election Results 2026: बंगाल में खिलता दिख रहा 'कमल', इन 10 मास्टरस्ट्रोक वादों ने पलटी बाजी!
West Bengal Election BJP Promise: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए डाले गए वोटों की गिनती आज, 4 मई को कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। 23 और 29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद आज आ रहे शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) निर्णायक बढ़त बनाए हुए है। चुनावी नतीजों की इस गहमागहमी के बीच भाजपा के उन '10 बड़े वादों' की चर्चा फिर तेज हो गई है, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान मुख्य केंद्र भूमिका निभाई थी।
पार्टी ने अपने 'संकल्प पत्र' में सरकारी कर्मचारियों को केंद्र के समान डीए, महिलाओं को मासिक ₹3000 की आर्थिक मदद और राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने जैसे क्रांतिकारी वादे किए थे। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, बंगाल की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भाजपा इन ऐतिहासिक वादों के दम पर सत्ता के शिखर तक पहुंच पाएगी।

भाजपा के घोषणापत्र में शामिल 10 प्रमुख वादे
सरकारी कर्मचारियों के लिए DA और 7वां वेतन आयोग: भाजपा ने वादा किया है कि सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता (DA) दिया जाएगा और 7वां वेतन आयोग लागू किया जाएगा।
महिलाओं को ₹3000 की मासिक सहायता: आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पार्टी ने 'लक्ष्मी भंडार' योजना के मुकाबले महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने सीधे 3000 रुपये भेजने का वादा किया है।
नौकरियों में 33% महिला आरक्षण: राज्य की सरकारी नौकरियों और पुलिस बल में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई है, ताकि कार्यबल में उनकी भागीदारी बढ़ सके।
'दुर्गा सुरक्षा दस्ता' और महिला सुरक्षा: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर मंडल में विशेष 'दुर्गा सुरक्षा दस्ता' (Durga Suraksha Squad) गठित करने और हर पुलिस स्टेशन में महिला डेस्क बनाने की योजना है।
आयुष्मान भारत और मुफ्त स्वास्थ्य जांच: राज्य में आयुष्मान भारत योजना को तत्काल लागू करने के साथ ही महिलाओं के लिए एचपीवी (HPV) वैक्सीन और ब्रेस्ट कैंसर की मुफ्त जांच की सुविधा प्रदान की जाएगी।
घुसपैठ पर पूर्ण विराम: भाजपा ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने, 100% फेंसिंग और अवैध घुसपैठ को पूरी तरह रोकने के लिए 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने का संकल्प लिया है।
भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज का अंत: राज्य में 'कट मनी' और 'सिंडिकेट' प्रथा को खत्म करने के लिए सख्त कानून लाने और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।
समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना: घोषणापत्र का एक बड़ा आकर्षण सरकार बनने के छह महीने के भीतर राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने का वादा है।
कानून-व्यवस्था में सुधार: बंगाल को भयमुक्त बनाने के लिए माफिया राज, विशेषकर कोयला, बालू और पत्थर तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने की बात कही गई है।
मछुआरों का कल्याण और क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मान: मछुआरों को पीएम मत्स्य संपदा योजना का लाभ देकर राज्य को फिश-एक्सपोर्ट हब बनाने तथा कुर्माली एवं राजबंशी भाषाओं को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।
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With AI Inputs












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