यह उपकरण मिटाएगा आपकी थकान, बीमारी से पहले करेगा सावधान

खड़गपुर। भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर हम अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाते हैं, जिसके कारण कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं और बीमारी का पता चलने तक काफी देर हो चुकी होती है। जिसमें ज्यादातर बीमारियां कम नींद लेने या ठीक ढंग से नहीं सो पाने के कारण होती हैं।

IIT Kharagpur Researchers Develop ‘Sleep Monitoring System’ For Heart

विश्व स्तर पर रिसर्च करने से पता चलता है कि करीब 34 फीसदी लोग सोने से संबंधित बीमारी से ग्रस्त हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के हिसाब से 17.4 फीसदी मौतें सिर्फ स्वांस की बीमारी के कारण होती हैं और 40 प्रतिशत भारत के लोग 2020 तक हृदय से संबंधित बीमारियों से ग्रस्त हो जायेंगे। अगर इस तरह की गंभीर बीमारियों के बारे में समय रहते पता चल जाता है, तो अकारण मौत के मुंह में जाने से लोगों को बचाया जा सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए एक ऐसे उपकरण का आविष्कार किया गया है, जो सोते समय भी आपके स्वास्थ्य की पूरी निगरानी करेगा और हर बीमारी की आहट को आपके मोबाइल के जरिए आप तक पहुंचाएगा।

दरअसल, IIT Kharagpur के छात्रों ने सबसे पहला प्रयास Technology और Happiness को आपस में जोड़ने का किया है, रिसर्च कर रहे छात्र लक्ष्मीकांत तिवारी ने बताया कि खुशहाल लोग जीवन को बड़ी आसानी से जीते हैं और बीमारियों के प्रभाव से दूर रहते हैं।

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हम सभी लोग अपने जीवन का एक तिहाई भाग सिर्फ सोने में बिताते हैं और जिन लोगों को रात में ठीक से नींद नहीं आती है, वे लोग पूरे दिन थकावट महसूस करते हैं और कई बार work place पर ही सो जाते हैं। ऐसे लोग चिड़चिड़े भी हो जाते हैं और समाज में उनका व्यवहार भी सही नहीं होता, असल में इस प्रकार के लोग किसी न किसी प्रकार की सोने से संबंधित बीमारी से ग्रस्त रहते हैं और उनमें से बहुत सारे लोगों को पता भी नहीं होता है।

Prof. Aurobinda Routray के दिशानिर्देशन में काम कर रहे छात्रों ने तीन प्रकार की स्लीप मॉनिटरिंग डिवाइसेज इजाद किया है। उनकी पहली डिवाइस बेडशीट की तरह है, जिसको उपयोगकर्ता को अपने बेडशीट के नीचे सोने से पहले बिछाना होगा। इस डिवाइस में एक विशेष प्रकार का सेंसर लगा है, जो उपयोगकर्ता के हृदय की धड़कन और स्वांस की गति को नापता है।

IIT Kharagpur Researchers Develop ‘Sleep Monitoring System’ For Heart

अगर उपयोगकर्ता को स्वांस या हृदय से जुड़ी कोई भी बीमारी है, तो ये विशेष प्रकार का सेंसर उसे पकड़ लेता है और बीमारी से जुडी जानकारी उपयोगकर्ता के मोबाइल पर भेज देता है। इसके अलावा इसमें और भी तमाम प्रकार के सेंसर्स लगे हैं, जो आपके बेडरूम की गुणवत्ता, तापमान और ह्यूमिडिटी को भी नापता है।

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दूसरी प्रकार की डिवाइस भी उपयोगकर्ता को स्वांस या हृदय से जुड़ी बीमारी से अवगत कराता है, परंतु हृदय की धड़कन और स्वांस की गति को नापने का तरीका पूरी तरह से अलग है। इस दूसरे प्रकार कि डिवाइस को उपयोगकर्ता को बेडरूम में कहीं एक जगह दीवाल पर लगाना होगा। यह डिवाइस पूरी तरह से वायरलेस टेक्नोलॉजी पर आधारित है।

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तीसरी प्रकार की डिवाइस थर्मल इमेजिंग के सिद्धांत पर काम करती है, ये डिवाइस उपयोगकर्ता के शरीर के तापमान को नापती है और उसी के आधार पर उपयोगकर्ता के स्टेट ऑफ स्लीप को पता कर लेती है। उन्होंने बताया कि बाजार में आने के बाद इन डिवाइसेस की कीमत 7000 से 8000 रूपए के आस-पास होगी और अगले 6 या 7 महीने में डिवाइस बाजार में आ जायेगी।

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