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राखी गिफ्ट बन गए शौचालय, बदल रहा है देश

By प्रेम कुमार
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सफाई के प्रति जागरूकता और 'पहले शौचालय..' के नारे ने लोगों में मानो जादू कर दिया है। रक्षा बंधन के त्योहार पर शौचालय का गिफ्ट! कुछ समय पहले तक कोई सोच भी नहीं सकता था ऐसे गिफ्ट के बारे में। लेकिन, अब ये सुखद सच्चाई है। रक्षाबंधन पर शौचालय गिफ्ट करते हुए सांप्रदायिक सौहार्द की मिसालें भी सामने आयी हैं जिससे पता चलता है कि वाकई ये देश बदल रहा है, बदलने को आतुर है।

toilet

मिर्जापुर में 800 भाइयों ने बहनों को उपहारस्वरूप दिए शोचालय

यूपी के मिर्जापुर में रक्षा बंधन का पर्व यादगार बन गया। यहां 800 भाइयों ने अपनी बहनों को शौचालय बनाकर रक्षा बंधन का गिफ्ट दिया है। यह आयोजन जिले की मुख्य विकास अदिकारी प्रियंका निरंजन की सोच का नतीजा है। सीडीओ की पहल भाइयों के बीच प्रेरणा बन गयी। शौचालय के रूप में ज़रूरतें पूरी हुईं, रक्षा बंधन का महान् पर्व एक बड़े उद्देश्य से जुड़ गया और बहनों को शौचालय मिल गये। विकास खंड सिटी के समोगरा गांव के आशीष सिंह ने बहन मंजुला सिंह को बाथरूम कम टॉयलेट गिफ्ट किया, तो भोड़सर के सूर्यजीत यादव ने रोशन देवी को शौचालय बनवा कर भेंट किया। इसी तरह मड़िहान ब्लॉक के धनावल गांव में सत्यम द्विवेदी ने बहन रश्मि द्विवेदी को शौचालय का उपहार दिया, जबकि घोरी गांव में भाई ललित श्याम ने सरिता यादव, बेलहरा में संदीप ने प्रियंका, धीरज ने कंचन को यह अनोखा उपहार दिया। कुल 800 भाइयों ने अपनी-अपनी बहनों को शौचालय के गिफ्ट दिए।

जब सांप्रदायिक सौहार्द्र का प्रतीक बन गया शौचालय

अलीगढ़ में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग यानी आरईडी में जूनियनर इंजीनियर मुशीर अहमद ने तो रक्षा बंधन पर सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल पेश की। उन्होंने तीन साल की एक बच्ची से राखी बंधवाकर उसे शौचालय भेंट किया। बच्ची का परिवार गरीब है जिसके घर शौचालय नहीं था। यह परिवार गोंडा ब्लॉक के दरबर गांव में रहता है। मजदूरीसे परिवार का भरण पोषण करता है। जूनियर इंजीनियर मुशीर अहमद ने पिछले दिनों गांव का दौरा करते समय इस परिवार की हालत देखी थी। तभी उन्होंने इस परिवार को मदद करने का संकल्प लिया। उन्होंने राखी के त्योहार को सामाजिक प्रेरणा के मौके में बदल दिया।

डीसी भी हुए प्रेरित, बहन को शौचालय गिफ्ट करने का एलान

मुशीर ने अपने इलाके के डीसी को भी अपने काम से प्रेरित किया। अब डीसी जिया अहमद ने भी रक्षा बंधन के उपलक्ष में एक बहन को शौचालय बनाकर देने का एलान किया है। उन्होंने राना बरौला के शहाकुरन को इस उपहार के लिए चुना।

एक अच्छी सोच से बदलने लगा है समाज

एक अच्छी सोच समाज और देश के किस तरह बदलकर रख देती है उसका उदाहरण हैं ये घटनाएं। इन घटनाओं में जनता खुद पहल करती दिख रही है और समाज बदल रहा है, देश बदल रहा है इसका आभास कराया है। निस्संदेह इसका श्रेय स्वच्छता अभियान को जाता है, इसे शुरू करने वाले प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को जाता है। देश को खुले में शौच से आज़ादी के लिए चल रहा अभियान जल्द ही अपने मकसद को पा लेगा।

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English summary
India is changing, toilet became rakhi gifts.
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