अगर आपका बच्चा स्कूल जाता है तो जरूर पढ़े यह खबर
नई दिल्ली। आजकल दौड़ती-भागती जिंदगी में इंसान अगर साथ में ना चले तो पीछे छूट जायेगा इसलिए आज बच्चा तीन साल का हुआ नहीं कि उसे स्कूल भेज दिया जाता है। लेकिन मां-बाप यह नहीं जानते हैं कि बच्चों को स्मार्ट बनाने के चक्कर में वो नन्हें-कोमल बच्चों पर एक भारी बोझ डाल रहे हैं जिसके लिए उनके बच्चों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
जी हां, डॉक्टरों की नई रिसर्च कह रही है कि आज कल लगभग साठ प्रतिशत बच्चे अपने स्कूल बैग के कारण पीठ दर्द और मांसपेशियों के दर्द के शिकार हो रहे हैं जिसके उन्हें भारी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
न्यूरो स्पाइन विशेषज्ञो का कहना है कि बच्चों की हड्डियां 18 साल की उम्र तक नरम होती हैं और रीढ़ की हड्डी भारी वजन सहने लायक मजबूत नहीं होती है ऐसे में बच्चे घंटो अपने पीठ पर भारी स्कूल बैग टांगे रहते हैं जो कि उनकी सेहत के लिए बिल्कुल सही नहीं है।
बच्चे अक्सर पांच-छह साल में ही सिरदर्द, गर्दनदर्द व कंधों में दर्द के शिकार हो रहे हैं, इसके अलावा बच्चों की पीठ का शेप भी बिगड़ जाता है जिसका खामियाजा उन्हें आगे चलकर भुगतना पड़ता है।
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डॉक्टरों ने कहा है कि बच्चे दिन भर बैग के बोझ के तले घिरे रहते हैं और उनकी फिजिकल एक्सरसाइज भी नहीं होती है इसलिए बहुत जरूरी है कि स्कूल वाले बच्चों का बैग हल्का कराकर उनसे शरीरिक श्रम करवाये, क्योंकि तभी होगा स्वस्थ भारत क्योंकि यही बच्चे देश का भविष्य है।













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