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Gita Jayanti: क्यों मनाते हैं गीता जयंती और क्या कहती है आइंस्टीन से लेकर दुनिया भर की नामचीन हस्तियां

हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज का दिन दुनिया भर में गीता जयंती या गीता महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।

Gita Jayanti

पहली बार गीता जयंती 6 दिसंबर से 10 दिसंबर 2016 के बीच हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हरियाणा सरकार द्वारा 'अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती' के रूप में आयोजित की गई थी। जिसका उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया था। वर्ष 2016 के बाद 2018 को छोड़ कर लगभग हर साल अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती हरियाणा में सरकार द्वारा आयोजित की जाती है।

गीता जयंती क्यों और कब मनाई जाती है?

गीता जयंती हर वर्ष मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। शास्त्रों की मान्यताओं और विद्वानों के अनुसार आज से 5160 वर्ष पूर्व मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन ही भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था।

इस उपदेश का वर्णन संजय ने राजा धृतराष्ट्र को सुनाया था। संजय, वेदव्यास के शिष्य थे और उन्हें ऐसी दिव्य शक्ति प्राप्त थी कि वह युद्ध स्थल की पूरी घटना को वहां पर न मौजूद होते हुए भी देख और सुन सकते थे।

क्या है श्रीमद्भगवद्गीता में?

श्रीमद्भगवद्गीता कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर और योद्धा अर्जुन और उनके मार्गदर्शक भगवान श्रीकृष्ण के बीच का एक संवाद है। श्रीमद्भगवद्गीता में संस्कृत में लिखे गए 700 श्लोक है जिसमें 574 श्लोक भगवान श्री कृष्ण और 84 श्लोक अर्जुन द्वारा बोले गए हैं। इसके अलावा संजय द्वारा बोले गए 41 श्लोकों सहित धृतराष्ट्र का 1 श्लोक भी इसमें शामिल हैं। श्रीमद्भगवद्गीता को महाभारत के भीष्म पर्व में शामिल किया गया है, जिसमें कुरुक्षेत्र की लड़ाई के पहले दस दिनों का वर्णन है।

क्या है श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्याय?

श्रीमद्भगवद्गीता में कुल 18 अध्याय है, जिसकी सूची कुछ इस प्रकार है: अध्याय 1 - विषाद योग (46 श्लोक), अध्याय 2 - सांख्य योग (72 श्लोक), अध्याय 3 - कर्म योग (43 श्लोक), अध्याय 4 - ज्ञान योग (42 श्लोक), अध्याय 5 - कर्म वैराग्य योग (29 श्लोक), अध्याय 6 - अभ्यास योग (47 श्लोक), अध्याय 7 - परमहंस विज्ञान योग (30 श्लोक), अध्याय 8 - अक्षर परब्रह्मण योग (28 श्लोक), अध्याय 9 - राजविद्या गुह्य योग (34 श्लोक), अध्याय 10 - विभूति-विस्तार-योग (42 श्लोक), अध्याय 11 - विश्वरूप दर्शन योग (55 श्लोक), अध्याय 12 - भक्ति योग (20 श्लोक), अध्याय 13 - क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग (35 श्लोक), अध्याय 14 - गुणत्रय विभाग योग (27 श्लोक), अध्याय 15 - पुरुषोत्तम योग (20 श्लोक), अध्याय 16 - दैवासुर-संपद-विभाग योग (24 श्लोक), अध्याय 17 - श्राद्धत्रय-विभाग योग (28 श्लोक), और अध्याय 18 - मोक्ष उपदेश योग (78 श्लोक)

गीता के बारे में प्रसिद्ध व्यक्तियों ने क्या-क्या कहा?

अल्बर्ट आइंस्टाइन: अल्बर्ट आइंस्टीन जर्मनी के मशहूर भौतिक विज्ञानी थे। आइंस्टाइन भी श्रीमद्भगवद्गीता से बहुत प्रभावित थे। उन्होंने एकबार कहा था कि "जब मैंने श्रीमद्भगवद्गीता को पढ़ा तो मुझे पता चला कि ईश्वर ने कैसे दुनिया को बनाया है और मुझे यह अनुभव हुआ कि प्रकृति ने हर वस्तु कितनी प्रचुरता में प्रदान की है।"

हेनरी डेविड थोरेयू: हेनरी डेविड थोरेयू एक अमेरिकी प्रकृतिवादी, निबंधकार, कवि और दार्शनिक थे। हेनरी भारतीय दर्शन एवं अध्यात्म से बहुत प्रभावित थे। हेनरी ने अपनी मशहूर किताब 'वाल्डेन' में श्रीमद्भगवद्गीता का कई बार जिक्र किया हैं।

जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर: जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर, अमेरिकी भौतिक विज्ञानी थे और उन्हें परमाणु बम के जनक भी कहा जाता है। रॉबर्ट द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के हिरोशिमा और नागासकी पर किए गए परमाणु हमले में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। परमाणु हमले के बाद रोबर्ट ने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा था कि उन्हें उस वक्त भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश याद आया, जब भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि तुम केवल अपना कर्त्तव्य निभाओ। ओपेनहाइमर ने यह भी कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता ने उनके जीवन में सबसे ज्यादा प्रभाव डाला है।

सुनीता विलियम्स: भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स अमेरिकी अंतरिक्ष वैज्ञानिक और नौसेना अधिकारी थी, जिनके नाम अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा वक्त तक चलने का रिकॉर्ड है। जब वह अंतरिक्ष मिशन के लिए जा रही थीं, तो उस वक्त अपने साथ भगवान गणेश की मूर्ति और श्रीमद्भगवद्गीता लेकर गईं थी। इससे संबंधित सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि "गीता के जरिए मुझे चीजों को समझने में मदद मिली है कि जो मैं कर रही हूं, उसे करने का कारण क्या है। साथ ही मुझे अपने जीवन का उद्देश्य समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा मुझे अपने आपको जमीन से जुड़े रहने का भी सबक मिला है।"

वारेन हेस्टिंग्स: ब्रिटिश साम्राज्यवाद के दौर में बंगाल के गवर्नर, वारेन हेस्टिंग्स ने गीता के अंग्रेजी अनुवाद में अहम भूमिका निभाई थी। उस वक्त वारेन हेस्टिंग्स ने कहा था कि "श्रीमद्भगवद्गीता महान मौलिकता का प्रदर्शन, मानव के उद्भव की पराकाष्ठा, तर्क और कल्पना का अप्रतिम रुप है, और मानव जाति के सभी ज्ञात धर्मों के बीच एकल अपवाद है।"

ह्यू जैकमैन: हॉलीवुड सुपरस्टार ह्यूग जैकमैन हिंदू धर्म से काफी प्रभावित रहे हैं। उन्होंने कई साक्षात्कार में कहा है कि उन्हें भारत का अध्यात्म आकर्षित करता है। वह उपनिषद, श्रीमद्भगवद्गीता को पढ़ते हैं। एक बार उन्होंने कहा कि "जिन धार्मिक ग्रंथों के उपदेशों का हम पालन करते हैं वह पूरब और पश्चिम का मिश्रण है, चाहे सुकरात के हो या फिर उपनिषद और श्रीमद्भगवद्गीता।"

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