जानिए नीलगाय के बारे में कुछ रोचक तथ्य जिसने दिल्ली तक मचा दिया है घमासान
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। नीलगाय को लेकर बिहार के मोकाम से दिल्ली तक राजनीति गर्म है। आलम ये है कि दो केंद्रीय मंत्रियों के बीच आपस में ठन गई है। मामला तीन दिन के अंदर 250 नीलगायों के मारे जाने का है। दरअसल मोकामा में हैदराबाद से प्रोफेशनल शूटरों को बुलवाकर 3 दिनों में 250 नीलगायों को मार दिया गया है।

एक हजार से अधिक नीलगायों को जंगली इलाकों में खदेड़ा गया है। एक अनुमान के मुताबिक मोकामा टाल में दस हजार से अधिक नीलगाय हैं। हैदराबाद के शूटर नवाब शफाथ अली खान और उनके साथी पिछले 4 दिन ऑपरेशन नीलगाय में जुटे हैं। इस राजनीतिक पचड़ों को थोड़ी देर के लिए किनारे कर आईए आपको नीलगाय के बारे में कुछ रोचक बातें बताते हैं। जानिए गाय के बारे में हैरान कर देने वाले रोचक तथ्य
जानिए नीलगाय के बारे में रोचक तथ्य, दिल्ली तक मचा है घमासान
- नीलगाय एक बड़ा और शक्तिशाली जानवर है। कद में नर नीलगाय घोड़े जितना होता है, पर उसके शरीर की बनावट घोड़े के समान संतुलित नहीं होती।
- पृष्ठ भाग अग्रभाग से कम ऊंचा होने से दौड़ते समय यह अत्यंत अटपटा लगता है। अन्य मृगों की तेज चाल भी उसे प्राप्त नहीं है।
- वह बाघ, तेंदुए और सोनकुत्तों का आसानी से शिकार हो जाता है, यद्यपि एक बड़े नर को मारना बाघ के लिए भी आसान नहीं होता।
- वह बिना पानी पिए बहुत दिनों तक रह सकता है, जबकि परभक्षी जीवों को रोज पानी पीना पड़ता है।
- उसके आगे के पैर पिछले पैर से अधिक लंबे और बलिष्ठ होते हैं, जिससे उसकी पीठ पीछे की तरफ ढलुआं होती है।
- नर और मादा में गर्दन पर अयाल होता है। नरों की गर्दन पर सफेद बालों का एक लंबा और सघन गुच्छा रहता है और उसके पैरों पर घुटनों के नीचे एक सफेद पट्टी होती है।
- नीलगाय के सूंघने और देखने की शक्ति अच्छी होती है, परंतु सुनने की क्षमता कमजोर होती है।
- नीलगाय घने जंगलों में भूलकर भी नहीं जाते।
- प्रत्येक नर नीलगाय कम-से-कम दो मादाओं पर अधिकार जमाता है।
- नीलगाय बहुत कम आवाज करती है, लेकिन मादा कभी-कभी भैंस के समान रंभाती है।












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