जब अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी को बना डाला कब्रिस्तान
हिरोशिमा। जापान जिसे एशिया का पहला विकसित देश होने का गौरव हासिल है, वर्ल्ड वॉर टू के दौरान अमेरिका और ब्रिटेन की झूठी ताकत और शान को साबित करने वाला देश बन गया।
आज ही के दिन यानी छह अगस्त को जापान के शहर हिरोशिमा पर दुनिया का पहला एटम बम बरसाया गया था।
जापान के शहर हिरोशिमा में वर्ष 1945 में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका की ओर से गिराए गए परमाणु बम की 69वीं बरसी मनाई गई।
इस अवसर पर शांति की अपील की गई और मानवीय संबंधों के सम्मान पर जोर दिया गया। साथ ही परमाणु हथिरयारों को 'बुरी शक्ति' करार दिया गया।
हिरोशिमा में इस घटना की याद में एक पीस मेमोरियल पार्क की स्थापना की गई थी। इस पार्क में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे, जापान में अमेरिकी राजदूत कैरोलाइन केनेडी, हिरोशिमा के मेयर काजुमी मात्सुई के साथ ही कई और लोगों ने आकर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
हिरोशिमा की घटना ने जापान और दुनिया को जो जख्म दिए वह आज भी हरे हैं। जानिए इस घटना से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में और देखिए घटना से जुड़ी कुछ खास तस्वीरें।

द्वितीय विश्वयुद्ध के आखिरी क्षणों में गिराए गए बम
अमेरिका ने छह अगस्त और नौ अगस्त को जापान के दो अहम शहरों में हिरोशिमा और नागासाकी पर एटम बम गिराए थे। यह एटम बम द्वितीय विश्वयुद्ध के आखिरी क्षणों के दौरान गिराए गए। इसके साथ ही पूरी दुनिया पहली बार एटम बम जैसी विध्वंसक हथियार से भी रूबरू हुर्इ।

जापान पर हमले की पहले से थी तैयारी
यूरोप में जारी युद्ध उस समय खत्म हो गया था जब जर्मनी की नाजी सेना ने आठ मई 1945 को सरेंडर कर दिया था लेकिन दुनिया के दूसरे हिस्से में पैसेफिक वॉर जारी था। चीन और ब्रिटेन ने अमेरिका के साथ मिलकर 26 जुलाई 1945 को पोस्टडैम डिक्लेयरेशन के तहत जापानी सेना को सरेंडर करने को कहा। इन देशों ने जापान की सेना को धमकी दी अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लिटिल ब्वॉय और फैट मैन
अगस्त 1945 तक अमेरिका अपने मैनहैट्टन प्रोजेक्ट के तहत एक एटॉमिक डिवाइस को सफलता पूर्वक टेस्ट कर चुका था। छह अगस्त 1945 को अमेरिका ने एक यूरेनियम गन के प्रकार का एटॉमिक बम जिसका नाम लिटिल ब्वॉय था, हिरोशिमा पर गिरा दिया। ठीक तीन दिन बाद या नौ अगस्त को उसने फैट मैन नामक एटॉमिक बम नागासाकी पर गिराया।

चार माह तक होती रहीं मौतें
अमेरिका के एटॉमिक बम गिराने के पहले दो से चार माह तक हिरोशिमा में 90,000 से 166,000 मौतें हो गईं तो वहीं नागासाकी में 60,000 से 80,000 लोग मारे गए थे।

15 अगस्त को जापान ने मानी हारी
हिरोशिमा और नागासाकी पर बमबारी के बाद जापान ने 15 अगस्त 1945 को सरेंडर कर दिया। दो सितंबर 1945 को जापान ने सरेंडर के दस्तावेजों पर साइन किया और इसके साथ ही द्वितीय विश्वयुद्ध अपने अंजाम पर पहुंच सका था।

दुनिया के आधे हिस्से पर जापान का कब्जा
पैसेफिक वॉर के तहत एक अगस्त 1945 तक जापान ने कोरिया, ताइवान, चीन के कई अहम शहरों के साथ डच ईस्ट इंडीज पर भी अपना कब्जा कर लिया था।

अमेरिका ने शुरू कर दी थी तैयारियां
जर्मनी और इटली पर जीत के तुरंत बाद ही अमेरिकी सेना की ओर से आए इस पोस्टर ने जनता को बता दिया था कि वह अब जापान पर हमले के साथ ही वर्ल्ड वॉर को खत्म करने की तैयारी कर चुका है।

ओसाका का लिया जायजा
पैसेफिक वॉर के तहत जापान अमेरिकी सेना के बेस को पूरी तरह से तबाह कर चुका था। अमेरिका इस बात से परेशान था और कहीं न कहीं वह जापान को सबक सिखाने की तैयारी भी कर चुका था। अमेरिका ने एक जून 1945 को अपना एक बी-29 एयरक्राफ्ट जापान के शहर ओसाका भेजा था।

टोक्यो पर किया था अमेरिका ने हमला
अमेरिका ने ' ऑपरेशन मीटिंगहाउस' के तहत हिरोशिमा और नागासाकी पर हमले से पहले जापान की राजधानी टोक्यो पर वर्ल्ड वॉर टू के दौरान नौ और 10 मार्च को सबसे खतरनाक हवाई हमले किए थे। इस हमले में अमेरिका ने टोक्यों को काफी बुरी तरह से प्रभावित किया था। बताते हैं कि जितना असर हिरोशिमा और नागासाकी में एटॉमिक हमले के बाद हुआ था उससे कहीं ज्यादा टोक्यो में इस हमले की वजह से हुआ था।

509 कंपोजिट ग्रुप एयरक्राफ्ट्स
अमेरिका ने हिरोशिमा पर बम गिराने के लिए जिन एयरक्राफ्ट्स का प्रयोग किया था वह 509 कंपोजिट ग्रुप के एयरक्राफ्ट्स थे। सिर्फ इतना ही नहीं अमेरिका ने इन हमलों के लिए बैकअप प्लेन के तौर पर ग्रेट आर्टिस्ट और एनोला गे जैसे एयरक्राफ्ट्स को भी तैयार रखा था।

अमेरिका ने भेजे प्रतिनिधि
अमेरिका ने वाशिंगटन से ब्रिगेडियर जनरल थॉमस फार्रेल, मैनहैट्टन प्रोजेक्ट के डिप्टी कमांडर ब्रिगेडियर जनरल के साथ ही मिलिट्री पुलिस कमेटी के रियर एडमिरल विलियम आर पर्नेल के साथ ही प्रोजेक्ट अल्ब्रेटा के कैप्टन विलियम एस पारसंस को भी इस मिशन के लिए तैनात किया।

तैयार था पूरा मैप
यह वह मैप है जिसमे अमेरिका ने छह अगस्त और नौ अगस्त को हिरोशिमा और नागासाकी में अपने टारगेट को पहले से तैयार कर लिया था।

लिटिल ब्वॉय को ड्रॉप किया एनोला गे ने
अमेरिका की ओर से हिरोशिमा पर लिटिल ब्वॉय नामके एटॉमिक बम को गिराने वाले एनोला गे ने किसी राक्षस की तरह ही भूमिका अदा की थी। इस फोटोग्राफ में एयरक्राफ्ट के ग्राउंड क्रू के पांच सदस्यों के साथ ही इस मिशन के कमांडर पॉल टिब्बेट्स भी मौजूद हैं।
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