Black Guava: जल्दी बुढ़ापे से बचना है तो करें काले अमरूद का सेवन, किसानों के लिए भी आय का बड़ा साधन
Black Guava: आपने लाल, पीले व हरे अमरूद के बारे में तो सुना या देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी काले अमरूद देखा या उसके बारे में सुना है? दरअसल, एक काला अमरूद भी आता है जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ गुणों से भी भरपूर होता है। विशेषज्ञों का तो यहां तक कहना है कि काले अमरूद का सेवन बुढ़ापे के प्रभाव को कम करता है। वहीं इसकी खेती कर किसान आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रहा है।
क्या होता है काला अमरूद
जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि जो अमरूद काले रंग का होता है, उसे काला अमरूद कहा जाता है। इसके पेड़, फूल तथा पत्तियां भी हल्के काले रंग की होती हैं। काले अमरूद को बिहार कृषि विश्वविद्यालय में विकसित किया गया है और भागलपुर (बिहार) में इसकी पहली खेती की गयी थी। यह अमरूद बाहर से काला और अंदर से लाल रंग का होता है। आमतौर पर अमरूद को गरीबों का सेब भी कहा जाता है, क्योंकि अमरूद गुणकारी व स्वादिष्ट होने के साथ-साथ अन्य फलों से सस्ता भी होता है। वैसे अमरूद का अधिकतर सेवन सर्दियों में होता है, क्योंकि गर्मियों के समय इसमें अधिकतर कीड़ा लग जाता है। काले अमरूद में सामान्य अमरूद से ज्यादा पोषक तत्व होते है तथा अपने औषधीय गुणों के कारण इसमें कीड़ा व रोग लगने की संभावना भी काफी कम होती है।

काले अमरूद के गुण व लाभ
काले अमरूद में पोषक तत्व (विटामिन व मिनरल्स) और एंटीऑक्सीडेंट्स गुण काफी ज्यादा होते हैं। वहीं काले अमरूद में कैल्शियम व आयरन भी अधिक मात्रा में पाया जाता है। अन्य अमरूद की अपेक्षा काले अमरूद में पोषक तत्वों की मात्रा 10 से 20 प्रतिशत अधिक होती है। 100 ग्राम काले अमरूद में लगभग 250 मिलीग्राम विटामिन-सी, विटामिन-ए और बी, कैल्शियम और आयरन के अतिरिक्त अन्य विटामिन और मिनरल्स होते हैं। इसके अलावा कुछ मात्रा में प्रोटीन और अन्य पौष्टिक तत्व भी पाये जाते हैं। यह स्वाद में बेहद मीठा व अंदर से इसका गूदा लाल रंग का होता है। इसके नियमित सेवन से आपकी त्वचा अच्छी रहती है और इसके एंटी एजिंग गुणों के कारण बुढ़ापे के लक्षण भी दूर रहते हैं।
काला अमरूद करे मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता
काले अमरूद में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। जिसके चलते शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और आप वायरस और बैक्टीरिया की चपेट में आने से बच सकते है।
त्वचा के लिए फायदेमंदः काले अमरूद का सेवन स्वास्थ्य के साथ-साथ त्वचा के लिए भी लाभदायक साबित होता है। क्योंकि इसमें विटामिन-सी के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं, इसलिए इसका सेवन करने से त्वचा स्वस्थ्य रहती है।
एनीमिया की शिकायत दूर करने में सक्षमः एनीमिया (खून में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी) से बचने के लिए काले अमरूद का सेवन फायदेमंद साबित होता है। क्योंकि काले अमरूद में आयरन की भरपूर मात्रा होती है, इसलिए काले अमरूद के सेवन से एनीमिया की शिकायत दूर होती है।
आंखों की बीमारी करे दूरः काले अमरूद में विटामिन-ए भी पाया जाता है, इसलिए काले अमरूद का सेवन आंखों की रोषनी बढ़ाने व आखों की अन्य समस्याओं के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।
इस प्रकार काले अमरूद का सेवन अनेक बीमारियों में फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि इसका एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है जिसके कारण अनेकों बीमारियों दूर हो जाती है। कब्ज, बवासीर व एनीमिया आदि बीमारियों में काला अमरूद रामबाण है।
काले अमरूद की खेती से किसानों को लाभ
बिहार कृषि विश्वविद्यालय की खोज के उपरांत भारत में काले अमरूद की खेती का अभी प्रथम चरण है। भारत के कुछ राज्यों में काले अमरूद की खेती/बागवानी शुरू की गई है। हिमाचल के सिरमौर, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर व बिहार में कई स्थानों पर इसकी खेती की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार काले अमरूद की खेती सर्द और शुष्क तापमान व दोमट मिट्टी में होती है। भारत की जलवायु और मिट्टी इस अमरूद के लिए उपयुक्त है। काले अमरूद की खेती के लिए पीएच मान 7 से 8 तक अच्छा माना गया है। औषधीय गुणों की वजह से इसके फलों में कीट और रोग लगने की संभावनाएं भी काफी कम होती है, जिसके कारण यह कम लागत पर अधिक उत्पादन व अधिक मुनाफा दे सकता है। क्योंकि काले अमरूद की खोज हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है, इसलिए इसकी खेती/बागवानी से किसानों को काफी फायदा हो सकता है।
पौधारोपण के लगभग 2-3 वर्षों के उपरांत पौधे से फल मिलना प्रारंभ हो जाता है। एक पेड़ से प्रतिवर्ष लगभग 60 से 70 किलो काला अमरूद प्राप्त हो जाता है। अगर कीमत की बात करें तो जहां आम अमरूद की कीमत 20 से 50 रूपये प्रति किलो होती है, वहीं काला अमरूद 150 से 200 रूपये प्रति किलो बिक जाता है।












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