भारतीय रेल से जुड़े 10 चौंकाने वाले तथ्य जो आपने कभी नहीं सुना होगा
नई दिल्ली। भारतीय रेल दुनियाभर में सबसे ज्यादा यात्रियों को रोजाना ढोने के लिए जानी जाती है। भारत जैसे मुल्क में रेल सुविधा अगर एक दिन के लिए भी ठप्प हो जाये तो यकीन मानियें जिंदगी पूरी तरह से ठहर जायेगी। यूं तो भारतीय रेल में कई खामियां हैं लेकिन अगर कुछ घंटों के लिए इसका संचालन ठप्प तो हाहाकार मच जाता है।
भारतीय रेल को शुरु हुए तकरीबन 200 साल हो चुके हैं और इसमें और सुधार की कोशिशें आज भी जारी हैं। एक तरफ जहां मोदी सरकार बुलेट ट्रेन की योजना बना रही है वहीं दूसरी तरफ तत्काल टिकटों के नियमों बदलाव करके इस और बेहतर बनाने के प्रयास हर रोज चल रहे हैं।
मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद तत्काल टिकट के नियमों के बारे में कई फेरबदल हो चुके हैं। खैर देखते हैं भारतीय रेल की दशा और दिशा कितनी और कब बदलती है। लेकिन इन सब के बीच हम आपको बताते भारतीय रेल से जुड़ी 10 चौंकाने वाले तथ्य

सबसे तेज और सबसे धीमी गति की ट्रेन
नई दिल्ली से भोपाल को जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भारत की सबसे तेज ट्रेन है। इसकी औसत रफ्तार 91 किलोमीटर प्रतिघंटा है जोकि 150 से 195 किलोमीटर तक भी पहुंच जाती है। वहीं नीलगिरी एक्सप्रेस 10 किलोमीटर प्रति घंटा औसत से चलने की वजह देश की सबसे धीमी ट्रेन है।

सबसे लंबा और छोटा रूट
डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी तक चलने वाली विवेक एक्स्प्रेस कुल 4273 किलोमीटर की दूरी तय करती है जोकि सबसे लंबी दूरी है। वहीं नागपुर से अजनी के बीच की दूरी महज 3 किलोमीटर है जिसके लिए विशेष ट्रेन चलती है ताकि नागपुर वर्कशॉप स्टेशन पर यहां के कर्मचारी समय से पहुंच सके।

सबसे लंबी दूरी तक बिना रुके चलने वाली ट्रेन
त्रिवेंद्रम से निजामुद्दीन के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस बिना रुके 528 किलोमीटर की दूरी को वड़ोदरा और कोटा के बीच तय करती है। वहीं हावड़ा अमृतसर एक्सप्रेस सबसे ज्यादा 115 बार रुकती है जोकि देश की किसी भी ट्रेन से सबसे ज्यादा है।

एक ही जगह पर दो-दो रेलवे स्टेशन
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में श्रीरामपुर और बेलापुर नाम के दो रेलवे स्टेशन की ही जगह पर और एक ही रूट पर स्थित हैं जोकि एक रेलवे ट्रैक आमने-सामने हैं।

कभी समय से नहीं चलने वाली ट्रेन
गुवाहाटी-त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस देश की सबसे गैर भरोसेमंद ट्रेन है। यह ट्रेन औसत रूप से 10 से 12 घंटे विलंब से हमेशा चलती है। यह ट्रेन अपना सफर 65 घंटे 5 मिनट में पूरा करती है।

दुनिया का सबसे पुराना इंजन
1855 में बना फेयरी क्वीन भारत का सबसे पुराना लोकोमोटिव इंजन है जोकि आज भी चल रहा है। यह दुनिया का सबसे पुराना ऐसा रेल इंजन है जोकि आज भी चल रहा है।

सुरंग में सबसे लंबा रेलवे ट्रैक
पीर पंजाल भारत का सबसे लंबा रेलवे ट्रैक है जोकि सुरंग में चलता है। इसकी लंबाई 11.215 है। इसका निर्माण जम्मू-कश्मीर में दिसंबर 2012 में पूरा हुआ था।

1909 में भारतीय रेल में शुरु हुए शौचालय
भारतीय रेलों में पहली बार 1909 में शौचालय की व्यवस्था शुरु हुई। सबसे पहले यह साधारण डिब्बों में शुरु हुआ था। यह सुविधा ओखिल बाबू के एक पत्र के बाद शुरु हुई जिसमें उन्होंने अपनी व्यथा बतायी थी।

सबसे बड़ा और सबसे छोड़ा रेलवे स्टेशन का नाम
चेन्नई के अराकोनम-रेलीगुंटा के पास स्थित रेलवे स्टेशन का नाम वेंकटनरसिम्हारजुवारिपेटा Venkatanarasimharajuvaripeta सबसे बड़ा नाम है। जबकि ओडिशा में एलबी LB, ऐसा रेलवे स्टेशन है जिसका नाम सबसे छोटा है।

दुनिया का सबसे लंबा प्लेटफॉर्म
गोरखपुर रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म दुनिया का सबसे लंबा प्लेटफॉर्म है। इसकी कुल लंबाई 1.35 किलोमीटर है।












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