LPG Cylinder: उज्ज्वला के लाभार्थियों के लिए बुरी खबर! बदल गया सब्सिडी वाले सिलेंडर का नियम, कितनी होगी कटौती?
LPG Cylinder Subsidy Big Update: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या में बड़ी कटौती की है। सरकार के इस फैसले से देश के करीब 10.5 करोड़ गरीब परिवारों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने यह कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण एम. खनूजा ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए इसके पीछे के मुख्य कारणों को सामने रखा है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अब साल में 9 की जगह केवल 4 एलपीजी सिलेंडरों पर ही ₹300 की सब्सिडी मिलेगी। इसके बाद के सिलेंडरों के लिए बाजार मूल्य चुकाना होगा। इस घोषणा से ठीक एक दिन पहले 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी।

क्यों लिया गया यह फैसला?
मंत्रालय के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां वर्तमान में हर 14.2 किग्रा के एलपीजी रिफिल पर ₹700 का नुकसान (Under-recovery) उठा रही हैं। इसके अलावा पेट्रोल पर ₹6 प्रति लीटर और डीजल पर ₹30 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। बढ़ते सब्सिडी बिल को नियंत्रित करने के लिए सिलेंडरों की संख्या सीमित की गई है।
आम उपभोक्ताओं को भी राहत
देश के सभी 33.37 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं को बाजार दरों की तुलना में अभी भी ₹700 सस्ता सिलेंडर मिल रहा है, जिसका बोझ सरकारी तेल कंपनियां और सरकार मिलकर उठा रही हैं।
उज्ज्वला योजना का अब तक का सफर (2016 से 2026)
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में समय-समय पर कई बदलाव और संशोधन किए गए हैं:
- शुरुआत (2016): उत्तर प्रदेश के बलिया से इस योजना की शुरुआत गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने के लिए हुई थी।
- उज्ज्वला 2.0 (2021): योजना के दूसरे चरण में मुफ्त कनेक्शन के साथ पहला सिलेंडर और स्टोव (चूल्हा) भी मुफ्त दिया जाने लगा।
- कोरोना काल: महामारी के दौरान सरकार ने 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना' के तहत लाभार्थियों को 3 सिलेंडर पूरी तरह मुफ्त दिए थे।
- 2022 से 2023: मई 2022 में ₹200 की सब्सिडी (अधिकतम 12 सिलेंडर साल भर में) तय की गई, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर ₹300 प्रति सिलेंडर कर दिया गया।
- अगस्त 2025 का फैसला: केंद्रीय कैबिनेट ने अगस्त 2025 में साल भर में 9 सिलेंडरों पर ₹300 की सब्सिडी देने को मंजूरी दी थी।
- वर्तमान स्थिति (जून 2026): अब इस सीमा को 9 से घटाकर सालाना 4 सिलेंडर कर दिया गया है।
आंकड़ों की नजर में योजना का गणित
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उज्ज्वला लाभार्थियों की गैस खपत में पिछले कुछ सालों में सुधार हुआ है:
- फाइनेंशियल ईयर 2019-20: इस अवधि के दौरान उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की प्रति व्यक्ति औसत सिलेंडर खपत सालाना लगभग 3.0 रिफिल थी।
- फाइनेंशियल ईयर 2022-23: अगले कुछ वर्षों में गैस की खपत में बढ़ोतरी देखी गई और यह आंकड़ा बढ़कर सालाना 3.68 रिफिल प्रति व्यक्ति पहुंच गया।
- फाइनेंशियल ईयर 2024-25: हालिया आंकड़ों के मुताबिक, लाभार्थियों की एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने की संख्या में और सुधार हुआ है, जो अब बढ़कर सालाना 4.47 रिफिल प्रति व्यक्ति हो गई है।
- बढ़ता वित्तीय बोझ: पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2025-26 में घरेलू एलपीजी पर कुल अंडर-रिकवरी (नुकसान) बढ़कर ₹60,000 करोड़ तक पहुंच गई है, जो इससे पिछले साल ₹41,338 करोड़ थी। इस घाटे की भरपाई के लिए कैबिनेट ने तेल कंपनियों को ₹30,000 करोड़ के मुआवजे को मंजूरी दी है।
किस शहर में कितने हैं घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 kg) के दाम
- हैदराबाद: ₹994 (सबसे महंगा)
- लखनऊ: ₹979.50
- कोलकाता: ₹968
- चेन्नई: ₹957.50
- चंडीगढ़: ₹951.50
- गुरुग्राम: ₹950.50
- जयपुर: ₹945.50
- बेंगलुरु: ₹944.50
- दिल्ली: ₹942
- मुंबई: ₹941.50
- नोएडा: ₹939.50 (सबसे सस्ता)














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